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कांग्रेस ने जारी किए नोटबंदी के वक्त के वीडियो, ‘सरकारी अधिकारी’ के पुराने नोट बदलने का दावा

By भाषा | Updated: May 5, 2019 06:02 IST

इन वीडियो के सही होने की पुष्टि न तो पार्टी ने या न ही किसी और एजेंसी ने की है। भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है।

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कांग्रेस ने शनिवार को ऐसे तीन वीडियो जारी किए जिनमें कथित तौर पर दिखाया गया है कि कुछ ‘‘सरकारी अधिकारी’’ यह दावा कर रहे हैं कि नोटबंदी के महीनों बाद भी पुराने नोटों को बदलवा सकते हैं और आरोप लगाया कि यह भाजपा के इशारे पर किया गया। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने संवाददाता सम्मेलन में 2017 में एक खोजी पत्रकार के बनाए इन तीन वीडियो को दिखाया।

इन वीडियो के सही होने की पुष्टि न तो पार्टी ने या न ही किसी और एजेंसी ने की है। भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसमें पहला वीडियो 27 मार्च, 2017 को बनाया गया। सिब्बल के अनुसार एक सेवारत उपनिरीक्षक इस वीडियो क्लिप में आरोप लगा रहा है कि भाजपा कोषाध्यक्ष पीयूष गोयल पार्टी मुख्यालय में तैनात सुरक्षा कर्मियों को लगातार निर्देश दिया कि खास वाहनों को बिना किसी जांच के जाने दिया जाए।

सिब्बल ने आरोप लगाया कि उसने पत्रकार को कुछ सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों से मिलवाया जो नोटों को बदलने पर राजी थे। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि दूसरा वीडियो दिल्ली में 27 मार्च, 2017 को बनाया गया। इसमें दिखाया गया है कि वही अधिकारी 300 करोड़ रुपये मूल्य के नोटों को बदलने की बातचीत कर रहा है।

सिब्बल ने दावा किया कि तीसरा वीडियो एक अप्रैल, 2017 को बनाया गया। इसमें एक सरकारी अधिकारी कह रहा है कि नए छपे नोटों का मुद्रण मास्को में किया गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि जितने मूल्य वाली मुद्रा की नोटबंदी हुई उससे कहीं अतिरिक्त नोटों का मुद्रण हुआ है। सिब्बल ने कहा अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो मामले की जांच की जायेगी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का निर्णय सही सोच के साथ नहीं किया गया।

सिब्बल ने नोटबंदी को भारत का संभावित सबसे बड़ा राजनीतिक घोटाला करार देते हुये कहा कि कुछ ही लोगों को इसका फायदा मिला और देश की अर्थव्यवस्था से काला धन खत्म करने का उद्देश्य पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा, ‘‘आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 2018 में लोगों के पास 18.5 लाख करोड़ रुपये पहुंचे और यह 7.8 लाख करोड़ (2014 के) से दोगुना आंकड़ा है।

चलन में कुल मुद्रा भी तेजी से बढ़ी है। यह नवम्बर 2016 में 17.97 लाख करोड़ थी जो मार्च 2019 में 21.42 लाख करोड़ हो गई।’’ उन्होंने दावा करते हुये कहा, ‘‘नोटबंदी ने काला धन उत्पन्न किया और उसे विदेशों में जमा कराया गया। यह ज्यूरिख के स्विस नेशनल बैंक के जारी आंकड़ों से देखा जा सकता है जहां भारतीयों की जमा राशि में नोटबंदी के एक साल बाद 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 1.01 अरब स्विस फ्रैंक अथवा सात हजार करोड़ रुपये पर पहुंच गई। 

टॅग्स :नोटबंदीइंडियाकपिल सिब्बल
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