असम में नागरिक संशोधन विधेयक पर जारी विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद रामेश्वर तेली ने राज्य के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को रामेश्वर तेली के घर पर भी हमला किया था। केंद्रीय मंत्री के अनुसार प्रदर्शनकारियों द्नारा उनके चाचा की दुकान को भी जलाया गया जबकि घर के बाउंड्री वॉल को नुकसान पहुंचाया गया।
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार रामेश्वर तेली ने बताया, मेरे अंकल की दुकान को जला दिया गया और प्रदर्शनकारियों द्वारा रात करीब 11 बजे मेरे घर के बाउंड्री वॉल को भी नुकसान पहुंचाया गया। मैं असम के सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे शांति बनाए रखें।
रामेश्वर तेली ने साथ ही कहा, 'मैं असम का हूं। मैं कुछ भी ऐसा नहीं करूंगा जो असम के लोगों को नुकसान पहुंचाए। मैं लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि नागरिकता संशोधन बिल असम के लोगों की संस्कृति और भाषा को नुकसान नहीं पहुंचाएगा।'
बता दें कि प्रदर्शनकारियों ने असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के डिब्रूगढ़ स्थित घर पर भी पथराव किया। इस बीच असम में स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। गौरतलब है कि ‘कैब’ के खिलाफ लगातार हो रहे प्रदर्शन के बाद गुवाहाटी में बुधवार रात अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया था। चार स्थानों पर सेना के जवानों को तनात किया गया है जबकि बुधवार को त्रिपुरा में असम राइफल्स के जवानों को तैनात भी किया गया था।
अखिल असम छात्र संगठन (आसू) ने गुवाहाटी में सुबह 11 बजे से विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। वहीं कृषक मुक्ति संग्राम समिति ने लोगों से अपील की है कि वे सड़कों पर उतरें और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें। कर्फ्यू के बावजूद बुधवार रात लोग सड़कों पर निकल आए थे। सेना ने शहर में गुरुवार सुबह फ्लैग मार्च निकला। भारी संख्या में नाकेबंदी के बाद असम के कई शहरों में सड़कों पर वाहन फंसे हुए हैं। पांच-छह वाहनों में आग भी लगा दी गई।
लोकसभा में इस विधेयक के पेश होने के बाद से ही असम में प्रदर्शन और हिंसा की खबरें आने लगी थीं। नागरिकता (संशोधन) विधेयक सोमवार को लोकसभा में पारित हो चुका है। इसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिम शरणार्थी - हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है।