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"सुप्रीम कोर्ट ने राहत नहीं दी तो हम मान्यता देंगे लेकिन यूपी में चलेंगे मदरसे", योगी सरकार के मंत्री ओपी राजभर ने कहा

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: April 2, 2024 07:25 IST

योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि यूपी सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों के शिक्षा के लिए मदरसों को मान्यता देगी।

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ठळक मुद्देयोग सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों के शिक्षा के लिए मदरसों को मान्यता देगीयोगी सरकार के मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर ने कहाअगर मदरसों केस में सुप्रीम कोर्ट ने ओर से कोई राहत नहीं मिलती है तो हम देंगे उन्हें मान्यता

वाराणसी:उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने बीते सोमवार को कहा कि योगी सरकार राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों के शिक्षा के लिए मदरसों को मान्यता देगी, उन्हें चलाने की अनुमति देगी क्योंकि यूपी में सभी जगहों पर समान शिक्षा लागू की जाएगी।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार ओपी राजभर ने कहा, "हमारे अधिकारी इस बात पर गंभीर चर्चा कर रहे हैं कि हम इलाहाबाद हाईकोर्ट के दिये फैसले में क्या कर सकते हैं। कुछ मित्र मदरसा बोर्ड की ओर से सुप्रीम कोर्ट गए हैं। कोर्ट से जो भी फैसला आएगा, उसे देखा जाएगा लेकिन यह तय है कि यूपी सरकार 'सबका साथ-सबका विकास' के लिए प्रतिबद्ध है।"

उन्होंने कहा, "अगर मदरसों के मान्यता देने में सुप्रीम कोर्ट ने ओर से कोई राहत नहीं मिलती है तो हम मान्यता देंगे लेकिन यूपी में मदरसे चलेंगे और सभी जगह समान शिक्षा लागू की जाएगी।"

मालूम हो कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 2004 को "असंवैधानिक" और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन घोषित किया था।

इलाहाबाद की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 2004 को कानून को अधिकार क्षेत्र से बाहर घोषित करते हुए राज्य सरकार को आदेश दिया है कि मदरसों में पढ़ रहे वर्तमान छात्रों को औपचारिक स्कूली शिक्षा प्रणाली में समायोजित किया जाए।

इस संबंध में न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने अंशुमान सिंह राठौड़ नामक व्यक्ति द्वारा दायर रिट याचिका पर यह फैसला सुनाया था।

न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा, "चूंकि यूपी राज्य में बड़ी संख्या में मदरसे और उनमें पढ़ने वाले छात्र हैं, इसलिए राज्य सरकार को निर्देश दिया जाता है कि वह इन मदरसा छात्रों को प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के तहत मान्यता प्राप्त नियमित स्कूलों और हाई स्कूल और इंटरमीडिएट शिक्षा के तहत मान्यता प्राप्त स्कूलों में समायोजित करने के लिए तुरंत कदम उठाए।"

इसके साथ ही दोनों न्यायधीशों के खंडपीठ ने कहा, "कोर्ट द्वारा दिये जा रहे उक्त उद्देश्य पर राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मदरसा छात्रों की आवश्यकता के अनुसार यूपी बोर्ड के शिक्षण संस्थान में पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएं और यदि आवश्यक हो तो इसके लिए पर्याप्त संख्या में नए स्कूलों को स्थापित किया जाए।''

टॅग्स :ओम प्रकाश राजभरयोगी आदित्यनाथउत्तर प्रदेशAllahabad High Courtसुप्रीम कोर्ट
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