लाइव न्यूज़ :

भाजपा विधायक ने की 'ताजमहल' और 'कुतुबमीनार' को तोड़ने की मांग, बोले- "शाहजहां-मुमताज़ के मोहब्बत की कहानी झूठी है"

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: April 7, 2023 10:05 IST

असम के भाजपा विधायक रूपज्योति कुर्मी इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते हैं कि ताजमहल मोहब्बत की निशानी है। उनका कहना है कि शाहजहां की मुमताज के लिए मोहब्बत की बात झूठी थी। इस कारण वो ताजमहल और साथ में कुतुबमीनार को गिराये जाने और उनकी जगहों पर मंदिर बनाये जाने की मांग कर रहे हैं।

Open in App
ठळक मुद्देभाजपा विधायक रूपज्योति कुर्मी ने की ताजमहल और कुतुबमीनार को जमींदोज करने की मांगभाजाप विधायक कुर्मी ने ताजमहल और कुतुबमीना की जगह भव्य मंदिर बनवाने की मांग कीअसम के मरियानी से भाजपा विधायक कुर्मी ने कहा कि शाहजहां-मुमताज के मोहब्बत की बात झूठी है

गुवाहाटी: असम के मरियानी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक रूपज्योति कुर्मी ने मांग की है कि ताजमहल और कुतुबमीनार को जमींदोज करके उसकी जगह भव्य मंदिर का निर्माण कराया जाए। भाजपा विधायक रूपज्योति कुर्मी इस बात से कतई इत्तेफाक नहीं रखते हैं कि ताजमहल मोहब्बत की निशानी है। उनका कहना है कि शाहजहां की मुमताज के लिए मोहब्बत की बात झूठी थी और इसे सिद्ध करने के लिए वो अपने तर्क भी पेश कर रहे हैं।

विधायक कुर्मी शाहजहां के मोहब्बत को झूठा बताते हुए समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए तर्क पेश कर रहे हैं, "ताजमहज प्रेम का प्रतीक नहीं है। शाहजहां ने अपनी चौथी पत्नी मुमताज की याद में ताजमहल बनवाया तो फिर शाहजहां ने मुमताज की मौत के बाद तीन और शादियां क्यों की।"

यही नहीं बीते मंगलवार को भी विधायक रूपज्योति कुर्मी ने टाइम्स8न्यूज से बात करते हुए यह बयान दिया कि यदि उनके दावे के मुताबिक ताजमहल और कुतुबमीनार को गिराकर मंदिर बनवाया जाता है तो वह मंदिर परियोजना के लिए बतौर विधायक मिलने वाली अपने एक साल का वेतन दान में देने के लिए तैयार हैं।

समाचार वेबसाइट डेक्कन हेराल्ड के अनुसार विधायक कुर्मी इस तथ्य की भी जांच कराये जाने की मांग कर रहे हैं कि क्या वाकई में मुगल बादशाह शाहजहां, अपनी पत्नी मुमताज से मोहब्बत करता था। उन्होंने कहा कि हमें इतिहास की एक बार और खोज करनी चाहिए क्योंकि शाहजहां के आचरण के अध्ययन ऐसा प्रतीत नहीं होता है कि वो सच में मुमताज से मोहब्बत करता था।

भाजपा विधायक कुर्मी ने हाल ही में नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) की किताबों से मुगल साम्राज्य के अध्यायों को बाहर करने वाली घटना पर कहते हैं, "एनसीआरटी ने बिल्कुल सही किया है। हम बच्चों को यह नहीं सिखाना चाहते कि मुगल शासक जहांगीर ने 20 बार शादी की, जबकि शाहजहां चार शादियों के बावजूद 'प्रतीक' बन जाता है।"

उन्होंने कहा, "हमे आने वाली पीढ़ियों को ऐसी जानकारी नहीं देनी चाहिए। अब जबकि एनसीईआरटी ने मुगलों से संबंधित ऐसी भ्रामक सामग्री हटाने का फैसला किया है तो हम इसका समर्थन करते हैं।"

मालूम हो कि एनसीईआरटी ने हाल ही में 12वीं कक्षा के इतिहास पाठ्यक्रम से मुगलों से संबंधित अध्यायों को हटा दिया है। एनसीईआरटी द्वारा किये गया यह संशोधन देश भर में एनसीईआरटी के माध्यम से शिक्षा देने वाले सभी स्कूलों पर लागू होगा। एनसीईआरटी ने कक्षा 12वीं के पाठ्यक्रम से 'राजाओं और इतिहास' से संबंधित अध्याय, मुगल दरबार (16वीं और 17वीं सदी)' को 'थीम्स ऑफ इंडियन हिस्ट्री-पार्ट 2 से हटा दिया है।

इसके साथ ही एनसीईआरटी ने कक्षा 12वीं के राजनीति विज्ञान के पाठ्यक्रम से महात्मा गांधी, हिंदू-मुस्लिम एकता और आरएसएस प्रतिबंध से संबंधित कुछ भागों को पाठ्यपुस्तक से बाहर कर दिया है।

टॅग्स :ताज महलBJP MLAअसमNCERTMughals
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतVIDEO: चाय बागान से चुनावी हुंकार! पीएम मोदी ने श्रमिकों संग तोड़ी पत्तियां, बोले- असम में NDA हैट्रिक को तैयार

भारतBJP's Assam Manifesto: भाजपा ने असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने और "लव जिहाद" को खत्म करने का वादा किया

भारत40 लाख लखपति बाईदेवियों का सृजन?, ओरुनोदोई योजना के तहत 3000 रुपये?, भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ में 31 वादे

भारतसोनितपुरः एम्बुलेंस और ट्रक की टक्कर, 6 की मौत और 2 घायल, राष्ट्रीय राजमार्ग 15 पर दुर्घटना

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?