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'हमने भूला नहीं, हमने छोड़ा नहीं, गर्व इतना था कि...', पुलवामा हमले में शहीद जवानों को CRPF ऐसे किया याद 

By पल्लवी कुमारी | Updated: February 14, 2020 10:03 IST

पुलवामा हमला एक साल: 14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 76 वीं बटालियन का काफिला गुजर रहा था। लेकिन सड़क के दूसरी तरफ से आकर जैश-ए- मोहम्मद के आतंकी की कार ने सीआरपीएफ जवानों के काफिले को टक्कर मारी और विस्फोट हुआ, जिसमें 40 जवान शहीद हुए।

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ठळक मुद्देपुलवामा आतंकी हमले में शहीद 40 सीआरपीएफ कर्मियों की याद में बनाए गए स्मारक का लेथपुरा कैंप में आज उद्घाटन किया जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पुलवामा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी।

पुलवामा हमले का आज एक साल हो गया है। आज ही के दिन 14 फरवरी 2019 को पुलवामा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग एक बम विस्फोट हुआ था, जिसमें 40 सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए थे। इस दिन सीआरपीएफ (CRPF) ने भी अपने जवानों को याद करते हुए दो ट्वीट किए हैं। सीआरपीएफ ने ट्वीट करते हुए लिखा है, ''तुम्हारे शौर्य के गीत, कर्कश शोर में खोए नहीं। गर्व इतना था कि हम देर तक रोए नहीं।'' इस ट्वीट के साथ सीआरपीएफ ने शहीद हुए जवानों की तस्वीर भी शेयर की। 

एक अन्य ट्वीट में सीआरपीएफ ने लिखा, ''हमने भूला नहीं, हमने छोड़ा नहीं, हम जवानों की शहादत को सलाम करते हैं। हम शहीद हुए जवानों के परिवारों के साथ कंधे से कंधा लगाकर खड़े हैं'' 

पुलवामा हमले में शहीद 40 सीआरपीएफ जवानों की याद में बना स्मारक

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद 40 सीआरपीएफ कर्मियों की याद में बनाए गए स्मारक का लेथपुरा कैंप में आज उद्घाटन किया जाएगा। सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक जुल्फिकार हसन ने गुरुवार को स्मारक स्थल का दौरा करने के बाद कहा, '' यह उन बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि देने का तरीका है जिन्होंने हमले में अपनी जान गंवाई।’’ स्मारक में उन शहीद जवानों के नामों के साथ ही उनकी तस्वीरें भी होंगी। साथ ही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का ध्येय वाक्य ‘‘सेवा और निष्ठा’’भी होगा।

 यह स्मारक उस स्थान के पास सीआरपीएफ कैंप के अंदर बनाया गया है जहां जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी अदील अहमद डार ने विस्फोटकों से भरी कार सुरक्षा बलों के काफिले से टकरा दी थी। इस हमले में 40 कर्मियों की मौत हो गई थी। इस हमले के लगभग सभी षडयंत्रकारियों को मार गिराया गया है और जैश-ए-मोहम्मद का स्वयंभू प्रमुख कारी यासिर पिछले महीने मारा गया।

पुलवामा हमला और भारत की जवाबी कार्रवाई

14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर  6 वीं बटालियन का काफिला गुजर रहा था। लेकिन सड़क के दूसरी तरफ से आकर जैश-ए- मोहम्मद के आतंकी की कार ने सीआरपीएफ जवानों के काफिले को टक्कर मारी और विस्फोट हुआ, जिसमें 40 जवान शहीद हुए। हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली। घटना को अंजाम  जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी अदील अहमद डार ने दी थी। पुलवामा हमले के ठीक 12 दिन बाद 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान स्थित बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद कै ठिकानों पर एयरस्ट्राइक किया था। भारतीय सेना ने दावा किया था कि 300 आतंकवादी मारे गए हैं।

टॅग्स :पुलवामा आतंकी हमलाजम्मू कश्मीरसीआरपीएफ
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