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अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले घुसपैठ के प्रयासों में तेजी आई, सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे अधिकारी चिंतित

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: June 16, 2023 15:44 IST

अमरनाथ यात्रा 1 जुलाई से शुरू होने वाली है। पाकिस्तान से सटी जम्मू कश्मीर की 814 किमी लंबी एलओसी और 264 किमी लंबे इंटरनेशनल बार्डर पर घुसपैठ के प्रयासों में हाल के दिनों में बिजली सी तेजी आ गई है। बढ़ते घुसपैठ के प्रयासों ने रक्षाधिकारियों को चिंता में डाल दिया है।

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ठळक मुद्देअमरनाथ यात्रा 1 जुलाई से शुरू होने वाली हैएलओसी और इंटरनेशनल बार्डर पर घुसपैठ के प्रयासों में तेजी आईसुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे अधिकारी चिंतित

जम्मू: अमरनाथ यात्रा की उल्टी गिनती शुरू होने के साथ ही एलओसी और इंटरनेशनल बार्डर पर घुसपैठ के प्रयासों में तेजी आई है। सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे अधिकारी चिंता प्रकट करने लगे हैं कि घुसपैठियों का निशाना अमरनाथ यात्रा हो सकती है। हालांकि एक अधिकारी के अनुसार, गर्मियों में बर्फ के पिघलने के साथ ही एलओसी पर घुसपैठ के प्रयासों में तेजी आने का क्रम कई साल पुराना है।

पाकिस्तान से सटी जम्मू कश्मीर की 814 किमी लंबी एलओसी और 264 किमी लंबे इंटरनेशनल बार्डर पर घुसपैठ के प्रयासों में हाल के दिनों में बिजली सी तेजी आ गई है। बढ़ते घुसपैठ के प्रयासों ने रक्षाधिकारियों को चिंता में डाल दिया है। शुक्रवार, 16 जून को भी एलओसी पर पांच घुसपैठियों को ढेर कर दिया गया।

इस साल 16 जून तक ऐसे 15 घुसपैठियों को मार गिराया गया है। इस साल जनवरी से लेकर मध्य जून तक मारे गए घुसपैठियों में से सिर्फ दो ही इंटरनेशनल बार्डर पर मारे गए तो एलओसी पर मरने वाले 13 घुसपैठियों में एक महिला भी थी। फिलहाल आज तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है।

मई महीने में सबसे अधिक घुसपैठ के प्रयास हुए हैं। पांच ऐसे प्रयासों को नाकाम बनाते हुए चार को तो मार गिराया गया जबकि चार को पकड़ लिया गया। इनमें आतंकी भी थे और नशीले पदार्थों के तस्कर भी। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि 16 मई को बारामुल्ला के कमालकोट में मारी जाने वाली महिला घुसपैठिया आतंकी थी या फिर तस्कर। पिछले महीने भी तीन प्रयासों में 8 घुसपैठिए तारे गए हैं।

हालांकि महिला के बारे में शंका यह भी है कि उस पार से भटक कर इस ओर आने वाली भी हो सकती है क्योंकि अक्सर पाक कब्जे वाले कश्मीर के लोग सुनहरे सपनों को लेकर इस कश्मीर या फिर मायानगरी मुंबई तक जाने के लिए भारत में प्रवेश करने के लिए एलओसी को सबसे आसान रास्ता मानते हैं। अतीत में ऐसी अनेकों घटनाएं हो चुकी हैं। दरअसल 24 अप्रैल को भी ऐसा ही हुआ था जब एक बाप बेटे को एलओसी पार करने के जुर्म में पकड़ा गया था तो वे सुनहरे सपने लेकर इस ओर आ गए थे। बाद में उन्हें पाक सैनिकों के हवाले कर दिया गया था।

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