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शासी निकायों के गठन तक कोई नियुक्ति नहीं करें दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज : दिल्ली सरकार

By भाषा | Updated: December 4, 2021 16:25 IST

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नयी दिल्ली, चार दिसंबर दिल्ली सरकार ने आंशिक या पूर्ण रूप से वित्त पोषित दिल्ली विश्वविद्यालय के 28 कॉलेजों को शासी निकायों (गवर्निंग बाडी) के गठन तक कोई नियुक्ति नहीं करने को कहा है। इस आदेश से कॉलेजों और सत्तारूढ़ सरकार के बीच एक नये मुद्दे को लेकर खींचतान बढ़ सकती है।

इन 28 कॉलेजों में से, 12 पूरी तरह से दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित हैं। सरकार की ओर से धनराशि जारी करने को लेकर ही दोनों पक्षों के बीच विवाद है। दिल्ली सरकार ने पत्र लिखकर कॉलेजों को यह आदेश दिया है।

दिल्ली के उच्च शिक्षा निदेशालय (डीएचई) ने शुक्रवार को एक आदेश जारी कर कहा, 'यह संज्ञान में आया है कि दिल्ली सरकार द्वारा पूर्ण अथवा आंशिक रूप से वित्त पोषित दिल्ली विश्वविद्यालय के कई कॉलेज विधिवत गठित शासी निकायों की अधिसूचना के बिना ही कॉलेजों में नियुक्ति करने की प्रक्रिया में हैं। ऐसे कॉलेजों को सूचित किया जाता है कि शासी निकायों के गठन के बिना कॉलेज में किसी प्रकार की कोई नियुक्ति नहीं करें।'

दिल्ली सरकार द्वारा पूर्ण रूप से वित्त पोषित आचार्य नरेन्द्र देव कॉलेज के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस आदेश को लेकर कहा, 'अब हम मुश्किल में हैं। शिक्षकों के बिना, कोई संस्थान कैसे काम कर सकता है? हमारे पास पूर्णकालिक संकाय के लिए सात से आठ पद खाली हैं और हमें अतिथि शिक्षकों की भी आवश्यकता है।'

शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज की प्रचार्य पूनम वर्मा ने कहा कि वे डीएचई को सूचित करेंगे कि वे 22 नवंबर से शुरू हुए नए सत्र के प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए अंतरिम व्यवस्था के तहत कॉलेज में अतिथि शिक्षकों की नियुक्तियां कर रहे हैं।

इस बीच, दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के अध्यक्ष ए के भागी ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, 'इस पत्र के जरिए पूर्ण अथवा आंशिक रूप से वित्त पोषित कॉलेजों को बर्बाद करने का आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा प्रायोजित एजेंडा स्पष्ट रूप से उजागर होता है। डूटा इसके खिलाफ पूरी दृढ़ता के साथ लड़ाई लड़ेगा।'

इंदिरा गांधी शारीरिक शिक्षा और खेल विज्ञान संस्थान, शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज, शहीद राज गुरु कॉलेज, दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज, डॉ भीम राव अंबेडकर कॉलेज, आचार्य नरेन्द्र देव कॉलेज और भगिनी निवेदिता कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय के ऐसे कॉलेज हैं, जो पूरी तरह से दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित हैं।

जबकि शिवाजी कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज, लक्ष्मी बाई कॉलेज, शहीद भगत सिंह कॉलेज, मैत्रेयी कॉलेज, एसपीएम कॉलेज फॉर विमेन, सत्यवती कॉलेज, विवेकानंद कॉलेज, राजधानी कॉलेज, कमला नेहरू कॉलेज और गार्गी कॉलेज आंशिक रूप से वित्त पोषित हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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