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तिहाड़ में चिदंबरमः हल्के नाश्ते के साथ की दिन की शुरुआत, SC से मिली वेस्टर्न शौचालय की विशेष सुविधा

By भाषा | Updated: September 6, 2019 11:12 IST

अदालत ने पी. चिदंबरम को जेल में अपने साथ चश्मा, दवाएं ले जाने की अनुमति दी और निर्देश दिया कि उन्हें तिहाड़ जेल में अलग कोठरी में रखा जाए क्योंकि उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। अन्य कैदियों की तरह वह जेल के पुस्तकालय में जा सकते हैं और निश्चित अवधि के लिए टेलीविजन देख सकते हैं।

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ठळक मुद्देउन्हें अलग कोठरी और वेस्टर्न शौचालय के अलावा कोई विशेष सुविधाएं नहीं मिलेगी। अदालत ने उन्हें जेल में अपने साथ चश्मा, दवाएं ले जाने की अनुमति दी

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम का नया ठिकाना एशिया की सबसे बड़ी जेल के तौर पर पहचान रखने वाली तिहाड़ जेल है जहां उन्होंने बृहस्पतिवार को पहली रात काटी और शुक्रवार को अपने दिन की शुरुआत हल्के नाश्ते के साथ की। आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में एक अदालत ने उन्हें दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेजा है। जेल के अधिकारियों ने बताया कि कांग्रेस नेता को बृहस्पतिवार शाम को जेल में लाया गया ओर उन्हें अलग कोठरी और वेस्टर्न शौचालय के अलावा कोई विशेष सुविधाएं नहीं मिलेगी। ये विशेष सुविधाएं उन्हें उनके अनुरोध पर अदालत ने दी हैं।

अदालत ने उन्हें जेल में अपने साथ चश्मा, दवाएं ले जाने की अनुमति दी और निर्देश दिया कि उन्हें तिहाड़ जेल में अलग कोठरी में रखा जाए क्योंकि उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। अन्य कैदियों की तरह वह जेल के पुस्तकालय में जा सकते हैं और निश्चित अवधि के लिए टेलीविजन देख सकते हैं।

सूत्रों ने बताया कि चिदंबरम ने आज हल्का नाश्ता किया। गत रात को उन्होंने जेल के मेन्यू के अनुसार रोटियां, दाल, सब्जी और चावल खाए। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री चिदंबरम को राउज एवेन्यू में एक विशेष सीबीआई अदालत से बृहस्पतिवार को नीले रंग की पुलिस बस में जेल में लाया गया। यह अजीब इत्तेफाक है कि उन्हें जेल नंबर 7 में बंद किया गया है जहां उनका बेटा आईएनएक्स मीडिया मामले में ही पिछले साल 12 दिनों तक रहा था।

अधिकारियों ने बताया कि जेल को पहले ही तैयार कर दिया गया था क्योंकि जेल अधिकारियों को आभास था कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के खिलाफ चल रहे अदालती मामलों के मद्देनजर उन्हें यहां लाया जा सकता है। जेल नंबर 7 में दरअसल वे कैदी रहते हैं जो प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामलों का सामना करते हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को भी इस जेल में बंद किया गया है। ईडी अगस्ता वेस्टलैंड और एक बैंक धोखाधड़ी के मामले में उनकी जांच कर रही है।

अधिकारियों ने बताया कि अभी तिहाड़ जेल में 17,400 कैदी हैं जिनमें करीब 14,000 विचाराधीन कैदी शामिल हैं। 31 दिसंबर 2018 तक तिहाड़ जेल में 14,938 पुरुष और 530 महिलाएं बंद थी जो 31 दिसंबर 2017 के मुकाबले 2.20 प्रतिशत अधिक संख्या है। विचाराधीन कैदियों की संख्या बढ़ने के कारण यह बढ़ोत्तरी हुई है। तिहाड़ जेल में दिवंगत कांग्रेस नेता संजय गांधी, पूर्व जेएनयूएसयू नेता कन्हैया कुमार, राजद प्रमुख लालू यादव, उद्योगपति सुब्रत रॉय, गैंगस्टर छोटा राजन और चार्ल्स शोभराज, सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई हाई-प्रोफाइल कैदी रह चुके हैं। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म के दोषी भी इसी जेल में बंद हैं।

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