पटना: बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री एवं जदयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने रविवार को तंज कसा है। दरअसल, तेजस्वी यादव पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय खान-पान को लेकर बयान दे रहे थे। पूरा माजरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बंगाल में झालमुड़ी खाने से जुड़ा है। तेजस्वी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा था कि बिहार में चुनाव होता है तो सत्तू खाते थे और बंगाल में चुनाव हो रहा है तो झालमुड़ी खा रहे हैं।
इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय चौधरी ने कहा कि अलग-अलग राज्यों में वहां के खान-पान का जिक्र करना सामान्य बात है। विजय चौधरी ने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि तेजस्वी यादव अपने रुख में बदलाव लाएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार को लेकर जिस तरह की बातें बंगाल में कही गईं, उस पर लोगों को खुद विचार करना चाहिए। वहीं, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर रविवार को जब पत्रकारों ने विजय कुमार चौधरी से इस बारे में सटीक तारीख पूछी तो उन्होंने सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द होगा। इसमें कोई देरी वाली बात नहीं है, बस कुछ औपचारिकताओं और चर्चाओं का दौर चल रहा है। हालांकि उन्होंने किसी तिथि की घोषणा नहीं की, लेकिन
सूत्रों की मानें तो भाजपा और जदयू के शीर्ष नेतृत्व के बीच विभागों के बंटवारे पर सहमति बन चुकी है। माना जा रहा है कि इस बार भी नीतीश कुमार अपने पुराने भरोसेमंद चेहरों को ही प्राथमिकता देंगे, ताकि प्रशासनिक निरंतरता बनी रहे। विजय कुमार चौधरी ने निशांत कुमार को लेकर भी अपनी बातें मीडिया के समक्ष रखी। दरअसल, पिछले कुछ समय से जदयू के अंदरखाने यह मांग उठती रही है कि निशांत कुमार को राजनीति में आना चाहिए।
इसी मांग को दोहराते हुए विजय चौधरी ने इस चर्चा को और हवा देते हुए कहा कि निशांत कुमार पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं। वे अब पार्टी के कार्यक्रमों और गतिविधियों में सक्रिय हो रहे हैं। पार्टी का हर एक कार्यकर्ता और नेता यह चाहता है कि वे भविष्य में और भी बड़ी और सक्रिय भूमिका निभाएं। बता दें कि निशांत कुमार अब तक खुद को कैमरों और सक्रिय राजनीति से दूर रखते आए हैं। लेकिन विजय चौधरी जैसे वरिष्ठ नेता का उन्हें ‘सर्वमान्य’ कहना यह संकेत दे रहा है कि जदयू के भीतर भविष्य के नेतृत्व को लेकर मंथन शुरू हो चुका है।
जानकारों का मानना है कि यदि निशांत सक्रिय होते हैं तो वे पार्टी के भीतर एक सेतु का काम कर सकते हैं। विजय चौधरी के बयान से यह साफ है कि सरकार के भीतर ‘सब कुछ ठीक है’ का संदेश देने की कोशिश की जा रही है। लेकिन विभागों के भारी-भरकम बोझ को देखते हुए, मंत्रियों की कमी प्रशासनिक कार्यों में बाधा बन रही है। यही कारण है कि आने वाले 48 से 72 घंटों के भीतर राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
उल्लेखनीय है कि बिहार की नई सम्राट सरकार में फिलहाल 2 मंत्री हैं। 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिया था। उनके साथ उपमुख्यमंत्री के रूप में विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने शपथ लिया था। सम्राट चौधरी के पास 29 विभाग, विजय चौधरी के पास 10 विभाग और बिजेंद्र यादव के पास 8 विभाग है।