लाइव न्यूज़ :

Anti CAA Protests: PFI के सदस्य दानिश गिरफ्तार, सीएए के खिलाफ झूठ फैलाने का आरोप

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 9, 2020 14:01 IST

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पीएफआई के सदस्य दानिश को गिरफ्तार किया। 

Open in App
ठळक मुद्देहिंसा में हुई मौतों का आंकड़ा गुरुवार (5 मार्च) तक 44 पर पहुंचा। उत्तरपूर्वी दिल्ली में पिछले हफ्ते हुए दंगों के सिलसिले में उसने 600 से अधिक मामले दर्ज किए हैं।

नई दिल्ली: नागरिकता कानून संसोधन (CAA) के खिलाफ झूठ फैलान के आरोप में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्य को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पीएफआई के सदस्य दानिश को गिरफ्तार किया। हालांकि इस मामले में पीएफआई के पहले कई सदस्यों को हिरासत और गिरफ्तार किया जा चुका है। 

दानिश अली पर सीएए-एनआरसी के विरोध के दौरान दिल्ली में हुए हिंसा में लोगों को भड़काने और झूठ फैलाने का आरोप भी है। इस मामले को लेकर पुलिस पूछताछ करेगी। इस बीच दानिश की मां ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे फंसाया जा रहा है। 

सामाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक दानिश की मां ने कहा कि  उसने ऐसा कुछ नहीं किया। उसने सिर्फ समाज के लिए काम किया है, पुलिस उसे फंसा रही है।  बताते चलें कि पीएफआई ने कई बार देश में सीएए के खिलाफ किसी भी विरोध प्रदर्शन के साथ कोई संबंध होने से इनकार कर चुका है।  केरल स्थित संगठन के आधा दर्जन पदाधिकारियों से ईडी अब तक पूछताछ कर चुकी है।

क्या है नागिकता संधोशन कानून (CAA)

नागरिकता संशोधन अधिनियम के अनुसार हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के जो सदस्य 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हैं और जिन्हें अपने देश में धार्मिक उत्पीड़न का सामना पड़ा है, उन्हें गैरकानूनी प्रवासी नहीं माना जाएगा, बल्कि भारतीय नागरिकता दी जाएगी।

उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा में कई लोगों पर की मौत

उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में हुई मौतों का आंकड़ा गुरुवार (5 मार्च) तक 44 पर पहुंचा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी थी। हालांकि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि हिंसा में 53 मौतें हुई। इसी बीच इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि लोकनायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल में हुईं तीन मौतें और राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हुई पांच मौतों का संबंध हिंसा से है या नहीं। 

बता दें कि उत्तरपूर्वी दिल्ली में पिछले हफ्ते हुए दंगों के सिलसिले में उसने 600 से अधिक मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने एक वक्तव्य में कहा कि 683 मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें से 48 शस्त्र कानून से संबंधित हैं।  

 

टॅग्स :कैब प्रोटेस्टनागरिकता संशोधन कानूनदिल्ली पुलिसदिल्ली हिंसा
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्ट3,50,000 रुपये दो काम हो जाएगा?, सीबीआई ने जंतर-मंतर स्थित एएसआई के उप-सर्किल में तैनात स्मारक परिचारक और संरक्षण सहायक को ऐसे धर दबोचा?

क्राइम अलर्टअजमल खान पार्क के निकट उत्तर प्रदेश कारोबारी से 8.4 लाख रुपये की लूट?, दिल्ली पुलिस के 2 कर्मी अरेस्ट

क्राइम अलर्टएक ही उम्र के 4 लड़कों ने घेरकर शख्स को चाकू घोंपकर मोबाइल फोन लूटे, मादक पदार्थ के आदी लड़के

क्राइम अलर्टगैस सिलेंडर से हमला कर पत्नी को मार डाला?, इस बात से नाराज था पति?

क्राइम अलर्टजल्दी करो, स्कूल में बम है?, देशभर के स्कूलों, उच्च न्यायालयों और सरकारी कार्यालयों को 1,100 से अधिक फर्जी बम धमकी?, 47 वर्षीय श्रीनिवास लुइस अरेस्ट

भारत अधिक खबरें

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी