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दुश्मन के टैंकों को धुआं-धुआं कर देगी 'स्ट्रम अटाका' मिसाइल, भारतीय वायुसेना के बेड़े में होगी शामिल, रूस से 200 करोड़ का करार

By रोहित कुमार पोरवाल | Updated: June 30, 2019 17:09 IST

रूस के साथ 'स्ट्रम अटाका' मिसाइल के लिए करार इमरजेंसी क्लॉज के तहत हुआ है, इसका मतलब है कि सौदे पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद तीन महीने के अंदर भारत को मिसाइल सप्लाई की जा सकेंगी। 

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ठळक मुद्देभारत ने एंटी टैंक मिसाइलें खरीदने के लिए रूस से करार किया है। भारत रूस से 200 करोड़ रुपये के करार के जरिये 'स्ट्रम अटाका' मिसाइलें ले रहा है।

पाकिस्तान के बालाकोट में अंजाम दी गई वायुसेना की एयर स्ट्राइक की तरह हमेशा जंग के लिए तैयार रहने वाली स्थिति को और मजबूत करने के लिए भारत ने रूस से एक खतरनाक मिसाइल खरीदने का सौदा किया है। भारत रूस से 'स्ट्रम अटाका' नाम की एंटी-टैंक मिसाइल खरीद रहा है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल एमआई-35 लड़ाकू हेलिकॉप्टर में स्ट्रम अटाका को लोड किया जा सकेगा। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सृत्रों ने बताया है कि रूस के साथ स्ट्रम अटाका मिसाइल के लिए करार इमरजेंसी क्लॉज के तहत हुआ है, इसका मतलब है कि सौदे पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद तीन महीने के अंदर भारत को मिसाइलें सप्लाई की जा सकेंगी। 

एंटी-टैंक मिसाइलों के लिए भारत ने रूस से 200 करोड़ रुपये का करार किया है। ये मिसाइलें भारतीय वायुसेना के एमआई-35 अटैक हेलिकॉप्टरों के जरिये दुश्मन देश के टैंकों और अन्य हथियारों को निशाना बनाकर उन्हें नेस्तनाबूत कर देंगी।

एमआई-35 अटैक हेलिकॉप्टर वर्तमान में भारतीय वायुसेना में इस्तेमाल में हैं। जल्द ही उन्हें अमेरिका से खरीदे जा रहे 'अपाचे गनशिप' से बदल दिया जाएगा, जोकि अगले महीने से भारत को मिलने लगेंगे।

भारत अर्से से रूस से ये मिसाइलें लेनी की कोशिश करता आ रहा था लेकिन एक दशक से ज्यादा समय के बाद आपातकालीन प्रावधानों के तहत सौदा हुआ। 

भारतीय थलसेना के बाद भारतीय वायुसेना आपातकालीन प्रावधावों के तहत हथियारों को खरीदने की दौड़ में सबसे आगे मानी जा रही है। आपातकालीन प्रावधानों के तहत भारत ने स्पाइस-2000 स्टैंड ऑफ वेपन सिस्टम खरीदा था।

भारतीय सेना फ्रांस से स्पाइक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल और रूस से इगला-एस एयर डिफेंस सिस्टम आपातकालीन प्रावधानों की प्रकिया के तहत खरीद रहा है। 

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, आपातकालीन प्रावधानों के तहत सौदा करने पर सेना की तीनों शाखाओं की ताकत में इजाफा किया जा सकता है और वे अपनी पसंद के हर मामले में 300 करोड़ रुपये तक के हथियार खरीद सकती हैं। 

बता दें कि बीती 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना को इमरजेंसी पावर दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक भारत ने सीमा पर निगरानी बढ़ाना शुरू कर दिया है।

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