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जुलाई के आखिर में फ्रांस से भारत आएंगे चार राफेल विमान, हवाई ताकत में चीन और पाकिस्तान पर मिलेगी बढ़त

By मनाली रस्तोगी | Updated: May 15, 2020 13:08 IST

इस साल जुलाई के अंत तक फ्रांस भारत को चार लड़ाकू विमान राफेल सौंपने वाला है। हालांकि, कोरोना वायरस और लॉकडाउन की वजह से डिलीवरी की तारीख आगे बढ़ी है, वरना राफेल की डिलीवरी मई के अंत में होनी थी।

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ठळक मुद्देसूत्रों ने बताया कि पहला विमान 17 गोल्डेन एरोज के कमांडिंग ऑफिसर फ्रांस के पायलट के साथ उड़ाएंगेभारत ने 36 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ किया था करार

नई दिल्ली: जुलाई 2020 के अंत तक भारत को फ्रांस चार लड़ाकू विमान राफेल सौंपेगा। वैसे तो इनकी डिलीवरी मई के अंत में होनी थीं, लेकिन कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते प्रकोप और लॉकडाउन की वजह से इस योजना को आगे बढ़ाना पड़ा। रक्षा सूत्रों ने एएनआइ को बताया कि तीन ट्विन-सीटर ट्रेनर एयरक्राफ्ट और एक सिंगल-सीटर लड़ाकू विमान सहित पहले चार विमान जुलाई के अंत तक अंबाला एयरबेस पर पहुंचेंगे। 

सूत्रों ने ये भी बताया कि ये लड़ाकू विमान आरबी सीरिज के होंगे। पहला विमान 17 गोल्डेन एरोज के कमांडिंग ऑफिसर फ्रांस के पायलट के साथ उड़ाएंगे। उन्होंने ये भी जानकारी दी कि उड़ने वाले पहले विमान को एक फ्रांसीसी पायलट के साथ 17 गोल्डन एरो के स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर द्वारा पायलट किए जाने की योजना है। यही नहीं, इन लड़ाकू विमानों में फ्रांसीसी वायु सेना के टैंकर विमान से हवा में ही ईंधन भरा जाएगा। इसके बाद मिडिल ईस्ट में किसी जगह पर विमानों को उतारा जाएगा। 

सूत्रों का ये भी कहा है कि भारतीय आईएल -78 टैंकर द्वारा मध्य-पूर्व से भारत आने के रास्ते में एक बार फिर लड़ाकू विमानों में हवा में ईंधन भरा जाएगा। जानकारी के अनुसार, राफेल लड़ाकू विमानों को फ्रांस से सीधे भारत भी लाया जा सकता था, लेकिन एक छोटे कॉकपिट के भीतर 10 घंटे की उड़ान तनावपूर्ण हो सकती थी। मालूम हो, सात भारतीय पायलटों के पहले बैच ने भी एक फ्रांसीसी एयरबेस में अपना प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, जबकि लॉकडाउन के बाद दूसरा बैच फ्रांस जाएगा।

बता दें कि भारतीय वायु सेना की आपातकालीन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारत ने 36 राफेल के लिए सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। एयर चीफ मार्शल भदौरिया उस समय एयर स्टाफ के उप प्रमुख थे और इस सौदे के लिए उन्होंने भारतीय वार्ता टीम का नेतृत्व किया,  जो भारत में मौद्रिक संदर्भ में अब तक की सबसे बड़ी डील है।

इसके अलावा राफेल को लेकर रक्षा सूत्रों ने बताया कि लड़ाकू विमान भारत को पाकिस्तान और चीन को हवाई हमले की क्षमता के मामले में बढ़त देगा। सूत्रों ने कहा कि राफेल की हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने की क्षमताओं का चीन और पाकिस्तान से मिलान नहीं हो सकता है। ऐसे में ये लड़ाकू विमान भारत को दोनों प्रतिद्वंद्वियों से बढ़त दिलाएगा।

टॅग्स :फ़्रांसइंडियाराफेल सौदा
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