पटनाः संत रविदास जयंती के अवसर पर पटना के बापू सभागार में आयोजित विकास मित्रों के संवर्धन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को राज्यवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने समाज सुधारक संत रविदास के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उत्थान के लिए अपने संकल्प को भी दोहराया। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि वर्ष 2005 के पहले पटना जैसे शहरों में शाम में भी कोई घर से बाहर नहीं निकलता था। आज 10-11 बजे रात तक लड़का-लड़की घर से बाहर घूमते हैं। उन्होंने इसे बदले हुए बिहार की तस्वीर बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार भी विकास योजनाओं पर बारीकी से ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में हर वर्ग के लिए काम हो रहा है। भाजपा के साथ मिलकर राज्य में सरकार चलाते हुए हर क्षेत्र का विकास हो रहा है। पहले कोई काम नहीं होता था। हम लोगों ने बिहार के विकास के लिए काम किया।
नतीजा है कि आज हर क्षेत्र में बिहार में काम हो रहा है। उन्होंने फिर से कहा कि वे अब कहीं नहीं जाने वाले हैं। वे भाजपा के साथ ही सरकार में रहेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि एससी एसटी वर्गों के हित में बिहार सरकार काफी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वे बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं तो इसके पीछे अटल बिहारी वाजपेयी का अहम योगदान रहा।
श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग (जदयू -भाजपा) वर्ष 2005 से एक साथ मिलकर राज्य का विकास कर रहे हैं। वहीं, संत रविदास जयंती पर मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि संत रविदास महान संत एवं अद्वितीय कवि थे जिन्होंने सामाजिक एकता एवं मानवतावादी मूल्यों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि संत रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक हैं, जो समाज में एकता, भाईचारा एवं आपसी बंधुत्व की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि संत रविदास के उपदेशों एवं उनके आदर्शों को हर व्यक्ति को अपने जीवन में उतारना चाहिये। कुमार ने बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में उसके शासनकाल में लोग शाम के बाद घर से बाहर निकलने से डरते थे।