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झारखंड में कांग्रेस विधायक शिल्पी नेहा तिर्की के द्वारा बिहारियों को लेकर दिए गए एक बयान के बाद गरमायी बिहार की सियासत

By एस पी सिन्हा | Updated: July 28, 2024 16:24 IST

जधानी रांची में आदिवासियों और मूलवासियों को कालीन के नीचे ढक दिया गया है। यहां के आदिवासी-मूल वासियों को शहर और आलीशान भवनों से दूर किसी कोना-खोमचा में समेट कर रख दिया गया है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ की स्थिति आज क्या है वहां मुखिया कौन बनता है? बिहार से आया बिहारी आज रामगढ़ का मुखिया बनता है। 

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पटना: झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठ से कई जिलों में डेमोग्राफी बदल जाने को लेकर गरमायी सियासत के बीच मांडर से कांग्रेस विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा है कि संथाल में जो लोग डेमोग्राफिक चेंज की बात करते हैं उन्हें इसकी शुरुआत करनी चाहिए। राजधानी रांची में आदिवासियों और मूलवासियों को कालीन के नीचे ढक दिया गया है। यहां के आदिवासी-मूल वासियों को शहर और आलीशान भवनों से दूर किसी कोना-खोमचा में समेट कर रख दिया गया है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ की स्थिति आज क्या है वहां मुखिया कौन बनता है? बिहार से आया बिहारी आज रामगढ़ का मुखिया बनता है। 

शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि डेमोग्राफिक पूरे राज्य में चेंज हुआ है और इसक शुरुआत रांची से होनी चाहिए, बाद में हम संथाल की बात करेंगे। राज्य की सत्ता में सबसे ज्यादा दिन कौन लोग थे ये बात किसी से छुपी नहीं है। 1985 आधारित डोमिसाइल नीति लाकर अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को भी इन्होंने झारखंडी होने का डोमिसाइल बनाकर राज्य के आदिवासी-मूलवासी के हितों से खिलवाड़ किया है। इसको लेकर बिहार की राजनीति में बवाल मच गया है। 

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा सहित कई नेताओं ने जबर्दस्त पलटवार किया है। विजय सिन्हा ने शिल्पी नेहा तिर्की पर पलटवार करते हुए कहा है कि यह बहुत ही दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण सोच है। उन्होंने कहा कि आज भी झारखंड के लोग बिहारी शब्द से गौरवान्वित महसूस करते हैं। झारखंड बिहार का ही अंग था, लेकिन तुष्टिकरण की राजनीति में इतना गिरेंगे कि बांग्लादेशी प्रिय हो गए और बिहारी दूर नजर आने लगे हैं। बिहार और झारखंड की जनता इनको माफ नहीं करेगी। 

वहीं, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि यह क्षेत्रवाद फैलाने का प्रयास विपक्ष के नेताओं के द्वारा समय-समय पर होता रहा है। कभी जाति के आधार पर तो कभी धर्म के आधार पर और कभी क्षेत्र के आधार पर। खुशी है मुझे कि बिहारी में इतना सामर्थ्य है कि आज सबसे बड़े पदों पर बिहार के लोग हैं। जो लोग ऐसी टिप्पणी करते हैं वह लोग सिर्फ क्षेत्रवाद के आधार पर बांटने की साजिश करते हैं। 

उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि भारत सिर्फ भारतीयों का है और भारतीयों को यह संवैधानिक अधिकार है कि देश के किसी भी कोने में जाकर वह कार्य कर सके। जबकि बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि शिल्पी नेहा तिर्की अपरिपक्व हैं। शायद उनको नहीं पता कि विदेशी घुसपैठ और अपने देश के लोगों में बहुत फर्क है। बिहार से इतनी नफरत क्यों? देश में हर प्रदेश के लोग कहीं ना कहीं रहते हैं। 

बिहार और झारखंड का तो बेटी रोटी का संबंध है। कुछ दिन पहले की बात है कि बिहार झारखंड अलग हुआ। क्षेत्रवाद की घटिया सोच को पैदा करता है बिहार झारखंड को अलग करके देखना। 

टॅग्स :झारखंडबिहारकांग्रेस
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