पटना: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को प्रथम पाली की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ गया। विधान मंडल के दोनों सदनों में विपक्ष मंत्री सुरेंद्र यादव और मंत्री इसराइल मंसूरी पर कार्रवाई की मांग को लेकर भाजपा विधायकों और विधान पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। लगातार हो रहे हंगामे के कारण दोनों सदन की कार्यवाही भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी गई।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि सेना पर राजद कोटे से मंत्री सुरेन्द्र यादव के द्वारा की गई टिप्पणी पर बहस हो। भाजपा ने सुरेंद्र यादव और इसराइल मंसूरी को बर्खास्त करते हुए उन पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने मंत्री सुरेन्द्र यादव के द्वारा सेना पर बयान पर कार्रवाई की मांग करते हुए बहस की मांग की। नेता प्रतिपक्ष माइक बन्द किए जाने से नाराज दिखे। इसके बाद इस्तीफे की मांग को लेकर भाजपा के विधायक-विधान पार्षद वेल में पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। मंत्री अंसारी को बर्खास्त करने को लेकर कार्य प्रस्ताव नामंजूर होने के बाद भाजपा के सदस्य वेल में आकर हंगामा करने लगे।
इस दौरान भाजपा सदस्य हाथ बैनर-पोस्टर देख विधानसभा अध्यक्ष ने आपत्ति जताई। इसके बाद मार्शल को पोस्टर लेने का निर्देश दिया गया। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी सदन की कार्यवाही चलाते रहे। हंगामे के काफी देर बाद नीतीश कुमार ने कहा कि मुजफ्फरपुर कांड की जांच करने के लिए अधिकारियों को कहा गया है, अगर कुछ शिकायत आई है, तो उसकी जांच कराई जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोगों ने जो कागज भेजा है, उसे हमने अधिकारियों को भेज दिया है। पूरे मामले को देखने का निर्देश भी दे दिया है। कहीं कोई बात होगी तो उसे भी बताया जाएगा। नीतीश कुमार के आश्वासन के बाद नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंत्री के रहते न्याय नहीं मिल सकता। इसलिए जब तक जांच हो रही है, तब तक उन्हें मंत्री पद से हटा दिया जाए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आश्वासन से असंतुष्ट भाजपा विधायकों ने सदन से वॉक आउट कर दिया। भाजपा विधायकों का आरोप था कि सरकार हत्या के आरोपी मंत्री इसराइल मंसूरी के साथ- साथ सेना के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक बयान देने वाले मंत्री सुरेंद्र यादव को बचा रही है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने कहा कि आसान पर दबाव डालकर आप काम कराना चाहते हैं तो आसान दबाव में नहीं आने वाला है।
वहीं, विधान परिषद में विधान पार्षद अनिल सहनी कार्य स्थगन प्रस्ताव लेकर आए जिसे नामंजूर कर दिया गया। इसके बाद विधान परिषद में अग्निविर को लेकर हंगामा हुआ। परिषद में नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी और जदयू विधान पार्षद नीरज कुमार के बीच तीखी बहस हो गई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि तेजस्वी यादव कहते हैं बिहार में जनता का राज है, जबकि अपराध बढ़ रहे हैं।
उधर, सदन से बाहर निकले नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने मंत्री सुरेंद्र यादव के सेना पर टिप्पणी को लेकर निशाने पर लिया और माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है इनके एक मंत्री सेना के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते हैं, वहीं दूसरे मंत्री के खिलाफ हत्या का मामला आया है। जिसे मंत्री के निर्देश पर प्राथमिकी को बदल दिया गया है। इसलिए इस तरह की सरकार में सदन में बैठकर मूकदर्शक बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। विजय सिन्हा ने आगे कहा कि उन लोगों ने संघर्ष करके बिहार से जंगलराज को हटाया था अब इस नीतीश तेजस्वी की गुंडाराज को भी हटाएंगे।