लाइव न्यूज़ :

उत्तरी डोकलाम में चीनी सेना की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए भूटान को प्रेरित करना चाहिए- संसदीय समिति

By भाषा | Updated: August 13, 2018 01:04 IST

कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व वाली विदेश मामलों पर संसदीय समिति ने महसूस किया कि क्षेत्र में भारत के सामरिक हितों की रक्षा के लिए उत्तरी डोकलाम में सैनिकों की संख्या बढ़ाना जरूरी है।

Open in App

नई दिल्ली. 13 अगस्त: भारत को सिक्किम क्षेत्र के उत्तरी डोकलाम के आसपास सैनिकों की तैनाती बढ़ाने के लिए भूटान को प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि इस संवेदनशील क्षेत्र में चीनी सेना की गतिविधियों पर रोक लगायी जा सके। यह बात एक संसदीय समिति ने अपनी मसौदा रिपोर्ट में कही है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व वाली विदेश मामलों पर संसदीय समिति ने महसूस किया कि क्षेत्र में भारत के सामरिक हितों की रक्षा के लिए उत्तरी डोकलाम में सैनिकों की संख्या बढ़ाना जरूरी है।मसौदा रिपोर्ट गत छह अगस्त को समिति के सदस्यों के बीच प्रसारित की गई थी। हालांकि इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि समिति क्षेत्र में भारतीय सैनिकों की तैनाती बढ़ाने के पक्ष में है या नहीं। भारत और चीन के सैनिक सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में गत वर्ष 16 जून से 73 दिन तक उस समय आमने सामने रहे थे जब भारतीय पक्ष ने विवादास्पद ट्राई जंक्शन में चीन की सेना द्वारा एक सड़क का निर्माण रोक दिया था।। 

भूटान और चीन के बीच डोकलाम को लेकर विवाद है और दोनों देश मुद्दे को सुलझाने के लिए वार्ता कर रहे हैं।संसदीय समिति ने यह सुझाव भी दिया कि हालांकि भारतीय और चीनी सेना के बीच गत वर्ष हुआ आमना सामना शांतिपूर्वक सुलझ गया है लेकिन भारत को डोकलाम क्षेत्र में सतर्क रहना चाहिए और निगरानी रखनी चाहिए। समिति ने इसका उल्लेख किया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने बटांगला..मेरूगला..सिंचेला रिजलाइन में भूटानी सैनिकों की गैरमौजूदगी का लाभ उठाया जो कि भूटान में है। उसने कहा कि इसलिए समिति सिफारिश करती है कि उत्तरी डोकलाम में अधिक संख्या में सैनिकों की तैनाती हो। भारत को भूटान को इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि चीनी सेना को ट्राई..जंक्शन बिंदु की सीमा से आगे बढ़ने से रोका जा सके।इस 31 सदस्यीय समिति के सदस्य राहुल गांधी भी हैं जिसमें बहुसंख्यक सदस्य भाजपा से हैं। समिति के कुछ सदस्यों ने सिक्किम और अरूणाचल प्रदेश में जमीनी स्थिति का जायजा लेने और वहां वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करने के लिए दोनों राज्यों का दौरा किया। समिति को पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर और उनके उत्तराधिकारी विजय गोखले द्वारा कई बार स्थिति को लेकर अवगत कराया गया है। समिति के सूत्रों ने बताया कि विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने समिति को सूचित किया था कि भूटान इस मुद्दे पर मजबूती से भारत के साथ है। सूत्रों ने बताया कि चर्चा के दौरान गांधी ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से चीन के उद्देश्य और इसे लेकर भी सवाल किये थे कि चीन ने टकराव शुरू करने के लिए डोकलाम को ही क्यों चुना। 

खेल जगत से जुड़ी हिंदी खबरों और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें। यूट्यूब चैनल यहां सब्सक्राइब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट।

टॅग्स :डोकलामचीनइंडिया
Open in App

संबंधित खबरें

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

भारतमाफ कीजिए मुनिश्रीजी, आप गलत बोल गए

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स

भारतImport Duty Cut: सरकार ने आज से 41 वस्तुओं पर हटाया आयात शुल्क, चेक करें पूरी लिस्ट

भारत अधिक खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए