लाइव न्यूज़ :

चन्नी ने कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा को देर से उठाया गया, पर स्वागत योग्य कदम बताया

By भाषा | Updated: November 19, 2021 22:33 IST

Open in App

चंडीगढ़, 19 नवंबर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा को ‘‘बहुत देर से उठाया गया लेकिन स्वागत योग्य कदम’’ करार दिया। उन्होंने राज्य में किसान आंदोलन के नाम पर एक स्मारक बनाने का भी वादा किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुरु नानक जयंती के अवसर पर राष्ट्र के नाम संबोधन में तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा की और कहा कि इसके लिए संसद के आगामी सत्र में विधेयक लाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से जुड़े मुद्दों पर एक समिति बनाने की भी घोषणा की।

चन्नी ने कहा कि अगर मोदी ने यह फैसला बहुत पहले ले लिया होता तो कई लोगों की जान बच जाती। किसानों पर ‘‘इन काले कृषि कानूनों को मनमाने ढंग से थोपने’’ के लिए केंद्र को दोषी ठहराते हुए, चन्नी ने कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को यह स्वीकार करना चाहिए कि उसने इन विधेयकों को लाकर एक बड़ी गलती की है, जिसके लिए वह पिछले डेढ़ साल में शायद ही कभी झुकी।’’

किसान नेताओं ने दावा किया कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान लगभग 700 किसानों की जान चली गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जब प्रधानमंत्री ने इन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की है, तो उन्हें किसानों को ‘‘उनके जीवन की क्षति और संपत्ति के भारी नुकसान’’ के लिए पर्याप्त रूप से मुआवजा देना चाहिए। इसी तरह, उन्होंने 'किसान मोर्चा' के दौरान राज्य को वित्तीय और संपत्ति के नुकसान के लिए मुआवजे की भी मांग की।

चन्नी ने मोदी के बयान का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘यह किसानों के आंदोलन की जीत है।’’ उन्होंने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए कानून बनाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के पीड़ित परिवारों को नौकरी दे रही है, साथ ही आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में किसान आंदोलन के नाम पर स्मारक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद अगर कोई बड़ा संघर्ष हुआ तो उसने देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत किया।

चन्नी ने यह भी मांग की कि केंद्र उस अधिसूचना को वापस ले, जिसके जरिये सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 कर दिया गया है। कृषि कानूनों को लेकर अकाली और भाजपा नेतृत्व की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि वे ‘‘किस चेहरे के साथ’’ लोगों के पास जाएंगे।

चन्नी ने आरोप लगाया कि अकाली-भाजपा और यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के गठजोड़ ने ‘‘कृषि आंदोलन को कमजोर करने के सभी प्रयास किए लेकिन अंत में यह बुराई पर अच्छाई की जीत है।’’

इससे पहले चन्नी ने ट्वीट किया, ‘‘ तीन काले कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला, सबसे लंबे, शांतिपूर्ण संघर्ष की जीत है, जिसकी शुरुआत पंजाब में किसानों ने की थी। अन्नदाता को मैं सलाम करता हूं।’’

गौरतलब है कि कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) कानून, कृषि (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार कानून और आवश्यक वस्तु संशोधन कानून, 2020 के खिलाफ पिछले लगभग एक साल से राजधानी दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर हजारों किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही, वे फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांग भी कर रहे हैं। सरकार और किसानों के बीच इन मुद्दों पर 11 दौर की बातचीत हुई जो बेनतीजा रही थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारबुलेट ट्रेन से मुंबई-अहमदाबाद की यात्रा 1 घंटा 58 मिनट में ?, आर्थिक-रोजगार को बढ़ावा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- पर्वतीय सुरंग का निर्माण

ज़रा हटकेऋषिकेश की सड़क पर अचानक सामने आया भालू, CCTV VIDEO वायरल

भारतनागपुर नगर निकाय चुनाव 2026ः नाम वापस मत लीजिए, भाजपा प्रत्याशी को समर्थकों ने घर में किया बंद, चुनाव से हटे किसान गावंडे

भारतBMC Polls 2026: मुंबई के पास 'कश्मीर बनेगा पाकिस्तान' गाना बजने से अहम चुनावों से पहले विवाद खड़ा हुआ, नितेश राणे ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी | VIDEO

ज़रा हटकेबारामूला में पहाड़ खिसका, सड़क पर मची भगदड़, डरावना VIDEO वायरल

भारत अधिक खबरें

भारतमहानगर पालिका चुनाव में क्या 50 लाख रुपये लेकर पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने बांटे टिकट?, पूर्व पार्षद भानुषी रावत ने लगाए गंभीर आरोप

भारतइंदौर पेयजल कांड: उमा भारती ने खोल दी पोल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव से इस्तीफा मांगा

भारत1-7 फरवरी 2026 को होंगे महाराष्ट्र में 12 जिला परिषद और 125 पंचायत समिति चुनाव?, 7-10 जनवरी को महाराष्ट्र निर्वाचन आयोग करेगा घोषणा

भारतबिहार कैबिनेट विस्तारः जदयू से 6 और भाजपा कोटे से 4 मंत्री बनेंगे?, 15 जनवरी के बाद ये विधायक...

भारतTrain Cancelled 2026: जनवरी से लेकर मार्च तक कैंसिल रहेंगी ये ट्रेनें, सफर करने से पहले चेक करें लिस्ट