लाइव न्यूज़ :

व्यक्ति को परेशान करने वाले पुलिसकर्मियों को दिल्ली की अदालत ने लगाई फटकार

By भाषा | Updated: October 23, 2021 14:34 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर दिल्ली में एक व्यक्ति को कथित तौर पर झूठे मामले में फंसाने और उसे गिरफ्तार करने की धमकी देकर डराने वाले कुछ पुलिस कर्मियों को एक अदालत ने फटकार लगाई है। अदालत ने पूछा है कि उक्त पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों न की जाए।

शिकायतकर्ता जाकिर का आरोप है कि दिल्ली के दयालपुर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने उसे और उसके पिता को परेशान किया और कथित तौर पर दर्ज की गई एक प्राथमिकी का ब्यौरा दिए बिना पूरे परिवार को गिरफ्तार करने की धमकी दी। पुलिस ने इस दावे का खंडन किया है।

जाकिर की ओर से दायर याचिका के जवाब में पुलिस ने अदालत में कहा कि जाकिर ने कोई संज्ञेय अपराध नहीं किया है और उसके विरुद्ध कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं है। पुलिस की ओर से कहा गया कि जाकिर के पिता को परेशान नहीं किया गया बल्कि उसे शिकायत के बारे में बताया गया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील चौधरी ने यह माना कि पुलिस ने सही प्रक्रिया नहीं अपनाई।

उन्होंने कहा कि पुलिस थाने के अधिकारियों के आचरण से जाकिर के दिमाग में “डर पैदा हो गया” कि उसे गलत मामले में फंसाया जा सकता है और गिरफ्तार किया जा सकता है इसलिए उसने अदालत का रुख किया। न्यायाधीश ने 22 अक्टूबर के आदेश में कहा, “इसलिए तथ्यों के आधार पर, पुलिस थाना दयालपुर के अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस जारी किया जाता है कि उनके विरुद्ध कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।”

न्यायाधीश ने कहा कि कानून के तहत अगर एक शिकायत में संज्ञेय अपराध का उल्लेख है तो पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करना और जांच करना अनिवार्य है, लेकिन पुलिस के जवाब के अनुसार, शिकायत में किसी संज्ञेय अपराध का जिक्र नहीं है। एएसजे चौधरी ने कहा, “... ऐसे मामले में अगर थाना प्रभारी को लगता है कि शिकायत पर जांच की जानी चाहिए तो उसे संबंधित अदालत से जांच की अनुमति लेनी चाहिए लेकिन उसने ऐसी प्रक्रिया नहीं अपनाई।”

उल्लेखनीय है कि, जाकिर ने कहा था कि उसके पिता को दयालपुर पुलिस थाने से 14 अक्टूबर को एक कॉल आई और पुलिस थाने आने की धमकी दी गई और जब उसके पिता में प्राथमिकी के बारे में पूछा तो पुलिस ने कुछ नहीं बताया।

शिकायतकर्ता ने अपने वकील के माध्यम से कहा कि पुलिस अधिकारी ने उसे और उसके पिता को अनावश्यक परेशान किया और 15 अक्टूबर को कुछ पुलिस अधिकारी उसके घर आए और पूरे परिवार को गिरफ्तार करने की धमकी दी। पुलिस का कहना है कि 14 अक्टूबर को नईमुद्दीन नामक एक व्यक्ति ने जाकिर के खिलाफ झगड़े और मारपीट की शिकायत दर्ज करवाई थी।

अभियोजक ने अदालत में कहा, “आवेदनकर्ता के पिता को परेशान नहीं किया गया और कोई धमकी नहीं गई बल्कि उसे उसके खिलाफ दर्ज शिकायत के बारे में बताया गया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटअरुण जेटली स्टेडियम में DC बनाम MI मुकाबले के दौरान चीयरलीडर्स की रिकॉर्डिंग करते पकड़ा गया दिल्ली पुलिस का जवान

क्रिकेटरोहित शर्मा ने मुंबई इंडियंस के लिए IPL में धोनी का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ा

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

क्राइम अलर्टपटना परसा बाजारः 3 साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न, रिश्तेदार सहित 2 आरोपी अरेस्ट, अस्पताल में भर्ती मासूम?

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारत अधिक खबरें

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो