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आतिशबाजी धर्म का मामला नहीं, लोगों को सांस लेने दें: गोपाल राय

By भाषा | Updated: November 3, 2021 16:56 IST

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नयी दिल्ली, तीन नवंबर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को कहा कि आतिशबाजी का धर्म से कोई नाता नहीं लेकिन यह लोगों के जीवन को जरूर प्रभावित करता है और उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे राजनीतिक आकांक्षाओं के लिए बच्चों एवं बुजुर्गों की जान जोखिम में न डालें।

उन्होंने केंद्र से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को दिवाली के दौरान आवश्यक रूप से पराली जलाने से रोकने के लिए परामर्श जारी करने का आग्रह भी किया।

राय ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि आतिशबाजी को धर्म से जोड़कर विपक्षी दलों के कुछ नेता प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली सरकार की लड़ाई को नाकाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पटाखे जलाने का धर्म से कोई नाता नहीं है। यह लोगों की जिंदगी का मामला है। कुछ लोग राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पूरी करना चाहते हैं...मैं उनसे हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि दिल्ली के बच्चों तथा बुजुर्गों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ ना करें। राजनीति करने के लिए कई दूसरे मुद्दे हैं..... कृपया लोगों को सांस लेने दें।’’

राय ने कहा, ‘‘दिवाली, दीयों का त्यौहार है, पटाखे जलाने का नहीं।’’

मंत्री ने कहा कि दिल्ली में दीपावली से एक दिन पहले वायु गुणवत्ता पिछले पांच साल की तुलना में सबसे बेहतर है।

राय ने कहा, ‘‘अनुकूल मौसमी परिस्थितियां और सरकार के प्रदूषण रोधी अभियान को लोगों के समर्थन के कारण ही अक्टूबर में पांच साल में सबसे अच्छी वायु गुणवत्ता रही।’’

पर्यावरण मंत्री ने कहा, “मैं केंद्र से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को कम से कम दिवाली के दौरान पराली जलाने से रोकने के लिए एक अनिवार्य परामर्श जारी करने का भी आग्रह करता हूं ताकि त्योहार के बाद लोग आराम से सांस ले सकें।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में अक्टूबर में औसतन वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) 173 थी, जो पिछले पांच साल की तुलना में सबसे कम थी। साथ ही कहा कि अक्टूबर महीने की औसत एक्यूआई, 2020 में 265, 2019 में 234, 2018 में 269 और 2017 में 284 थी।

उन्होंने कहा कि 13,000 किलोग्राम से अधिक अवैध पटाखे जब्त किए गए हैं और पटाखा रोधी अभियान के तहत 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

धूल से होने वाले प्रदूषण के रोकथाम अभियान के तहत धूल नियंत्रण मानदंडों का उल्लंघन करने वाले 406 निर्माण स्थलों पर 1.23 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

राय ने कहा कि पूसा निर्मित जैव- अपघटक जो 15 से 20 दिनों में पराली को खाद में बदल सकता है, उसका दिल्ली में 1,700 एकड़ कृषि भूमि पर छिड़काव किया गया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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