लाइव न्यूज़ :

Bihar Schools: 882 स्कूलों में 17069 शौचालय!, क्या शिक्षकों ने फॉर्म गलत भरा, अधिकारी हैरान

By एस पी सिन्हा | Updated: August 27, 2024 18:15 IST

Bihar Schools: सरकारी स्कूलों में नामांकित बच्चों की संख्या की तुलना में क्रियाशील शौचालयों के आंकड़े में काफी भिन्नता पाई गई है। सभी विद्यालयों में 10 से अधिक शौचालय कार्यशील हैं।

Open in App
ठळक मुद्देअंछा प्राइमरी स्कूल में महज 65 छात्राएं नामांकित हैं और क्रियाशील शौचालयों की संख्या 98 है।पहाड़पुर प्राइमरी स्कूल में महज 99 छात्राएं हैं, लेकिन वहां 55 शौचालय ऐसे हैं, जिनका उपयोग बखूबी किया जाता है। यू-डायस 2023-24 की समीक्षा के दौरान ये चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं।

पटनाः बिहार में शिक्षा विभाग के अधिकारी उसवक्त हक्के-बक्के रह गए जब वे पिछले दिनों यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इनफार्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन की एक समीक्षा रिपोर्ट को देख रहे थे। दरअसल, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उस सर्वे रिपोर्ट में पाया गया कि प्रदेश के 882 स्कूलों में 17 हजार 69 से कार्यशील शौचालय हैं। अर्थात प्रति स्कूल में औसतन 20 कार्यशील शौचालय है। विभाग के अधिकारी इस बात को लेकर भी सशंकित हैं कि कहीं सरकारी स्कूल के शिक्षकों के द्वारा अल्प ज्ञान के कारण ये फार्म गलत न भरा गया हो। लेकिन कुछ विद्यालयों के रिपोर्ट तो चौकानें वाले है। जैसे कि औरंगाबाद के तारा मिडिल स्कूल में 90, तो भोजपुर के सिकरियां हाईस्कूल में 64 शौचालय होने की विवरणी दी गई है। इसी तरह, गया के अचुकी मिडिल स्कूल में नामांकित छात्रों की संख्या महज 245 है।

जबकि, यहां 138 शौचालय बताए गए हैं। इनमें से 116 कार्यशील हैं। लेकिन सबसे आश्चर्यजनक बात ये है कि गवर्नमेंट संस्कृत स्कूल में एक भी छात्र नामांकित नहीं है और यहां 12 शौचालय कार्यशील हैं। आश्चर्य की बात यह कि औरंगाबाद जिले के अंछा प्राइमरी स्कूल में महज 65 छात्राएं नामांकित हैं और क्रियाशील शौचालयों की संख्या 98 है।

जबकि गया के पहाड़पुर प्राइमरी स्कूल में महज 99 छात्राएं हैं, लेकिन वहां 55 शौचालय ऐसे हैं, जिनका उपयोग बखूबी किया जाता है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) को पत्र भेजकर इस मामले की जांच करने का आदेश दिया है। इस तरह से यू-डायस 2023-24 की समीक्षा के दौरान ये चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं।

इन सरकारी स्कूलों में नामांकित बच्चों की संख्या की तुलना में क्रियाशील शौचालयों के आंकड़े में काफी भिन्नता पाई गई है। सभी विद्यालयों में 10 से अधिक शौचालय कार्यशील हैं। राज्य के एकमात्र अरवल जिला को छोड़ शेष 37 जिलों में यह भिन्नता पाई गई है।

जबकि, लखीसराय व शिवहर जिलों में बालिका विद्यालयों में भिन्नता नहीं मिली है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी अधिकारी शाहजहां ने कहा कि यू-डायस के कॉलम को भरने के काम को शिक्षक गंभीरता से नहीं लेते हैं।

टॅग्स :बिहारSchool Education Departmentनीतीश कुमार
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेपटना स्थित राज्य महिला आयोग के दफ्तर में प्रेमी जोड़े ने की शादी, लड़के ने आयोग के सदस्यों की मौजूदगी में लड़की की मांग भरी

क्राइम अलर्ट2017 में रानी कुमारी से शादी, एक बेटा हुआ?, ससुराल बुलाकर पत्नी ने प्रेमी मो. शहजाद के साथ मिलकर पति महेश्वर राय को मार डाला, दुपट्टे से गला घोंटा

भारतमुख्यमंत्री नीतीश को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को लेकर सियासत, तेजस्वी ने कहा- ‘असम्‍मान जनक विदाई’, नीरज कुमार बोले- लालू जी की तरह परिवार को सीएम नहीं बनाएंगे?

क्राइम अलर्टमोतिहारी जहरीली शराबः 4 की मौत और 15 की हालत खराब?, 6 लोगों की आंखों की रोशनी

क्राइम अलर्ट2020 में दोस्ती और 5 साल लिव इन में रहे?, 20 फरवरी 2026 को पटना में शादी, पति नीरज भंसाल मांगता है दहेज, 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ईशिता ने की सुसाइड?

भारत अधिक खबरें

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos