लाइव न्यूज़ :

वायुसेना पूर्वी लद्दाख में रात के समय कर रही है हवाई गश्त, चीन के पीछे हटने के बावजूद भी है पूरी तरह सतर्कः सूत्र

By भाषा | Updated: July 7, 2020 22:37 IST

चीन के कुछ क्षेत्रों में सैनिकों को वापस बुलाये जाने की प्रक्रिया शुरू किये जाने के बावजूद सेना और भारतीय वायुसेना दोनों वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर कड़ी सतर्कता बनाये रखेगी।

Open in App
ठळक मुद्देभारतीय वायु सेना पर्वतीय पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में रात के समय में हवाई गश्तों को अंजाम दे रही है।सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

नई दिल्लीः अपनी हवाई ताकत का प्रदर्शन करते हुए भारतीय वायु सेना पर्वतीय पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में अपनी उच्च स्तर की तत्परता को बनाये रखने के लिए रात के समय में हवाई गश्तों को अंजाम दे रही है। सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि क्षेत्र में टकराव वाले कुछ बिंदुओं से चीनी सैनिकों के पीछे हटने के बावजूद अपने उच्च स्तर की तैयारी बनाये रखने संबंधी फैसले के तहत भारतीय वायुसेना क्षेत्र में रात के समय गश्त कर रही है।उन्होंने बताया कि अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू जेट विमानों द्वारा दिन और रात के समय चलाये जाने वाले अभियान इस बात का संकेत है कि भारत तब तक चीन पर दबाव बनाना जारी रखेगा जब तक कि पैंगोंग सो, हॉट स्प्रिंग्स और गोग्रा समेत पूर्वी लद्दाख में सभी क्षेत्रों में यथास्थिति बहाल नहीं हो जाती। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘इस मोड़ पर हमारी चौकसी को कम करने का कोई सवाल ही नहीं है।’’ 

भारतीय वायुसेना रखेगी एलएसी पर कड़ी नजर

सूत्रों ने बताया कि चीन के कुछ क्षेत्रों में सैनिकों को वापस बुलाये जाने की प्रक्रिया शुरू किये जाने के बावजूद सेना और भारतीय वायुसेना दोनों वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर कड़ी सतर्कता बनाये रखेगी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार को टेलीफोन पर बात की थी जिसमें वे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से सैनिकों के ‘‘तेजी से’’ पीछे हटने की प्रक्रिया को पूरा करने पर सहमत हुए थे, जिसके बाद सोमवार की सुबह सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।

पिछले कुछ दिनों में वायुसेना ने चीन के साथ बढ़ रहे सीमा तनाव के मद्देनजर एलएसी के साथ हवाई क्षेत्र की निगरानी करने वाले अपने सभी प्रमुख ठिकानों पर अपने अग्रिम पंक्ति के जेट विमानों, हेलीकाप्टरों और परिवहन बेड़े की तैनाती को काफी बढ़ाया है।

भारतीय वायुसेना के विमानों की बड़ी में है तैनातीसूत्रों ने बताया कि भारतीय वायुसेना ने सी -17 ग्लोबमास्टर III के साथ-साथ सी -130 जे सुपर हरक्यूलिस को उतारा है ताकि क्षेत्र में भारत की सैन्य तैयारियों को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने बताया कि बल पहले ही लेह और श्रीनगर सहित कई प्रमुख हवाई ठिकानों पर सुखोई 30 एमकेआई, जगुआर, मिराज 2000 विमानों को बड़ी संख्या भेज चुका है।

भारत और चीन की सेनाओं के बीच पिछले सात सप्ताह से पूर्वी लद्दाख में कई स्थानों पर गतिरोध बना हुआ है लेकिन स्थिति तब बिगड़ गई जब 15 जून को गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 सैन्यकर्मी वीरगति को प्राप्त हो गए। झड़प में चीनी सेना को भी नुकसान पहुंचने की खबरें हैं लेकिन इसका विवरण अभी नहीं आया है। क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए पिछले कुछ सप्ताह से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर कई बार वार्ता हो चुकी है। 

टॅग्स :लद्दाखचीनइंडियन एयर फोर्स
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वकतर, सऊदी अरब और यूएई के अनुरोध पर ईरान पर हमला नहीं किया, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा-युद्ध में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान पर कोई बात नहीं

विश्वराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा, ताइवान का जिक्र नहीं?, व्हाइट हाउस ने फैक्ट शीट जारी किया

विश्वशी जिनपिंग और ट्रंप में बनी सहमति! ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज संकट पर चीन दौरे के बाद ट्रंप का बड़ा खुलासा

विश्वहाथ में हाथ, दोस्ती का साथ..., बीजिंग पहुंचे ट्रंप ने शी जिनपिंग को बताया खास दोस्त कहा- "आपका मित्र होना मेरे लिए सम्मान की बात है"

विश्वभारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान की मदद करने की बात स्वीकारने पर चीन को लगाई फटकार

भारत अधिक खबरें

भारतPM मोदी और मेलोनी की वायरल सेल्फी से फिर चर्चा में आया रोम का कोलोसियम

भारतडिप्लोमेसी, डिनर और कोलोसियम की सैर; पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की यादगार मुलाकात, देखें इटली दौरे की खास झलकियाँ

भारतPharmacy Strike Today: आज बंद रहेंगी दवा दुकानें! आज देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे दवा विक्रेता, मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी

भारतWeather Today: आज बाहर निकलने से पहले देख लें वेदर अपडेट! दिल्ली में हीटवेव तो बेंगलुरु में बारिश की संभावना

भारतईमानदारी के अभाव में शातिर बन जाती है समझदारी