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Bihar Politics News: 120 के बैग को 1200 में और 30 की थाली 70 रुपये में खरीदा, बैग-थाली-बेंच के बाद सबमर्सिबल पंप घोटाला, बिहार के शिक्षा विभाग में घोटालों पर घोटाला!

By एस पी सिन्हा | Updated: July 29, 2024 17:45 IST

Bihar Politics News: अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने पीएचईडी विभाग को एक पत्र लिखकर स्कूलों में लगे सबमर्सिबल पंपों की जांच के आदेश दिया है।

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ठळक मुद्देजदयू विधायक संजीव कुमार सिंह ने दावा किया था।बेंच डेस्क, बैग और थाली खरीद में घोटाला किया गया है। सबमर्सिबल पंपों की गुणवत्ता के घोटाले का मामला सामने आ गया है। 

पटनाः बिहार के शिक्षा विभाग में घोटालों पर घोटाले का मामला सामने आने की संभावना व्यक्त की जाने लगी है। बिहार विधानसभा की कार्यवाही के दौरान जदयू विधायक संजीव कुमार सिंह ने दावा किया था कि स्कूलों में बेंच डेस्क, बैग और थाली खरीद में घोटाला किया गया है। उन्होंने सदन में बैग दिखाकर सबूत पेश किया था। उन्होंने दावा किया था कि 120 रुपये के बैग को 1200 रु में खरीदा गया। वहीं 30 रुपये की थाली का दाम 70 रुपये बताया गया है। जबकि बेंच खरीद में भी बड़े पैमाने पर घोटाले की बात कही जा रही है। यह मामला अभी सुर्खियों में था ही कि अब राज्य के स्कूलों में लगे सबमर्सिबल पंपों की गुणवत्ता के घोटाले का मामला सामने आ गया है। बताया जाता है कि अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने पीएचईडी विभाग को एक पत्र लिखकर स्कूलों में लगे सबमर्सिबल पंपों की जांच के आदेश दिया है।

बिहार शिक्षा विभाग द्वारा यह फैसला बिहार विधानमंडल के मॉनसून सत्र में नीतीश कुमार के सामने उठे सवाल के बाद लिया गया है। इस तरह से शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितता को लेकर सवाल उठने लगा है। अपर मुख्य सचिव केके पाठक के समय में लिए गए निर्णय पर सदन में सवाल उठा है। केके पाठक के कार्यकाल के दौरान ही स्कूलों में सबमर्सिबल पंप लगाए जाने के आदेश जारी हुआ था।

सूत्रों के अनुसार बिहार के स्कूलों में सबमर्सिबल पंप लगाने के नाम पर करीब ढाई लाख रुपये प्रति स्कूल खर्च किए गए हैं। लेकिन, जांच में यह बात सामने आई है कि कई स्कूलों में लगे समरसिबल पंप खराब हैं या फिर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा कई स्कूलों में कम लेयर पर बोरिंग की गई है। यही नही टंकी नहीं लगाई गई है और पाइप भी नहीं बिछाए गए हैं।

कई जगहों पर बोरिंग की गई तो नल नहीं लगाए गए हैं। राज्य के लगभग 13 हजार स्कूलों में सबमर्सिबल पंप लगाने के नाम पर अरबों रुपये खर्च किए गए हैं। ऐसे में सभी स्कूलों में इसी तरह की गड़बड़ी की पीएचईडी विभाग जांच करेगा। अगर जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो निश्चित ही यह एक बड़ा घोटाला हो सकता है। स्कूलों में बैग, थाली, बेंच के बाद सबमर्सिबल पंप घोटाला का खुलासा हो सकता है।

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