नई दिल्लीः लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के नेता चिराग पासवान ने नीतीश कुमार पर हमला किया। चिराग ने कहा कि आज के बाद मुख्यमंत्री जी की विश्वसनीयता शून्य है। जिस जंगल राज का विकल्प बनकर आए थे उसी के साथ सरकार बना ली।
लोकतंत्र के मंदिर में खड़े होकर शपथ लिया कि मिट्टी में मिल जाऊंगा पर भाजपा के साथ नहीं जाऊंगा उसी भाजपा के साथ 2017 में ये चले गए। कैसे कोई ऐसे मुख्यमंत्री पर विश्वास रखेगा जो खुद अपने शब्दों पर नहीं टिकते। इसलिए मैं चाहता हूं कि बिहार को चुनाव में जाना चाहिए।
चिराग पासवान ने कहा कि बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए। ये जोड़ तोड़ की सरकार बनाना सही नहीं है, आपकी कोई नीति, विचारधारा, सिद्धांत है कि नहीं? राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से नाता तोड़कर बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने पर नीतीश कुमार की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने दूसरी बार जनादेश का अपमान किया है।
पासवान ने बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने और नए सिरे से चुनाव कराए जाने की मांग की। बिहार में नीतीश के इस्तीफे के बाद तेज हुई राजनीतिक हलचल के बीच चिराग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन में आ गए और कहा कि भगवा दल ने वह सब स्वीकार किया जो मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार चाहते थे।
उन्होंने कहा कि यहां तक कि भाजपा ने उनके लिए अपनी नीतियों तक से समझौता किया। चिराग ने यहां पत्रकारों से चर्चा में कहा, ‘‘नीतीश कुमार ने एक बार फिर जनादेश का अपमान किया है। उन्होंने अपनी विश्वसनीयता खो दी है...यह मजाक है क्या? एक बार आप किसी के साथ सरकार बनाते हो और दूसरी बार किसी और के साथ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं राज्यपाल से आग्रह करूंगा कि वह राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने की अनुशंसा करें। नए जनादेश के लिए विधानसभा चुनाव कराया जाना चाहिए।’’ यह पूछे जाने पर कि ताजा राजनीतिक परिस्थितियों में उनकी क्या भूमिका होगी, चिराग ने कहा, ‘‘इस बारे में मैंने कोई फैसला नहीं किया है।’’
भाजपा के सहयोगी बनें रहेंगे, मोदी जैसा नेता मिलना नामुमकिन : केंद्रीय मंत्री पारस
बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतान्त्रिक गठबन्धन (राजग) में उथल-पुथल के बीच, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने मंगलवार को जोर दिया कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ रहेगी क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा दूसरा नेता मिलना नामुमकिन है।
पारस ने अपनी पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद कहा, "हमारी पार्टी 100 प्रतिशत भाजपा के साथ है।" बैठक में भाजपा को समर्थन देने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के संस्थापक और दिग्गज दलित नेता रामविलास पासवान के नेतृत्व में 2014 में भाजपा के साथ गठबंधन करने का फैसला किया गया था और उनकी पार्टी उस फैसले पर कायम रहेगी।
रामविलास पासवान के छोटे भाई पारस पासवान का यह निर्णय अहम है क्योंकि उन्होंने चिराग पासवान के नेतृत्व के खिलाफ लोजपा का विभाजन किया था और उन्हें (पारस को) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जद (यू) का समर्थन प्राप्त था।
कुमार 2020 के विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के खिलाफ उम्मीदवार उतारने के चिराग पासवान के फैसले से नाखुश थे। पारस ने कहा, "मोदी जैसा नेता मिलना नामुमकिन है। वह देश की जरूरत हैं। मैं जब तक राजनीति करूंगा, मैं राजग में रहूंगा।" लोकसभा में उनकी पार्टी के पांच सदस्य हैं।
(इनपुट एजेंसी)