लाइव न्यूज़ :

दिल्ली मेयर चुनाव: 'आप' को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने मनोनीत सदस्यों के मतदान पर लगाई रोक, जल्द चुनाव कराने का दिया निर्देश

By अंजली चौहान | Updated: February 17, 2023 17:49 IST

सुप्रीम कोर्ट में याचिका की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने कहा कि मेयर चुनाव के लिए पहली बैठक में ही चुनाव हो और इस संबंध में 24 घंटों के भीतर नोटिस जारी किया जाना चाहिए।

Open in App
ठळक मुद्देसुप्रीम कोर्ट ने मामले की शुक्रवार को सुनवाई की और 24 घंटों के भीतर चुनाव की जानकारी मांगी हैसुप्रीम कोर्ट ने मामले की शुक्रवार को सुनवाई की और 24 घंटों के भीतर चुनाव की जानकारी मांगी हैदिल्ली में एमसीडी चुनावों के बाद अभी तक मेयर का चयन नहीं हो सका है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली नगर निगम चुनाव के मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर बड़ा निर्देश दिया है। आम आदमी पार्टी की याचिका पर उन्हें बड़ी राहत देते हुए अदालत ने एल्डरमैन मनोनीत सदस्यों के मतदान देने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही जल्द से जल्द चुनाव कराने पर सुप्रीम कोर्ट ने जोर देते हुए निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने कहा कि मेयर चुनाव के लिए पहली बैठक में ही चुनाव हो और इस संबंध में 24 घंटों के भीतर नोटिस जारी किया जाना चाहिए। ये नोटिस उस तारीख को तय करेगा जिस दिन मेयर, डिप्टी मेयर और अन्य सदस्यों का चुनाव होगा। 

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद आम आदमी पार्टी को बड़ी राहत मिली है। आप पार्टी की ओर से नेता शैली ओबेरॉय ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका में आग्रह किया गया था कि बुजुर्ग मनोनीत सदस्यों को मेयर चुनाव में वोट न देने दिया जाए साथ ही चुनाव जल्द से जल्द कराए जाए। कोर्ट ने इस मांग को मानते हुए 'आप' के हक में फैसला दिया है। 

कोर्ट ने कहा कि इस चुनाव में मनोनीत सदस्य मतदान न करें। वहीं, मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव जल्द से जल्द हो और 24 घंटे के भीतर पहली बैठक के लिए नोटिस जारी किया जाए। सीजेआई ने कोर्ट में कहा कि मनोनती सदस्य किसी भी बैठक में वोट नहीं दे सकते और इसमें पहली बैठक भी शामिल है। वहीं, पहली बैठक में मेयर का चुनाव होने के बाद उसकी अध्यक्षता में डिप्टी मेयर और अन्य सदस्यों के लिए चुनाव होना चाहिए। 

तीन बार बैठक के बाद भी नहीं हो सका था चुनाव 

बता दें कि दिल्ली के लिए नए मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के लिए तीन बार बैठक बुलाई जा चुकी है लेकिन बीजेपी और आप पार्षदों के बीच हंगामे के कारण ये संभव नहीं हो सका। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के उपराज्यपाल और बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह ये चुनाव नहीं होने देना चाहती है।

इस बार आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी को पीछे छोड़ते हुए दिल्ली एमसीडी चुनाव में जीत दर्ज की थी। पिछले साल ही चुनाव के नतीजे आ गए थे। तब से ही सदन में मेयर चुनाव को लेकर तीन बार बैठक का आयोजन किया गया लेकिन भारी हंगामे के बीच ऐसा नहीं हो सका। 

मालूम हो कि 15 सालों से एमसीडी में अपना वर्चस्व कायम किए हुए बीजेपी को इस बार आम आदमी पार्टी ने कड़ी टक्कर देते हुए हरा दिया। दिल्ली में करीब 250 वार्डों में से 134 पर आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की थी। वहीं, भाजपा ने 104 वार्डों पर जीत हासिल की थी और कांग्रेस को केवल नौ सीटें ही मिली थी। 

टॅग्स :दिल्लीसुप्रीम कोर्टदिल्ली एमसीडी चुनाव
Open in App

संबंधित खबरें

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

भारतLPG Cylinder Update: सिलेंडर के लिए अब लंबी वेटिंग खत्म! दिल्ली में बस ID कार्ड दिखाओ और 5KG सिलेंडर पाओ

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतजो डर गया, समझो मर गया?, सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर निशाना साधा, कहा- केजरीवाल गिरफ्तार हुए तो विदेश में छिपा?

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारत‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’?, निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाओ, जदयू कार्यकर्ताओं ने पटना में लगाए पोस्टर

भारतअल्पसंख्यकों पर हमला करने वाले लोगों के साथ सीएम विजयन?, राहुल गांधी ने कहा- 140 में से 100 सीट जीतकर बनाएंगे सरकार?, भाजपा 0 पर आउट?