लाइव न्यूज़ :

CAA के समर्थन में आए गोवा कांग्रेस के चार नेताओं ने दिया इस्तीफा, कहा-"सीएए स्वागत योग्य है"

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 3, 2020 12:59 IST

अमोनकर ने यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर सीएए को लेकर ‘‘लोगों, विशेषकर अल्पसंख्यकों को गुमराह’’ करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘हम सीएए और एनआरसी पर कांग्रेस के गलत रुख का विरोध करते हैं। विपक्ष के रूप में हमें केवल विरोध के लिए विरोध करने की नहीं, बल्कि समालोचना करने की आवश्कता है।

Open in App
ठळक मुद्देअमोनकर ने कहा कि कांग्रेस को लोगों को ‘‘राजनीतिक लाभ के लिए गुमराह करना और अल्पसंख्यकों के मन में भय पैदा करना’’ बंद करना चाहिए।अमोनकर ने कहा कि सीएए में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की चिंताओं की बात की गई है।

गोवाकांग्रेस के चार नेताओं ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) पर पार्टी के रुख के विरोध में पार्टी के इस्तीफा दे दिया। पणजी कांग्रेस ब्लॉक समिति के अध्यक्ष प्रसाद अमोनकर, उत्तर गोवा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रमुख जावेद शेख, ब्लॉक समिति सचिव दिनेश कुबल और नेता शिवराज तारकर ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद कहा कि वे सीएए का समर्थन करते हैं।

अमोनकर ने यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर सीएए को लेकर ‘‘लोगों, विशेषकर अल्पसंख्यकों को गुमराह’’ करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘हम सीएए और एनआरसी पर कांग्रेस के गलत रुख का विरोध करते हैं। विपक्ष के रूप में हमें केवल विरोध के लिए विरोध करने की नहीं, बल्कि समालोचना करने की आवश्कता है। नागरिकता संशोधन विधेयक का स्वागत किया जाना चाहिए।’’

अमोनकर ने कहा कि कांग्रेस को लोगों को ‘‘राजनीतिक लाभ के लिए गुमराह करना और अल्पसंख्यकों के मन में भय पैदा करना’’ बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हम सीएए एवं एनआरसी के खिलाफ पिछले सप्ताह हुए कांग्रेस के विरोध का हिस्सा थे, लेकिन हमें एहसास हुआ कि नेता अपने भाषणों से अल्पसंख्यकों के मन में भय पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।’’

अमोनकर ने कहा कि गोवा एक शांतिप्रिय राज्य है और कांग्रेस अल्पसंख्यकों को भड़काने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सीएए को लोकतांत्रिक तरीके से लागू किया गया। अमोनकर ने कहा कि सीएए में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की चिंताओं की बात की गई है।

अमोनकर ने कहा कि इन देशों में बहुसंख्यक समुदाय के जो लोग भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे मौजूदा प्रावधानों के तहत ऐसा कर सकेंगे।’

 

टॅग्स :कांग्रेसनागरिकता संशोधन कानूनगोवा
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

भारतबिहार चुनावः 2026 में 17 सीट खाली, राज्यसभा के बाद MLC इलेक्शन में भी तेजस्वी यादव को लगेगा झटका, 1 सीट के लिए 25 विधायक?

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

भारत अधिक खबरें

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

भारतLPG Cylinder Update: सिलेंडर के लिए अब लंबी वेटिंग खत्म! दिल्ली में बस ID कार्ड दिखाओ और 5KG सिलेंडर पाओ

भारतबाबा विश्वनाथ और ‘काशी कोतवाल’ काल भैरव में दर्शन-पूजन, सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे मंदिर, वीडियो

भारतपश्चिम बंगाल चुनावः 4660 अतिरिक्त मतदान केंद्र?, कुल संख्या 85379 और 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में पड़ेंगे वोट

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"