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RSS और बीजेपी के प्रचार तंत्र का करारा जवाब देने के लिए कांग्रेस खड़ी कर रही कार्यकर्ताओं की बड़ी फौज, ये है रणनीति

By शीलेष शर्मा | Updated: October 23, 2019 06:22 IST

उत्तर प्रदेश में 2022 विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने जो रणनीति बनाई है यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उसी रणनीति का हिस्सा है. तीन दशक से अधिक समय से हाशिये पर आई कांग्रेस ने करवट लेकर अब उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने के लिए अपना दावा ठोंक दिया है.  

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ठळक मुद्देराष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के प्रचार तंत्र का जवाब देने के लिए कांग्रेस संघ की तर्ज पर कार्यक़र्ताओं की एक बड़ी फौज तैयार कर रही है. इस फौज को तैयार करने के लिए प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली में डेरा डाल दिया है यहां, प्रदेश के जिले भर से आये कार्यक़र्ताओं को प्रशिक्षिण दिया जा रहा है. 

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के प्रचार तंत्र का जवाब देने के लिए कांग्रेस संघ की तर्ज पर कार्यक़र्ताओं की एक बड़ी फौज तैयार कर रही है. इस फौज को तैयार करने के लिए प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली में डेरा डाल दिया है यहां, प्रदेश के जिले भर से आये कार्यक़र्ताओं को प्रशिक्षिण दिया जा रहा है. 

प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को इस बात के लिए तैयार किया जाएगा कि संघ और भाजपा द्वारा सोशल मीडिया, समाचार पत्रों, टीबी डिबेट, और जनता के बीच झूठ को सच बनाने की  जो कोशिश की जा रही है उस चक्रव्यूह को कैसे तोड़ा जाए तथा सच को जनता के बीच पहुंचाने की कोशिश किस प्रकार हो.  

उत्तर प्रदेश में 2022 विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ने जो रणनीति बनाई है यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उसी रणनीति का हिस्सा है. तीन दशक से अधिक समय से हाशिये पर आई कांग्रेस ने करवट लेकर अब उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने के लिए अपना दावा ठोंक दिया है.  

राज्य की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी इस दावे को हकीकत में बदलने केलिए ऐड़ी से चोटी तक जोर लगा रही है. पिछले एक महीने में वे उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं के साथ 20 से अधिक बैठकें कर चुकी है. इन्हीं बैठकों का नतीजा है कि प्रदेश में जितने नये पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है वे सभी युवा है और नये चेहरे है.  

पार्टी के पुराने नेताओं को दरकिनार कर उन्हें यह समझाने की कोशिश की जारही है वर्षो से जिस लड़ाई को वे लड़ रहे थे उसमें कामयाब नहीं हो सके नतीजा अब उत्तर प्रदेश में पार्टी के चेहरे को बदलने की जरूरत है. 

इसी क्रम में प्रियंका ने राजबब्बर को हटाकर अजय कुमार लल्लू को अध्यक्ष बनाया, जिलों में नये चेहरे सामने  लाकर इकाईयां बदल डाली और अब हर जिले के लिए युवा नेताओं की पूरी पंक्ति तैयार की जा रही है जो अध्यक्ष वक्ता होने के साथ-साथ अपनी बात को तर्को के साथ लोगों के सामने रख सके. यह पाठशाला फिलहाल दो दिन चलेगी और उसके बाद इसकी दूसरी कड़ी शुरु होगी. जिसकी तारीखों की घोषणा होनी बाकी है. 

टॅग्स :कांग्रेसप्रियंका गांधीभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)आरएसएसउत्तर प्रदेश
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