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Coronavirus Pandemic:एक दिन में रिकार्ड 57,584 मरीज ठीक, रिकवरी रेट 72% से अधिक

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 17, 2020 16:50 IST

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा किभारत में एक दिन में सबसे अधिक 57,584 रिकवरी दर्ज की गई हैं। देश में औसत रिकवरी रेट 72% से अधिक है। वर्तमान में सक्रिय मामलों की संख्या 6,76,900 है जो कुल मामलों का केवल 25.57% है।

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ठळक मुद्देठीक हुए मरीजों की संख्या और उपचाराधीन मरीजों की संख्या में अंतर लगातार बढ़ रहा है और यह वर्तमान में 12,42,942 है। ठीक होने की दर वर्तमान में 72.51 प्रतिशत है। प्रभावी रोकथाम रणनीति के सफल एवं समन्वित कार्यान्वयन, गंभीर रोगियों के मानकीकृत क्लीनिकल प्रबंधन के साथ ही सक्रिय एवं व्यापक जांच के चलते हुआ है।हल्के, मध्यम और गंभीर रूप से बीमार रोगी शामिल हैं जिसको लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा क्लीनिकल प्रबंधन के लिए एक मानक देखभाल प्रोटोकॉल तैयार किया गया है।

नई दिल्लीः भारत में पिछले 24 घंटे में रिकार्ड 57,584 मरीजों के ठीक होने के साथ ही देश में कोविड-19 से ठीक हुए मरीजों की कुल संख्या सोमवार को 19 लाख से अधिक हो गई।

इससे संक्रमण से उबरने की दर भी 72 प्रतिशत से अधिक हो गई। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े से मिली। भारत में कोविड-19 से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 20 लाख के करीब (19,19,842) हो गई है जबकि अभी देश में 6,76,900 मरीज उपाराधीन हैं जो कि वर्तमान में कुल संक्रमित मामलों का मात्र 25.57 प्रतिशत है। ठीक हुए मरीजों की संख्या और उपचाराधीन मरीजों की संख्या में अंतर लगातार बढ़ रहा है और यह वर्तमान में 12,42,942 है। ठीक होने की दर वर्तमान में 72.51 प्रतिशत है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ऐसा एक प्रभावी रोकथाम रणनीति के सफल एवं समन्वित कार्यान्वयन, गंभीर रोगियों के मानकीकृत क्लीनिकल प्रबंधन के साथ ही सक्रिय एवं व्यापक जांच के चलते हुआ है। मंत्रालय ने कहा कि भारत ने कोविड-19 के विभिन्न तरह के मरीजों के लिए एक मानक देखभाल प्रोटोकॉल का पालन किया है। इसमें हल्के, मध्यम और गंभीर रूप से बीमार रोगी शामिल हैं जिसको लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा क्लीनिकल प्रबंधन के लिए एक मानक देखभाल प्रोटोकॉल तैयार किया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि प्रभावी क्लीनिकल प्रबंधन रणनीति से सकारात्मक परिणाम मिले हैं। भारत हर दिन ठीक हुए मरीजों की संख्या बढ़ाने के लिए मजबूती से आगे बढ़ रहा है। मंत्रालय ने कहा कि मामलों की शुरुआती पहचान से हल्के और मध्यम लक्षण वाले मरीजों को समय पर पृथकवास में भेजना सुनिश्चित करने में मदद मिली है और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने से मामलों का समय पर और प्रभावी प्रबंधन होता है।

मृत्यु दर और कम होकर 1.92 फीसदी हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार भारत में कोविड-19 के एक दिन में 57,981 नये मामले सामने आने से कुल मामले सोमवार को बढ़कर 26,47,663 हो गए। वहीं 941 और मरीजों की संक्रमण से मौत हो जाने से मृतक संख्या बढ़कर 50 हजार से अधिक हो गई। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार भारत में कोविड-19 की पहचान के लिए की गई कुल जांच की संख्या तीन करोड़ से अधिक हो गई है।

कोविड-19 से उबर चुके मरीजों में फिर से इसके लक्षण नजर आने के विश्लेषण के लिये क्लिनिक

दिल्ली सरकार द्वारा संचालित राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कोरोना वायरस से संक्रमण मुक्त हो चुके मरीजों में इस रोग के फिर से लक्षण नजर आने का विश्लेषण करने के लिये जल्द ही एक क्लिनिक शुरू करेगा। हॉस्पिटल के मेडिकल निदेशक डॉ बी एल शेरवाल के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने के बाद फिर से इस रोग के लक्षण नजर आने वाले मरीजों के बारे में उन्हें सूचना मिली हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें ऐसे मरीजों के कॉल आये हैं जो सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे हैं।

इसलिए, क्लिनिक में हम फेफड़े का सीटी स्कैन और अन्य जांच कर यह पता लगाएंगे कि क्या विभिन्न रोगियों में इससे उबरने की प्रक्रिया अलग-अलग है। ’’ वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा कि इस क्लिनिक के इस सप्ताह से काम करना शुरू कर देने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस महीने की शुरूआत में ऐसे दो मरीजों के उदाहरण देखने को मिले, जिनके इस रोग से उबरने के करीब डेढ़ महीने बाद उनमें संक्रमण के लक्षण फिर से दिखाई दिये। इन दोनों में कोविड-19 के हल्के लक्षण थे।

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