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भाजपा ने केरल की लेफ्ट सरकार पर लगाया चर्च के अपमान का आरोप, कहा- "पीएफआई के आतंकी जब ईसाई लोगों पर हमला करते थे तो सरकार खामोश रहती थी"

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: April 14, 2023 15:06 IST

केरल में भाजपा के प्रमुख के सुरेंद्रन ने आरोप लगाया है कि वामपंथी सरकार के शासन में ईसाई समुदाय के लोगों पर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) जैसे आतंकी संगठन ने न जाने कितने बार हमले किये और सरकार बिल्कुल खामोश रही।

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ठळक मुद्देभाजपा ने केरल की लेफ्ट सरकार पर ईसाई समुदाय के अपमान का आरोप लगाया भाजपा प्रमुख के सुरेंद्रन ने कहा कि सीपीएम सरकार पीएफआई के किये पर हमेशा खामोश रही उन्होंने कहा कि पीएफआई के आतंकियों ने एक प्रोफेसर का हाथ काट दिया, सरकार खामोश रही

तिरुवनंतपुरम: भारतीय जनता पार्टी ने केरल में सत्ताधारी लेफ्ट पार्टी (सीपीएम) की सरकार पर आरोप लगाया है कि वो ईसाई समुदाय और उनके पवित्र पूजा स्थल चर्च का लगातार अपमान कर रही है। इस संबंध में केरल भाजपा के प्रमुख के सुरेंद्रन ने गुरुवार को कहा कि वामपंथी शासन में ईसाई समुदाय के लोगों पर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) जैसे आतंकी संगठन ने न जाने कितने बार हमले किये और सरकार बिल्कुल खामोश रही।

सीपीएम के मुखपत्र 'पीपुल्स डेमोक्रेसी' के संपादकीय में ईसाई पादरियों के खिलाफ की गई टिप्पणी का हवाला देते हुए प्रदेश भाजपा प्रमुख सुरेंद्रन ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी और उसकी सरकार को केवल भ्रम है कि वह अपमानजनक बयान देकर ईसाई पुजारियों का अपमान करके उन्हें हतोत्साहित कर सकती है।

दरअसल 'पीपुल्स डेमोक्रेसी' के संपादकीय में केरल के कुछ प्रभावशाली चर्च के पादरियों का नाम लेते हुए आरोप लगाया गया है कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों के जरिय कथिततौर से मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में कई चर्चों के पादरियों को डराने-धमकाने का काम कर रही है।

सीपीएम के इस आरोप पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रमुख सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि केरल में वामपंथी शासन द्वारा ईसाइयों के उत्पीड़न का लंबा इतिहास रहा है। सुरेंद्रन ने लगभग 13 साल पहले ईसाई समुदाय के एक शिक्षक के खिलाफ परीक्षा पेपर में कथित रूप से इस्लाम के किये गये अपमान का बदला लेने के लिए पीएफआई कार्यकर्ताओं द्वारा हाथ काटे जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा, "यह तब हुआ था जब केरल में सीपीएम सत्ता में थी। कम्युनिस्ट सरकार के समय में पीएफआई के आतंकियों ने सरेआम एक प्रोफेसर का हाथ काटकर उसे जिंदगी भर के लिए अपाहिज बना दिया था।"

उन्होंने कहा, "सत्ताधारी सीपीएम की यह स्थिति है कि जो भी धार्मिक नेता, उनके स्टैंड को स्वीकार नहीं करते हैं। उन्हें टार्गेट किया जाता है, उनपर जानलेवा हमले होते हैं। लेकिन सीपीएम इस बात को अच्छे से समझ ले कि भारत चीन और क्यूबा के जैसा कम्युनिस्ट देश नहीं है। कोई भी ऐसा न सोचे कि ईसाईयों को दबाकर रखा जाएगा। केरल में ईसाई पादरियों की अभिव्यक्ति पर अंकुश लगाना भाजपा को स्वीकार्य नहीं है।"

टॅग्स :केरलBJPसीपीआईएमcpim
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