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मंदिर में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर अधिकारी के लेटर से बढ़ा विवाद, लोगों ने दूसरे समुदायों के धर्मस्थलों पर भी की पांबदी की मांग

By भाषा | Updated: September 19, 2019 05:44 IST

मंदिर प्रशासक के सरकारी पत्र के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शहर की महापौर और स्थानीय विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ समेत विभिन्न स्थानीय संगठनों के नेताओं ने आपत्ति जतायी है।

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ठळक मुद्देमंदिर के प्रशासक रवि कुमार सिंह के हवाले से कहा गया, "जिला प्रशासन द्वारा केवल इस मंदिर के परिसर के संबंध में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत कोई विशिष्ट प्रतिबंधात्मक आदेश जारी नहीं किया है।"विज्ञप्ति के मुताबिक चूंकि रणजीत हनुमान मंदिर के आस-पास रहने वाले लोगों द्वारा पिछले कुछ दिनों से शिकायत की जा रही थी कि इस क्षेत्र में देर रात तक डी.जे, लाउड स्पीकर आदि बजाकर ध्वनि प्रदूषण किया जा रहा है।

जिले के सभी सार्वजनिक स्थानों पर ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत प्रशासन के लागू प्रतिबंधात्मक आदेश पर बुधवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। त्योहारी मौसम से ऐन पहले, प्रशासन के एक अधिकारी और शहर के रणजीत हनुमान मंदिर के प्रशासक ने इस प्रसिद्ध देवस्थान में संबंधित प्रतिबंधात्मक आदेश के पालन के लिये विशिष्ट तौर पर सरकारी पत्र जारी कर दिया। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल है।

अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) और रणजीत हनुमान मंदिर के प्रशासक रवि कुमार सिंह की ओर से जारी पत्र का मजमून है कि जिला प्रशासन के 30 अगस्त से लागू आदेश के मुताबिक रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक किसी भी प्रकार के लाउड स्पीकर, डीजे, बैंड, प्रेशर हॉर्न और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग जिले के सभी सार्वजनिक स्थानों पर पूरी तरह प्रतिबंधित है और इन यंत्रों का इस्तेमाल सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता। 

पत्र में कहा गया है कि इस आदेश के पालन में रणजीत हनुमान मंदिर के प्रांगण के समूचे क्षेत्र में संबंधित समयावधि के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। मंदिर परिसर के लिए विशिष्ट तौर पर जारी पत्र में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ जिलाधिकारी के प्रतिबंधात्मक आदेश के "पूरी तरह पालन" की हिदायत देते हुए यह भी कहा गया है कि इसके उल्लंघन की स्थिति में भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 188 (किसी सरकारी अधिकारी के आदेश की अवज्ञा) के तहत के तहत कानूनी कदम उठाये जायेंगे। 

मंदिर प्रशासक के सरकारी पत्र के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शहर की महापौर और स्थानीय विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ समेत विभिन्न स्थानीय संगठनों के नेताओं ने आपत्ति जतायी है। एकलव्य ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मांग भी की है कि प्रशासन के प्रतिबंधात्मक आदेश के मुताबिक रात 10 बजे से सुबह छह बजे के बीच अन्य समुदायों के धर्मस्थलों में भी ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगायी जाये।

विवाद बढ़ने पर प्रदेश सरकार ने विज्ञप्ति जारी कर सफाई दी। सरकारी विज्ञप्ति में रणजीत हनुमान मंदिर के प्रशासक रवि कुमार सिंह के हवाले से कहा गया, "जिला प्रशासन द्वारा केवल इस मंदिर के परिसर के संबंध में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत कोई विशिष्ट प्रतिबंधात्मक आदेश जारी नहीं किया है।" विज्ञप्ति के मुताबिक चूंकि रणजीत हनुमान मंदिर के आस-पास रहने वाले लोगों द्वारा पिछले कुछ दिनों से शिकायत की जा रही थी कि इस क्षेत्र में देर रात तक डी.जे, लाउड स्पीकर आदि बजाकर ध्वनि प्रदूषण किया जा रहा है। इसलिये एसडीएम ने इस मंदिर के प्रशासक की हैसियत से सभी संबंधित लोगों को सजग रखने के लिये उन्हें जिले के सभी स्थानों पर लागू प्रतिबंधात्मक आदेश से अवगत भर कराया है।

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