लाइव न्यूज़ :

बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद सजायाफ्ता पूर्व सांसद आनंद मोहन को मिल रही है राहत, विभिन्न मौकों पर मिल रहा है पैरोल

By एस पी सिन्हा | Updated: April 10, 2023 16:59 IST

पूर्व सांसद आनंद मोहन को एक बार फिर से 15 दिनों के लिए पैरोल दिया गया है। इसके बाद वह 15 दिनों के लिए मंडल कारा सहरसा से बाहर आएंगे। 

Open in App
ठळक मुद्देगोपालगंज के जिलाधिकारी जी. कृष्‍णैया हत्‍याकांड मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आनंद मोहन राज्य में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद से उन्हें विभिन्न मौकों पर पैरोल मिलने लगी हैइसी कड़ी में आनंद मोहन को एक बार फिर से 15 दिनों के लिए पैरोल दिया गया है

पटना:बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद से गोपालगंज के जिलाधिकारी जी. कृष्‍णैया हत्‍याकांड मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आनंद मोहन को राहत मिलने लगी है। राज्य में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद से उन्हें विभिन्न मौकों पर पैरोल मिलने लगी है। इसी कड़ी में आनंद मोहन को एक बार फिर से 15 दिनों के लिए पैरोल दिया गया है। इसके बाद वह 15 दिनों के लिए मंडल कारा सहरसा से बाहर आएंगे। 

बता दें कि शिवहर के पूर्व सांसद आनंद मोहन को पिछली बार अपनी बेटी सुरभि आनंद की शादी में शामिल होने के लिए फरवरी महीने में 15 दिनों के लिए पैरोल पर बाहर आने की अनुमति मिली थी। इसके पहले सगाई के लिए भी 15 दिनों की पैराल मिली थी। इसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, पप्पू यादव समेत अन्य बड़े चेहरे बाहुबली की बेटी को आशीर्वाद देने पहुंचे थे।

इसके बाद अब उन्हें बेटे की सगाई से पहले यह पैरोल दिया गया है। आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद राजद से विधायक हैं। चेतन आनंद का 24 अप्रैल को रिंग सेरेमनी होगी। हालांकि, शादी 3 मई को उत्तराखंड में होनी है। इनके जेल से बहार निकलने के बाद समर्थकों को भरोसा है कि इनको जल्द ही रिहाई भी दी जा सकती है। 

फिलहाल बिहार में महागठबंधन की सरकार है, ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही आनंद मोहन की रिहाई हो जाएगी। बता दें कि पूर्व सांसद आनंद मोहन को जिलाधिकारी जी. कृष्णैया हत्याकांड में फांसी की सजा हुई थी। लंबे समय तक मुकदमा चला और आखिरकार उनकी फांसी की सजा आजीवन कारावास में बदल गयी। तब से वे जेल में ही हैं। 

दरअसल, मुजफ्फरपुर जिले में 4 दिसंबर 1994 को आनंद मोहन की पार्टी (बिहार पीपुल्स पार्टी) के नेता रहे छोटन शुक्ला की हत्या हुई थी। इससे अगले दिन 5 दिसंबर को आक्रोशित लोग छोटन शुक्ला के शव के साथ सड़क पर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान मुजफ्फरपुर के रास्ते पटना से गोपालगंज जा रहे जिलाधिकारी जी. कृष्णैया पर भीड़ ने मुजफ्फरपुर के खबड़ा गांव में हमला कर दिया था। 

आरोप था कि भीड़ का फायदा उठाकर किसी ने जिलाधिकारी की कनपटी में एक गोली भी मार दी थी। मॉब लिंचिंग में जिलाधिकारी जी. कृष्णैया की हत्या ने प्रशासनिक और सियासी हलके में उस वक्त तूफान ला दिया था। तब कृष्णैया सिर्फ 35 साल के थे। 

टॅग्स :बिहारमहागठबंधन
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेपटना स्थित राज्य महिला आयोग के दफ्तर में प्रेमी जोड़े ने की शादी, लड़के ने आयोग के सदस्यों की मौजूदगी में लड़की की मांग भरी

क्राइम अलर्ट2017 में रानी कुमारी से शादी, एक बेटा हुआ?, ससुराल बुलाकर पत्नी ने प्रेमी मो. शहजाद के साथ मिलकर पति महेश्वर राय को मार डाला, दुपट्टे से गला घोंटा

भारतमुख्यमंत्री नीतीश को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को लेकर सियासत, तेजस्वी ने कहा- ‘असम्‍मान जनक विदाई’, नीरज कुमार बोले- लालू जी की तरह परिवार को सीएम नहीं बनाएंगे?

क्राइम अलर्ट2020 में दोस्ती और 5 साल लिव इन में रहे?, 20 फरवरी 2026 को पटना में शादी, पति नीरज भंसाल मांगता है दहेज, 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ईशिता ने की सुसाइड?

क्राइम अलर्टपड़ोस की युवती से बातचीत, विक्रम मंडल को 3 युवतियों ने पीट पीटकर मार डाला, परिवार में कोहराम

भारत अधिक खबरें

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम