लाइव न्यूज़ :

हाई कोर्ट ने दिल्ली में 17,000 पेड़ों की कटाई पर लगाई अंतरिम रोक, अगली सुनवाई 4 जुलाई को

By कोमल बड़ोदेकर | Updated: June 25, 2018 13:18 IST

दिल्ली में विकास के नाम पर 17 हजार पेड़ों की कटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर जहां पेड़ो की कटाई के खिलाफ आमजन सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहा है वहीं कुछ बीजेपी के कार्यकर्ता भी मोदी सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध कर रहे हैं।

Open in App

नई दिल्ली, 25 जून। दिल्ली में विकास के नाम पर 17 हजार पेड़ों की कटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर जहां पेड़ो की कटाई के खिलाफ आमजन सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहा है वहीं कुछ बीजेपी के कार्यकर्ता भी मोदी सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध कर रहे हैं। मामला गर्माने के बाद कोर्ट पहुंचा जहां सोमवार को सुनवाई के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने 4 जुलाई तक पेड़ों की कटाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। 

यह भी पढ़ें: दिल्ली: विकास के नाम पर 17,000 पेड़ों पर 'गाज', सरकार के खिलाफ लोगों का विरोध प्रदर्शन

सुनवाई के दौरान  एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग्स कन्स्ट्रक्शन कार्पोरेशन) ने हाई कोर्ट में दक्षिणी दिल्ली के पुनर्विकास के लिए चार जुलाई तक पेड़ ना काटने की बात पर सहमति जताई है। वहीं पब्लिक वर्कस डिपार्टमेंट ने भी हाई कोर्ट के फैसले के बाद सुनिश्चित किया है कि वो और एनबीसीसी 4 जुलाई तक दिल्ली की 7 कॉलोनियों में कोई पेड़ नहीं काटेंगे।

बता दें कि दक्षिणी दिल्ली की सात कॉलोनियों में पुनर्विकास के लिए 17 हजार से ज्यादा पेड़ों को काटने के लिए सरकार ने आदेश दिया था जिसके बाद सिलसिलेवार तरीके से पड़ों की कटाई हो रही थी। सरकार के फैसले के खिलाफ स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पर्यावरणविदों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। 

यह भी पढ़ें: दिल्ली सहित उत्तर भारत में गर्मी से मिलेगी जल्द राहत, मौसम विभाग बताया-इस तारीख से बरसेंगे बदरा 

सरोजिनी नगर इलाके में करीब 1,500 प्रदर्शनकारियों ने पेड़ों को गले लगाकर अपने ‘चिपको आंदोलन’ की शुरुआत की। 1970 के दशक में उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) में पेड़ों की कटाई के विरोध में लोगों ने यह आंदोलन चलाया था। लोगों ने पेड़ों को ‘राखी’ के तौर पर हरे रंग का रिबन भी बांधा। सोशल मीडिया पर इस चीज को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए वेल्फी बूथ भी बनाये गए थे। 

लोकमत न्यूज के लेटेस्ट यूट्यूब वीडियो और स्पेशल पैकेज के लिए यहाँ क्लिक कर सब्सक्राइब करे

टॅग्स :दिल्लीहाई कोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

भारतLPG Cylinder Update: सिलेंडर के लिए अब लंबी वेटिंग खत्म! दिल्ली में बस ID कार्ड दिखाओ और 5KG सिलेंडर पाओ

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतजो डर गया, समझो मर गया?, सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर निशाना साधा, कहा- केजरीवाल गिरफ्तार हुए तो विदेश में छिपा?

भारतस्वाति मालीवाल के बाद राघव चड्ढा पर गाज?, आखिर क्यों केजरीवाल के खास लोग छोड़ रहे साथ?

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया