लाइव न्यूज़ :

जंतर-मंतर पर भड़काऊ नारेबाजी के खिलाफ छात्र संगठनों, नागरिक संस्थाओं के सदस्यों का प्रदर्शन

By भाषा | Updated: August 10, 2021 20:41 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 10 अगस्त सप्ताहांत में एक रैली में कथित भड़काऊ नारेबाजी के विरोध में छात्र कार्यकर्ता और नागरिक संस्थाओं के सदस्य मंगलवार को जंतर-मंतर के पास एकत्र हुए।

जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे करीब 100 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम विरोधी नारे लगाने संबंधी एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार को इस संबंध में मामला दर्ज किया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन साई बालाजी ने दावा किया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वालों को रोका। उन्होंने कहा, ‘‘सांप्रदायिक भाषण देने वाले लोगों को पुलिस ने हिरासत में नहीं लिया। उन्होंने हमें रोका, जो यहां अभद्र भाषा का शांतिपूर्ण विरोध करने आए थे। सोशल मीडिया पर इस घटना की व्यापक आलोचना होने के बाद उन्होंने (पुलिस) आरोपियों को गिरफ्तार किया है।’’

प्रदर्शनकारी शाम करीब चार बजे संसद मार्ग से जंतर-मंतर की ओर जा रहे थे, तभी उन्हें रोका गया और वहां से जाने को कहा गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं थी और जब वे संसद मार्ग पहुंचे तो उन्हें जाने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि जब प्रदर्शनकारी वहां से नहीं हटे तो उनको हिरासत में लिया गया और दो बसों के जरिए मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

प्रदर्शनकारियों में शामिल प्रशांत टंडन ने कहा, ‘‘वह भाषण बहुत खतरनाक था। यह भारतीय संविधान और भारतीय परंपरा के अनुरूप नहीं था। पुलिस को तुरंत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। मैंने सुना है कि वीडियो वायरल होने के तीन दिन बाद आज कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।’’

वाम समर्थित आइसा ने एक बयान में कहा कि दिल्ली पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्यों द्वारा इस्तेमाल की गयी अभद्र भाषा का विरोध करने वाले छात्रों, नागरिक संस्थाओं के सदस्यों, पत्रकारों, आइसा कार्यकर्ताओं और अन्य संगठनों के लोगों को हिरासत में लिया। छात्र संगठन ने हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की मांग की।

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के सदस्यों ने भी विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। एसएफआई ने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य शांति और धर्मनिरपेक्षता के संदेश के साथ सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का विरोध करना था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटDC vs MI: समीर रिज़वी की आक्रामक बल्लेबाजी से दिल्ली कैपिटल्स की दूसरी जीत, मुंबई इंडियन्स को 6 विकेट से हराया

क्रिकेटअरुण जेटली स्टेडियम में DC बनाम MI मुकाबले के दौरान चीयरलीडर्स की रिकॉर्डिंग करते पकड़ा गया दिल्ली पुलिस का जवान

क्रिकेटरोहित शर्मा ने मुंबई इंडियंस के लिए IPL में धोनी का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ा

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

क्राइम अलर्टपटना परसा बाजारः 3 साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न, रिश्तेदार सहित 2 आरोपी अरेस्ट, अस्पताल में भर्ती मासूम?

भारत अधिक खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए