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मैं प्रशांत किशोर पर ध्यान नहीं देता, कौन हैं?, तेजस्वी यादव ने कहा-बिहार में कभी मुद्दा रहे ही नहीं...

By एस पी सिन्हा | Updated: May 9, 2022 17:48 IST

प्रशांत किशोर ने पिछले सप्ताह अर्द्ध-राजनीतिक मंच ‘जन सुराज’ की शुरुआत की है जो उनके मुताबिक बाद में पूर्ण रूपेण राजनीतिक दल बन सकता है और चुनाव लड़ सकता है।

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ठळक मुद्देराजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने वंचितों को सशक्त बनाया, लेकिन आर्थिक विकास की अनदेखी की।तेजस्वी यादव ने 2015 के विधानसभा चुनाव से सक्रियता दिखानी शुरू की थी।लालू प्रसाद और नीतीश कुमार ने मिलकर चुनाव लड़ा था।

पटनाः राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने अपने पिता और पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद को लेकर प्रशांत किशोर के इस बयान पर नाराजगी जताई है कि उन्होंने सत्ता में रहते हुए आर्थिक विकास की अनदेखी की। तेजस्वी ने कहा कि वह चुनावी रणनीतिकार किशोर पर कोई ध्यान ही नहीं देते।

 

किशोर ने पिछले सप्ताह अर्द्ध-राजनीतिक मंच ‘जन सुराज’ की शुरुआत की है जो उनके मुताबिक बाद में पूर्ण रूपेण राजनीतिक दल बन सकता है और चुनाव लड़ सकता है। किशोर ने कहा है कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने वंचितों को सशक्त बनाया, लेकिन आर्थिक विकास की अनदेखी की।

उन्होंने कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित करने का प्रयास किया लेकिन अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी ने कहा, ‘‘वह (किशोर) क्या कहते हैं और करते हैं, मैं ध्यान नहीं देता। वह कौन हैं? वह बिहार में कभी मुद्दा रहे ही नहीं।’’

तेजस्वी यादव ने 2015 के विधानसभा चुनाव से सक्रियता दिखानी शुरू की थी जब लालू प्रसाद और नीतीश कुमार ने मिलकर चुनाव लड़ा था और किशोर पेशेवर तौर पर उनकी सहायता कर रहे थे। राजद नेता से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान के बारे में भी पूछा गया कि कोरोना महामारी का संकट समाप्त होने के बाद नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू किया जाएगा जिस पर नीतीश कुमार का रुख अस्पष्ट है। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कुमार की पार्टी ने संसद में सीएए के समर्थन में मतदान किया है। मेरी पार्टी ने इसका विरोध किया था।

इसलिए हमें इस मुद्दे पर सफाई देने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन, मुख्यमंत्री को जरूरी स्पष्टीकरण देना होगा।’’ नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यू) ने सीएए के समर्थन में मतदान किया था, लेकिन मुख्यमंत्री देशभर में प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के विरोध में रहे हैं। उस समय जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे किशोर सीएए के खिलाफ मुखर थे और उनके इस रुख के कारण उनका नीतीश कुमार से मतभेद सामने आया और बाद में किशोर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। 

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