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पीयूष गोयल ने मोदी सरकार को घेरने की राहुल गांधी की कोशिश कर दी नाकाम, संसद में सूची पेश, अंबानी को एक भी ठेका नहीं

By हरीश गुप्ता | Updated: February 15, 2021 08:04 IST

खाद्य व उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में 93 ठेकों की पूरी सूची पेश की है जिसमें देश में अनाज भंडारण की क्षमता बढ़ाने के लिए निजी कंपनियों को दिए गए ठेकों का जिक्र है। इससे पता चलता है कि अंबानी को एक भी ठेका नहीं मिला है।

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ठळक मुद्देसरकार ने पेश की खाद्य सामग्री के भंडारण की क्षमता बढ़ाने के लिए निजी कंपनियों को दिए गए ठेकों की लिस्टलिस्ट के अनुसार 93 में से अंबानी को एक भी ठेका नहीं मिला है, वहीं अदानी को केवल 9 ही ठेके मिले हैं निजी उद्यम गारंटी योजना का सबसे ज्यादा लाभ कनाडा के प्रेम वत्स को मिला है

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 2014 से लेकर अब तक भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और भाजपा शासित राज्यों से अनाज के भंडारण के लिए अंबानी, अदानी को मिले ठेकों की सूची मांगकर सरकार को घेरने की कोशिश की थी.

खाद्य व उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में 93 ठेकों की पूरी सूची ही पेश करके राहुल की कोशिश को नाकाम कर दिया. गोयल द्वारा लिखित जवाब के तहत पेश विस्तृत रिपोर्ट में खाद्य सामग्री के भंडारण की क्षमता बढ़ाने के लिए निजी कंपनियों को दिए गए ठेकों का खुलासा कर दिया.

अनाज भंडारण की लिस्ट: 14 पेज की रिपोर्ट, हर साल का लेखाजोखा

वर्ष-दर-वर्ष आधार पर पेश रिपोर्ट में हर ठेके की रकम का भी स्पष्ट खुलासा किया गया है. 14 पेज की रिपोर्ट के मुताबिक इन 93 ठेकों में अंबानी को जहां एक भी ठेका नहीं मिला, वहीं अदानी को केवल 9 ही ठेके मिले हैं.

सबसे बड़ा लाभार्थी निजी निवेश को आकर्षित करने वाली निजी उद्यम गारंटी (पीईजी) योजना का सबसे ज्यादा लाभ मिला कनाडा के प्रेम वत्स को, जो फेयरफेक्स इंडिया के मालिक हैं. यही कंपनी नेशनल कोलेटरल मैनेजमेंट सर्विसेज लि. (एनसीएमएल) की भी मालिक है.

वत्स को एफसीआई से जहां 15 ठेके मिले, वहीं राज्य सरकारों ने उन्हें कोई ठेका नहीं दिया. संयोगवश तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के मामले में कनाडा के ही प्रधानमंत्री मुखर होकर विवादों में घिर गए थे.

मनमोहन सिंह ने शुरू की थी पीईजी योजना

पीईजी योजना मनमोहन सिंह सरकार ने 2008 में लांच की थी, लेकिन राहुल गांधी ने पीयूष गोयल से केवल मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद की ही सूची मांगी थी.

पीईजी योजना के तहत निजी कंपनियां बीओओ (बिल्ड, ऑपरेट, ओन) और बॉट (बिल्ड , ऑपरेट, ट्रांसफर) में से किसी भी एक मॉडल को अपना सकती हैं. निजी कंपनियों के यह गोदाम एफसीआई और राज्य सरकारें किराये पर लेती हैं.

निजी कंपनियों के साथ खाद्य भंडार

किसका अनुबंधसंख्या
एफसीआई50
झारखंड22
उत्तराखंड1
हिमाचल प्रदेश10
असम1
जम्मू-कश्मीर7
उत्तर प्रदेश1
तमिलनाडु1
कुल93
टॅग्स :नरेंद्र मोदीराहुल गांधीसंसद बजट सत्रपीयूष गोयललोकसभा संसद बिल
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