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CG ELECTION 2023: छत्तीसगढ़ की जनता साइलेंट किलर: सांसद गोमती साय

By स्वाति कौशिक | Updated: December 2, 2023 15:15 IST

रायगढ़ सांसद गोमती साय से खास बातचीत---

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ठळक मुद्देछत्तीसगढ़ की जनता को नए नाम साइलेंट किलरआंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद से उठकर संसद तक सफरक्या प्रदेश में ट्राइबल सीएम होना चाहिए.?

रायपुर: छत्तीसगढ़ में अब सभी राजनीतिक पार्टियों, यहां की जनता और हर वर्ग, 3 तारीख को घोषित होने वाले परिणामों की प्रतीक्षा में है। इस दौरान राजनीति राजनीति से जुड़े हुए लोग और प्रत्याशी सभी रिलैक्स मोड में देख रहे हैं। ऐसे ही रिलैक्स मोड में रायगढ़ से सांसद वर्तमान बीजेपी की पत्थलगांव की विधायक प्रत्याशी गोमती साय भी नजर आई।

रिलैक्स मोड में गोमती साय ने लोकमत से खास बातचीत की... आपने इस बातचीत के दौरान जहां गोमती ने जनता के बहुत प्यार के लिए उन्हें धन्यवाद कहा तो वही छत्तीसगढ़ की जनता को नए नाम साइलेंट किलर से भी नवाजा... आखिर क्या वजह है इस नाम की पढ़िए जरूर।

प्रश्न :- चुनावी मोड़ खत्म हो चुका है तो अब रिलैक्स मोड में दिनचर्चिया क्या है..?

उत्तर :- छत्तीसगढ़ में बहुत अच्छे से सरगर्मी से चुनाव लड़ा गया है। हम सब ने बहुत मेहनत के साथ चुनाव लड़ा है। जाहिर सी बात है की अच्छा मेहनत किए है, तो उसका परिणाम भी अच्छा ही होगा।

प्रश्न :- आप अपने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद से उठकर सांसद तक के सफर को आप कैसे देखती हैं..?

उत्तर :- संघर्ष से ही सब कुछ मिलता है, बिना मेहनत के कुछ नही मिलता, जो जितना संघर्ष करें उसको उतनी ही कामयाबी मिलेगी। जो खुद का साथ - खुद दे उसका ऊपर वाला भी साथ देता है। मैं एक गांव की  महिला हूं, हमारे जितने भी छत्तीसगढ़ वासी है भारतवासी महिलाएं है चाहे वह ग्रामीण परिवेश में हो चाहे वह शहर के इलाके में हो वह कहीं भी हो तो महिला किसी से काम नहीं है. जो वह पाना चाहती है वह कर सकती हैं। कर्म करना अपने हाथ में होता है फल तो ऊपर वाला ही देता है। 

प्रश्न :- जब पार्टी ने आपको सांसद रहते विधायक प्रत्याशी बनाया तब कैसा लगा...?

उत्तर :- रिएक्शन कुछ भी नहीं था। हम लोग सब भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं, जो दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक पार्टी है। पार्टी के सदस्य होने के नाते मैं पार्टी की सिपाही हूं। सेनापति जैसे आदेश करें डायरेक्शन दे सिपाही का काम होता है लड़ाई करना उसी तर्ज पर मैं एक सिपाही हूं भारतीय जनता पार्टी की, मैं एक छोटी सी सिपाही हूं, पार्टी जो आदेश करेंगी हम उसको अमल करने में प्रतिबद्ध रहते हैं। 

प्रश्न :- आपके सामने जिन्हें बतौर प्रत्याशी कांग्रेस ने मैदान में उतारा वह काफी उम्र दराज और अनुभवी नेता माने जाते उनके सामने फाइट कैसा रहा।

उत्तर :- चुनाव लड़ने का तरीका उनका अपना अलग है और हमारा अपना अलग वह अपने तरीके से लड़े। इसमें लिए मेरे लिए कोई चैलेंज नहीं था ना मैं किसी को अपना प्रतिद्वंद्वी मानती हूं मैं अपना काम करती हूं अपने तरीके से काम करती हूं और जनता के बीच अपने बात को रखना है. हमको अपना निवेदन करना है यह चुनाव लड़ने का तरीका होता है। अपना विचार को जनता के पास रखा। मैं किसी के खिलाफ नहीं गई और ना ही मुझे किसी के खिलाफ कुछ कहने का मन था। अपना बेस्ट मैंने जनता के पास रखा है। जनता ने मुझे उसी हिसाब से प्रेम दिया है।

प्रश्न :- ट्राइबल सीएम के बारे में आप क्या सोचती हैं, क्या प्रदेश में ट्राइबल सीएम होना चाहिए..?

उत्तर :- इसमें मेरा बहुत ज्यादा बोलने का मन नहीं है. पार्टी उचित जगह उचित व्यक्ति को देती हैं। मैं किसी चीज को मांगी, या कहूं ये उचित नहीं है। पार्टी जिसे उपयुक्त समझती हैं उसे मौका देती हैं।

प्रश्न :- परिणाम के बाद ऐसा कौन सा काम लगता है जो पत्थलगांव में होना चाहिए..?

उत्तर :- वर्तमान विधायक 8 बार के विधायक है, मैं उनकी बुराई नही करूंगी पर पत्थलगांव में सड़क और पानी का काम नहीं हुआ है। उसको सब से पहले करना है । ये वहा की आवश्यक चीज है।

प्रश्न :- 15 साल की बीजेपी सरकार का 15 सीटों पर सिमटने के पीछे क्या वजह रही है..?

उत्तर :- मैं इसमें एक ही चीज कहूंगी की 15 साल बीजेपी की सरकार रही, हो सकता है जनता को लगा हो की दूसरे को मौका देकर देखते हैं। पर जिस तरह से एग्जिट पोल में बता रहे हैं की प्रदेश में बीजेपी सरकार बना रही हैं। तो 15 सीट की अपेक्षा जो पोजिशन बता रहे है वो बहुत ही अच्छा है, और सरकार भी बनेगी।

मुझसे कई बार यही प्रश्न पूछा गया है, छत्तीसगढ़ की जनता बहुत ही सरल और सहज है। मैं दावे के साथ कह रही हुं छत्तीसगढ़ की जनता लड़ाई कर के सत्ता को बदलना नहीं चाहती । जनता यहां की साइलेंट किलर है वो शांत रहकर सत्ता बदलना जानती है। 

प्रश्न:- छत्तीसगढ़ में अगर बीजेपी आती हैं तो वापस एक बार फिर छत्तीसगढ़ियावाद की बात निकलकर आएगी?

उत्तर :- देखिए छत्तीसगढ़िया वाद कहीं नहीं गया था। मैं गांव को रहने वाली हूं, किसान की बेटी हूं, किसानी करती हु, आज मैं लोगो से सहज रूप से मिलती हूं। ये बीजेपी की क्वालिटी है। ये छत्तीसगढ़िया वाद कभी गया ही नहीं था। इन लोग ने इसको इस्सु बनाया है ।

प्रश्न:- फिर क्या वजह थी कि छत्तीसगढ़ के पर्व को सीएम हाउस तक पहुंचने में इतना समय लग गया ..?

उत्तर :- लोगों के सोच का अपना-अपना फर्क है। मैं गांव की हु, जिस तरह से लोग कर्मा , डोंकेश और भी लोकल त्योहार है हमने उनको कभी नहीं छोड़ा था। बस ये हैं की हम लोग कभी दिखाते नहीं थे, और ये लोग दिखा रहे हैं, बस यही फर्क है। छत्तीसगढ्यवाद कहीं गया नहीं था। उसको इस्सू बनाए गया है।

अब रही बात कर्ज माफी की तो किस कैटेगरी में कितना कर्जा माफ हुआ बताए मुझे। इन्होंने सरकार में आने के लिए लोगों के बीच भ्रम फैलाया जिसमें जनता ने इन्हे मौका दिया उसके बाद, अब जनता भी समझ चुकी हैं। अब वो उन्हें मौका देने वाली नहीं हैं, इसलिए मैं कह सकती हुई, आप रिजल्ट देख लीजिएगा और उस दिन भी मुझे याद कीजिएगा।

टॅग्स :छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023BJPकांग्रेस
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