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बिहारः देश भर में 11 करोड़ टॉयलेट बने, नड्डा बोले-अंत्योदय की कल्पना भाजपा और जनसंघ ने किया, अब डिजिटल और डायरेक्ट पेमेंट शुरू

By एस पी सिन्हा | Updated: July 30, 2022 20:03 IST

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि मैं गौरव के साथ कह सकता हूं कि हमारी विचारधारा, जिसकी उत्त्पत्ति श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक मजबूत देश, मजबूत राष्ट्र की कल्पना को लेकर हुई.

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ठळक मुद्देवैचारिक पृष्ठभूमि पर दीनदयाल उपाध्याय जी ने एकात्म मानववाद दिया.ग्राम स्वराज की जो कल्पना महात्मा गांधी जी ने रखी थी.1.77 लाख ग्राम पंचायत फाइबर इंटरनेट से जुड़ गए हैं.

पटनाः बिहार की राजधानी पटना में आयोजित दो दिवसीय भाजपा संयुक्त मोर्चा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पटना पहुंचे. पटना पहुंचने के बाद जेपी नड्डा ने एयरपोर्ट से जेपी गोलंबर तक रोड शो किया.

रोड शो में हजारों की संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता भी शामिल थे. जेपी गोलंबर के पास स्थित जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर उन्होंने माल्यार्पण किया और उन्हें याद किया. जिसके बाद पटना में आयोजित ग्राम संसद कार्यक्रम में जेपी नड्डा शामिल हुए. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अब भारत लेने वाला नहीं बल्कि देने वाला देश बन गया है.

नड्डा ने कहा कि अंत्योदय के सपने को नानाजी देशमुख ने साकार किया. पंचायतों को मजबूती देने का काम देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया. प्रधानमंत्री ने गांव के बजट में पांच गुना वृद्धि की. उन्होंने कहा कि 1.77 लाख ग्राम पंचायतें को सीधे पीएफएमएस से जुड़ गई हैं. अब पंचायतों के खाते में सीधी राशि पहुंच रही है.

ग्राम स्वरोजगार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा 11 करोड़ महिलाओं को इज्जत घर(शौचालय) बनाने का काम  नरेन्द्र मोदी ने किया. नड्डा ने नरेन्द्र मोदी सरकार की तमाम उपलब्धियां गिनाई. उन्होंने कहा कि विश्व के सौ देशों को कोराना का टीका उपलब्ध भारत ने कराया. इस दौरान जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी के सपने को साकार करने में विफल रही.

किसानों के लिए भाजपा के नेताओं ने सोंचा. सबका साथ सबका विकास भजपा ने करके दिखाया. उन्होंने कहा कि पंचायतों में सीधा पैसा तो जाता ही है पर मोदी सरकार में 5 गुना पैसा जाता है. बिहार को पहले भी देखा था, आज भी देख रहा हूं. जेपी नड्डा ने कहा कि ग्राम स्वराज की जो कल्पना महात्मा गांधी जी ने रखी थी.

उसको वैचारिक पृष्ठभूमि पर अमलीजामा पहनाते हुए एक रूप देने का काम भारतीय जनसंघ और भाजपा के नेताओं ने किया है. कांग्रेस ने कभी कोऑपरेटिव फार्मिंग की बात की, कभी कलेक्टिव फार्मिंग की बात की. लेकिन किसान, गांव, गरीब की अन्तरात्मा को पहचानने के विषय में उनकी सोच कहीं न कहीं पीछे रह गई और ग्राम स्वराज की कल्पना को साकार करने में वो असफल रहे.

इस कार्यक्रम में राज्य के ग्रामीण क्षेत्र में बदलाव और विकास लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए व्यापक चर्चा हुई. इस ग्राम संसद में प्रदेश के गांव-गांव से मुखिया जन-प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया और ग्राम विकास एवं ग्रामीण प्रबंधन पर अपने-अपने सुझाव दिए. कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम संसद के चीफ पैट्रन डॉ संजय मयूख (विधान पार्षद-बिहार) ने की.

जेपी नड्डा को दिखाया गया काला झंडा

बिहार की राजधानी पटना में भाजपा संयुक्त मोर्चा की कार्यकारिणी की बैठक में भाग लेने आये भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पटना कॉलेज में छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा. यहां छात्रों ने जेपी नड्डा का विरोध काला झंडा दिखा कर किया. साथ ही जेपी नड्डा गो बैक के नारे भी लगाए.

जेपी नड्डा गो बैक के नारों से पूरा पटना विश्वविद्यालय का परिसर काफी देर तक गूंजता रहा. आइसा के छात्रों ने जेपी नड्डा के काफिला को रोकने की कोशिश की, वहीं विरोध कर रहे छात्र उनकी गाड़ी के आगे लेट गए. कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई. वहीं, नड्डा और भाजपा के नेता जब तक कुछ समझ पाते पूरा पटना विश्वविद्यालय का परिसर जेपी नड्डा गो बैक के नारों से गूंजता रहा.

वहीं इसके खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने भी आइसा का विरोध शुरू कर दिया. कुछ समय तक दोनों पक्षों के बीच तीखी तकरार हुई। बाद में भारी हंगामे को देखते हुए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया. दरअसल, पटना विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया.

आईसा से जुडे छात्रों ने नड्डा के खिलाफ नारेबाजी की और मोदी सरकार पर पटना विश्वविद्यालय के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया. इस दौरान आईसा के छात्रों ने कॉलेज में जी प्लस 7 बिल्डिंग बनाने की मांग की. छात्रों का कहना था कि पटना कॉलेज में ऑडोटोरियम नहीं है, जिसके कारण दीक्षांत समारोह के आयोजन में दिक्कतों का सामना करना पडता है.

इसलिए पटना विश्वविद्यालय में ऑडोटोरियम बनाया जाए और छात्रों की इस समस्या का निदान किया जाए. आइसा ने नयी शिक्षा नीति को वापस लिए जाने की भी मांग करते हुए काला झंडा दिखाया. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय बनाने की मांग की थी.

लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री की मांग खारिज कर दी थी. तब से यह मामला ज्वलंत बना हुआ है. वहीं आज जेपी नड्डा पटना विश्वविद्याय पहुंचे. दरअसल, उनका जन्म और पढ़ाई लिखाइ पटना में हुई है. वे युवावस्था तक पटना में रहे. उनके परिवार के लोगों का पटना से दशकों का नाता रहा. इसलिए अपने पुराने शिक्षण संस्थान का सुध लेने नड्डा पटना विश्वविद्यालय गए थे.

टॅग्स :जेपी नड्डाBJPआरएसएसकांग्रेसनरेंद्र मोदीबिहारपटना
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