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बंबई HC ने विमानों में सुरक्षा उपायों पर एयर इंडिया से जवाब मांगा, पायलट ने दायर की थी याचिका

By भाषा | Updated: May 24, 2020 14:07 IST

एयर इंडिया के वकील अभिनव चंद्रचूड़ ने याचिका का विरोध किया और उच्च न्यायालय को बताया कि 23 मार्च के परिपत्र के स्थान पर भारत सरकार ने 25 मई से घरेलू विमानों का संचालन बहाल करने की अनुमति देते हुए 22 मई 2020 को एक नया परिपत्र जारी किया।

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ठळक मुद्देएक पायलट की याचिका पर एयर इंडिया और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से जवाब मांगा है।याचिका में दावा किया गया है कि विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने में एयरलाइन कोविड-19 के संबंध में सुरक्षा कदमों का पालन नहीं कर रही है।

मुंबई: बंबई उच्च न्यायालय ने एयर इंडिया के एक पायलट की याचिका पर एयर इंडिया और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से जवाब मांगा है। याचिका में दावा किया गया है कि विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने में एयरलाइन कोविड-19 के संबंध में सुरक्षा कदमों का पालन नहीं कर रही है। पायलट देवेन कनानी ने अपनी याचिका में दावा किया कि भारत सरकार ने 23 मार्च 2020 को एक परिपत्र जारी कर वैश्विक महामारी के कारण विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाते हुए कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए कुछ शर्तें तय की थीं।

उन्होंने याचिका में कहा कि दो यात्रियों के बीच वाली सीट खाली रखने से जुड़ी शर्त का एयर इंडिया पालन नहीं कर रही है। कनानी ने सैन फ्रांसिस्को और मुंबई के बीच चल रहे एयर इंडिया के विमान की तस्वीरें पेश की जिसमें सभी सीटें भरी हुई थीं। एयर इंडिया के वकील अभिनव चंद्रचूड़ ने याचिका का विरोध किया और उच्च न्यायालय को बताया कि 23 मार्च के परिपत्र के स्थान पर भारत सरकार ने 25 मई से घरेलू विमानों का संचालन बहाल करने की अनुमति देते हुए 22 मई 2020 को एक नया परिपत्र जारी किया।

चंद्रचूड़ ने अदालत को बताया कि नए परिपत्र में यह नहीं कहा गया है कि बीच वाली सीट को खाली रखने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि विदेशों से यात्रियों को भारत लाते हुए कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए।

न्यायाधीश आर डी धनुका और न्यायमूर्ति अभय आहूजा की खंडपीठ ने शुक्रवार को कहा कि 22 मई के परिपत्र पर सरसरी तौर पर नजर मारने से पता चलता है कि यह केवल घरेलू विमानों के संचालन पर लागू है न कि अंतरराष्ट्रीय विमानों के संचालन पर। पीठ ने एयर इंडिया और डीजीसीए को अपना रुख स्पष्ट करते हुए हलफनामा दायर करने के निर्देश दिए और इस मामले की अगली सुनवाई के लिए दो जून की तारीख तय की। अदालत ने साथ ही कनानी को 22 मई के परिपत्र को चुनौती देने वाली अपनी याचिका में सुधार करने की भी मंजूरी दी। 

टॅग्स :कोरोना वायरसएयर इंडिया
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