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Govindganj Vidhan Sabha: बिहार की इस सीट की सियासी जंग हर बार होती है दिलचस्प, क्या आगामी चुनाव में आएगा कोई नया मोड़

By एस पी सिन्हा | Updated: June 17, 2025 15:55 IST

गोविंदगंज विधानसभा क्षेत्र, जो बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में स्थित है, हमेशा से ही राजनीतिक हलचल का केंद्र रहा है। यहां की सियासत में हर चुनाव के साथ कुछ नया और दिलचस्प देखने को मिलता है।

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पटना: बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से गोविंदगंज विधानसभा सीट 14वें स्थान पर है। वर्ष 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में गोविंदगंज सीट पर भाजपा के उम्मीदवार सुनील मणि तिवारी ने 65716 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी ब्रजेश कुमार को हराया, जिनके हिस्से 37936 वोट आया था। ऐसे में इसबार होने जा रहे विधानसभा चुनाव में क्या गोविंदगंज की सियासी जमीन पर अगले चुनाव में कोई नया मोड़ आएगा? क्या भाजपा अपनी स्थिति को बनाए रखेगी या फिर कांग्रेस कोई नया चेहरा पेश करेंगे? समय बताएगा। 

लेकिन एक बात तो तय है, गोविंदगंज की सियासी जंग हर बार दिलचस्प होती है, और यह सीट बिहार की राजनीति में अहम बनी हुई है। गोविंदगंज विधानसभा क्षेत्र, जो बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में स्थित है, हमेशा से ही राजनीतिक हलचल का केंद्र रहा है। यहां की सियासत में हर चुनाव के साथ कुछ नया और दिलचस्प देखने को मिलता है। इस सीट पर हर पार्टी अपने-अपने दांव चलती है, और मतदाता भी हर बार अपने चुनावी फैसले से सबको चौंका देते हैं। 

पिछले तीन विधानसभा चुनावों की बात करें तो, गोविंदगंज की राजनीति ने बहुत से उतार-चढ़ाव देखे हैं। 2020 में गोविंदगंज विधानसभा में सुनील मणि तिवारी भाजपा ने अपनी कड़ी मेहनत और मजबूत प्रचार से चुनावी मैदान में जीत हासिल की। यह चुनावी जीत भाजपा के लिए एक बड़ी राहत थी, क्योंकि इससे पहले इस सीट पर उनकी स्थिति उतनी मजबूत नहीं थी। सुनील मणि तिवारी ने यह साबित किया कि गोविंदगंज में भाजपा का अपना वोट बैंक है, और पार्टी के प्रचार में आक्रामकता ही उनका जीतने का मंत्र बना। 

2015 में गोविंदगंज सीट पर जब मतदाताओं ने अपने वोट डाले, तो यह सीट लोजपा के लिए बहुत ही अहम साबित हुई। लोजपा के उम्मीदवार राजू तिवारी ने कांग्रेस के बृजेश कुमार को हराकर शानदार जीत हासिल की। राजू तिवारी को 74,685 वोट मिले थे, जो कांग्रेस के उम्मीदवार से काफी ज्यादा थे। इस चुनाव ने साबित किया कि लोजपा इस क्षेत्र में भी मजबूत पकड़ बना सकती है, खासकर उन मतदाताओं के बीच जो समाजवादी विचारधारा से जुड़ते हैं। 

लोजपा की जीत ने क्षेत्रीय राजनीति में एक नई दिशा दी और यह भी दिखाया कि बिहार में मोदी लहर का असर हर विधानसभा क्षेत्र में महसूस किया जा सकता है। अब यदि 2010 की बात करें, तो यहां पर जदयू की मीना द्विवेदी ने जीत हासिल की थी। उन्होंने 33,859 वोटों के साथ अपनी प्रतिद्वंदी लोजपा के राजू तिवारी (25,454 वोट) को हराया था। यह चुनाव जदयू के लिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसने उन्हें यह विश्वास दिलाया कि उनका राजनीति का तरीका और विकास कार्यों का असर स्थानीय जनता पर दिख रहा था। 

गोविंदगंज विधानसभा क्षेत्र में हर चुनाव एक नई परीक्षा की तरह होता है। यहां के मतदाता हमेशा से ही सही उम्मीदवार को चुनने में सटीक होते हैं, और उनका निर्णय अक्सर राजनीतिक पार्टियों के लिए हैरान करने वाला होता है। इस क्षेत्र में चुनावी मुकाबला हमेशा रोमांचक रहता है। भाजपा, लोजपा और कांग्रेस के बीच यहां की सियासत में बराबरी की लड़ाई होती है, और हर पार्टी अपनी ताकत झोंक देती है। 

1998 के उप-चुनाव समेत अब तक इस सीट पर हुए 17 चुनाव हुए हैं। इनमें सात बार कांग्रेस, तीन बार जदयू, दो बार निर्दलीय, एक-एक बार लोजपा, समता पार्टी, एजीपी, जनता दल और जनसंघ ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस को यहां 1980 में आखिरी बार जीत मिली थी। गोविंदगंज विधानसभा सीट पर ब्राह्मण मतदाताओं का सबसे अधिक प्रभाव है। 

भूमिहार और मुस्लिम मतदाता भी निर्णायक भूमिका में हैं। 2015 में यहां 56.3 फीसदी वोटिंग हुई थी, जो 2010 से 5 फीसदी ज्यादा थी। पिछले दो चुनावों से यहां महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत पुरुषों के मुकाबले ज्यादा रहा है। गोविंदगंज विधानसभा में अनुसूचित जाति मतदाताओं की संख्या लगभग 30,550 है जो 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 11.42 फीसदी है। 

वहीं, अनुसूचित जनजाति मतदाताओं की संख्या लगभग 508 है जो 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 0.19 फीसदी है। जबकि मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 38,789 है जो मतदाता सूची विश्लेषण के अनुसार लगभग 14.5 फीसदी है। यहां ग्रामीण मतदाताओं की संख्या लगभग 248,731 है जो 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 92.98 फीसदी है। जबकि शहरी मतदाताओं की संख्या लगभग 18,779 है जो 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 7.02 फीसदी है। 

2020 विधानसभा चुनाव तक गोविंदगंज विधानसभा के कुल मतदाताओं की संख्या 267510 है। इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 1.38 लाख (53.0 फीसदी) है। जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 1.22 लाख (47.0 फीसदी) है। वहीं, ट्रांसजेंडर मतदाता शून्य है।

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