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Bihar Elections 2025: विधानसभा चुनाव को देखते हुए बिहार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा-व्यवस्था किया सख्त, 23 जिलों में बनाए गए 393 चेकपोस्ट

By एस पी सिन्हा | Updated: September 23, 2025 17:28 IST

विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए बिहार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राज्य पुलिस मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि गैरकानूनी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए बिहार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। 

राज्य के 23 जिलों में 393 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जिनमें 50 एसएसबी पोस्ट भी शामिल हैं। शराब, हथियार और नकदी की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ सीधा तालमेल किया जा रहा है। प्रशासन की रणनीति साफ है कि इस बार चुनाव में किसी भी गैरकानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मद्य निषेध एडीजी अमित जैन ने बताया कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए 23 सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल से आने वाली हर गतिविधि पर सख्त नजर रखी जाएगी। 

17 सितंबर को डीजीपी विनय कुमार सिंह की अगुवाई में वर्चुअल बैठक हुई जिसमें यूपी, झारखंड और बंगाल पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। तय हुआ कि सीमा पार अवैध गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जाएगी और सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान होगा। साथ ही पकड़ी गई शराब पर क्यूआर कोड स्कैनिंग से माफियाओं तक कार्रवाई पहुंचेगी। 

पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि हर चेकपोस्ट पर पर्याप्त सुरक्षाबल, सीसीटीवी, बॉडी वॉर्न कैमरे और मोबाइल पेट्रोलिंग की व्यवस्था हो। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। मद्य निषेध विभाग भी सक्रिय हो गया है ताकि चुनावी मौसम में शराब की तस्करी और खपत पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। 

राज्य पुलिस मुख्यालय ने सीमाओं पर निगरानी का पूरा खाका तैयार किया है। कुल 393 चेकपोस्ट बनाए गए हैं। इनमें से 50 एसएसबी के हैं, जबकि 176 मिरर चेकपोस्ट भी स्थापित किए जा रहे हैं। इन मिरर पोस्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पड़ोसी राज्यों से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला कोई भी अवैध सामान बिहार में प्रवेश न कर सके। 

बिहार में शराबबंदी लागू है और चुनाव के दौरान शराब की अवैध सप्लाई हमेशा से बड़ी चुनौती रही है। इस बार प्रशासन ने खास रणनीति बनाई है। पकड़े गए शराब पर क्यूआर कोड के जरिए उसके स्रोत की जांच होगी। इससे माफिया के नेटवर्क को पकड़ने में मदद मिलेगी। 

क्यूआर कोड से यह जानकारी मिलेगी कि शराब किस रिटेलर या होलसेलर से जुड़ी है। चुनाव में जनता की सबसे बड़ी चिंता होती है सुरक्षा और स्वतंत्र माहौल। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता यही होगी कि लोग बिना किसी डर और दबाव के मतदान कर सकें। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए जाएंगे। साथ ही, हर चेकपोस्ट पर पर्याप्त फोर्स मौजूद रहेगी।

टॅग्स :बिहार विधानसभा चुनाव 2025बिहारBihar Police
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