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पटना पहुंचते ही आदित्य ठाकरे ने सबको चौंकाया, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी के बीच 45 मिनट तक बातचीत, सियासी हलचल तेज

By एस पी सिन्हा | Updated: November 23, 2022 19:07 IST

बिहारः शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि अलग-अलग विषयों पर चर्चा हुई है। युवा महंगाई, रोजगार और संविधान के लिए काम करना चाहता है, अगर वे आपस में बातचीत करते रहें तो देश में कुछ अच्छा कर सकेंगे।

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ठळक मुद्देआदित्य ठाकरे को लालू यादव की जीवनी पर लिखी किताब भेंटी की।तेजस्वी यादव ने मिथिला पेंटिंग वाली शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। महाराष्ट्र हथकरघा शॉल और शिवाजी की प्रतिमा लेकर आए थे।

पटनाः शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मुलाकात की। वह सबसे पहले राबड़ी आवास पहुंचे। वहां पर तेजस्वी यादव ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने आदित्य ठाकरे को लालू यादव की जीवनी पर लिखी किताब भेंटी की।

तेजस्वी ने उनको मिथिला पेंटिंग वाली शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। दरअसल, मिथिला पेंटिंग को बिहार के खास चित्रकारी कला के रूप में जाना जाता है। इसलिए तेजस्वी ने आदित्य को मिथिला की निशानी भेंट की। वहीं आदित्य ही अपने साथ परम्परागत महाराष्ट्र हथकरघा शॉल और शिवाजी की प्रतिमा लेकर आए थे। उन्होंने तेजस्वी को महाराष्ट्र की निशानी भेंट की।

शिवसेना के युवा नेता आदित्य ठाकरे पौने 2 घंटे पटना में रहे। राबड़ी आवास पर दोनों नेताओं के बीच लगभग 45 मिनट तक बातचीत हुई। इस दौरान प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई भी मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से उनके घर पर मुलाकात के बाद दोनों नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे।

यहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी शाल ओढ़ाकर आदित्य ठाकरे का स्वागत किया। इसके बाद तीनों नेताओं के बीच बातचीत हुई। तेजस्वी ने इस मुलाकात के बाद कहा कि अभी लोकतंत्र और संविधान को बचाने की चुनौती हमारे सामने है और इसे बचाने के लिए हमसे जो बनेगा वो हम करेंगे।

वहीं, शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि आज अलग-अलग विषयों पर चर्चा हुई है। देश में जो भी युवा महंगाई, रोजगार और संविधान के लिए काम करना चाहता है, अगर वे आपस में बातचीत करते रहें तो देश में कुछ अच्छा कर सकेंगे।

मुंबई में बिहारियों पर हमला करने वाले आज सत्ता में हैंः आदित्य ठाकरे

शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे बुधवार को दोपहर बाद पटना पहुंचे। पटना पहुंचने पर हवाईअड्डे पर बड़ी संख्या में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने आदित्य ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उनके स्वागत के लिए उमड़े कार्यकर्ताओं ने जमकर समर्थन में नारेबाजी की। पटना पहुंचने पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि बिहार समेत तमाम देश के युवाओं को साथ आकर हमलोगों को कदम से कदम मिलाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मैं पटना पहली बार आया हूं। स्वागत से अभिभूत हूं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के साथ अच्छी दोस्ती बनेगी। आदित्य ने कहा कि हमारी उम्र भी लगभग बराबर है। देश के मुद्दों को लेकर हमारी सोंच है। उन्होंने कहा कि बिहार समेत तमाम देश के युवाओं को साथ आकर हमलोगों के कदम से कदम मिलाना चाहिए।

महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि हम सबको एक होना होगा। यदि युवा एक साथ होंगे तो सिर्फ बिहार या महाराष्ट्र नहीं बल्कि पूरे देश की तरक्की होगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हमें सबसे पहले यह देखना होगा कि हमारी सोंच युवा को लेकर क्या कुछ कहता है।

वहीं जब आदित्य ठाकरे से यह सवाल किया गया कि मुम्बई में जो बिहारी पर हमला किया जाता है, उसके बारे में क्या कहना है? इसपर उन्होंने कहा कि हमला करने वाले लोग अभी भाजपा के साथ मिलकर वहां सरकार चला रहे हैं। शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया कि आदित्य ठाकरे और तेजस्वी यादव की यह मुलाकात काफी अहम है।

दोनों नेता युवा है। और दोनों लीडर्स में आगे की राजनीति की पूरी संभावना है। उन्होंने कहा कि अब देश आगे बढ़ा है। राजनीति आगे बढ़ी है। तो पुरानी बातों को भूल कर नए स्तर पर राजनीति करनी चाहिए। आदित्य ठाकरे और तेजस्वी यादव अपनी-अपनी क्षेत्र के युवा नेता है। दोनों की सोच और काम करने का तरीका आधुनिक होगा।

इसबीच दोनों नेताओं की मुलाकात को भविष्य की रजनीति यानी वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव की रणनीति बनाने से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि आदित्य ठाकरे महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी पैठ बनाना चाहते हैं और बिहारी मतदाताओं को लुभाने के लिए इन दोनों नेताओं का साथ चाहते हैं।

संभावना व्यक्त की जा रही है कि आगामी महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव में राजद और जदयू के नेता प्रचार करने जा सकते हैं। ऐसा पहली बार हुआ जब ठाकरे परिवार और लालू यादव का परिवार एक साथ इस तरह से मुलाकात किया।

इससे पहले शिवसेना ने महाराष्ट्र के अंदर उत्तर भारतीयों के खिलाफ राजनीति की थी। इसी वजह से लालू यादव भी शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे को पसंद नहीं करते थे। लेकिन अब राजनीति आगे बढ़ी है तो दोनों युवा नेता आज आपस में मिल सभी गिले-शिकवे दूर करने का प्रयास किया।

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