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बिहार के कई जिलों में भी रविवार के बदले शुक्रवार को बन्द कराया जाने लगा है सरकारी स्कूल

By एस पी सिन्हा | Updated: July 22, 2022 16:54 IST

सीमांचल के किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार जिले के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में रविवार को बच्चों की पढ़ाई होने की बात सामने आई है।

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ठळक मुद्देसीमांचल के किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार जिले के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में शुक्रवार को होती है छुट्टीशिक्षा विभाग का मानना है कि अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में शुरूआत से है ऐसी व्यवस्थास्कूलों को शुक्रवार को बन्द रखने और रविवार को खोले जाने का दबाव स्थानीय स्तर पर है ज्यादा

पटना: झारखंड में रविवार के बदले शुक्रवार को स्कूल बन्द कराए जाने की मुहिम चलाये जाने के बाद अब उसका असर बिहार के भी कुछ इलाकों में दिखने लगा है। सीमांचल के कुछ जिलों में भी रविवार के बदले शुक्रवार (जुमा) के दिन स्कूल बन्द कराए जाने की बातें सामने आई हैं।

सीमांचल के किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार जिले के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में रविवार को बच्चों की पढ़ाई होने की बात सामने आई है। हालांकि, शिक्षा विभाग का मानना है कि अल्पसंख्यक बहुल इलाका होने और स्कूलों में अल्पसंख्यक छात्रों की संख्या की अधिकता के कारण ऐसी परंपरा शुरू से चली आ रही है। 

वहीं, इस संबंध में पूछे जाने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार का कहीं से कोई आदेश नहीं दिया गया है। किशनगंज जिले के डीपीओ शौकत अली के अनुसार जिले में कोई अल्पसंख्यक स्कूल नहीं है। जिन स्कूलों में शुक्रवार को अवकाश और रविवार पढ़ाई होती है, वे सभी सामान्य स्कूल हैं। लेकिन अल्पसंख्यक छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण इन स्कूलों में शुक्रवार को नमाज पढ़ने की छुट्टी दी जाती है। इसके बदले रविवार को छात्र और शिक्षक स्कूल पहुंचते हैं। 

लाइन उर्दू मध्य विद्यालय की प्राचार्य झरना बाला साहा ने बताया कि यहां मुस्लिम छात्रों की संख्या 80 प्रतिशत से अधिक है। स्कूल के स्थापना काल से ही शुक्रवार को नमाज अदा करने के नाम पर अवकाश रहता है। रविवार को पढ़ाई होती है। जानकारों की अगर मानें तो सीमांचल के जिलों के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में सरकारी स्कूलों को शुक्रवार को बन्द रखने और रविवार को खोले जाने का दबाव स्थानीय स्तर पर ज्यादा है। जिस कारण स्कूल के प्रधानाध्यापक को बाध्य होकर ऐसा करना पड़ रहा है। 

उधर, किशनगंज के पूर्व विधायक गोपाल अग्रवाल ने बताया कि शिक्षा को जाति और धर्म से अलग रखना चाहिए। स्कूलों में शुक्रवार को अवकाश रहने और रविवार को पढ़ाई कहीं से भी उचित नहीं है। स्कूलों में छात्रों के धर्म और उनकी आस्था के आधार पर अन्य दिनों में अवकाश रहने से शिक्षा-व्यवस्था चौपट होगी।

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