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Bihar Elections 2020: दूसरा चरण, तीन को मतदान, 94 सीट, राजद-महागठबंधन के भाग्य का फैसला, परिणाम को दुहराने की चुनौती

By एस पी सिन्हा | Updated: October 31, 2020 21:53 IST

बिहार चुनावः कई बाहुबलियों और उनके परिवारजनों के बल का इम्तिहान भी दूसरे चरण में होना है. दूसरे चरण में जितनी सुरक्षित सीटों पर चुनाव होना है उनमें एक को छोड़ सभी सीटों पर पिछली बार महागठबंधन ने कब्जा कर लिया था.

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ठळक मुद्देमुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी प्रसाद यादव के साथ पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव सहित कई दिग्गजों की चुनावी किस्मत तय होनी है. सिर्फ एक सीट पर ही भाजपा अपने उम्मीदवार को जिता सकी थी. लेकिन तब महागठबंधन में जदयू भी था. नये स्वरूप के अनुसूचित जाति-जानजाति के मतदाताओं पर पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकेगा.

पटनाः महागठबंधन का प्रमुख घटक दल राजद के लिए बिहार विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण बेहद महत्वपूर्ण है. इस चरण की 94 सीटों में से पिछले चुनाव में करीब एक तिहाई पर राजद ने जीत दर्ज की थी.

इसी चरण में महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी प्रसाद यादव के साथ पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव सहित कई दिग्गजों की चुनावी किस्मत तय होनी है. वहीं कई बाहुबलियों और उनके परिवारजनों के बल का इम्तिहान भी दूसरे चरण में होना है. दूसरे चरण में जितनी सुरक्षित सीटों पर चुनाव होना है उनमें एक को छोड़ सभी सीटों पर पिछली बार महागठबंधन ने कब्जा कर लिया था.

सिर्फ एक सीट पर ही भाजपा अपने उम्मीदवार को जिता सकी थी. लेकिन तब महागठबंधन में जदयू भी था. इस बार जदयू भाजपा के साथ है और वामदल महागठबंधन में. ऐसे में इन सीटों के चुनाव परिणाम के आधार पर नये स्वरूप के अनुसूचित जाति-जानजाति के मतदाताओं पर पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकेगा.

साथ ही नये स्वरूप के लिए इन सीटों को बरकरार रखना भी महागठबंधन के लिए बड़ी चुनौती होगी. दूसरे चरण में राजद 56 सीटों पर चुनाव मैदान में है. इनमें 31 सीटिंग सीटें हैं. राजद पिछले चुनाव में 80 सीटें जीतकर सबसे बड़ा दल था. दूसरे चरण के चुनाव में पार्टी के कई प्रमुख चेहरों की प्रतिष्ठा दांव पर है.

राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं, बडे़ भाई और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव हसनपुर से लड़ रहे हैं

इनमें पहला नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का है. वो राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं. उनके बडे़ भाई और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव हसनपुर से लड़ रहे हैं. पार्टी के प्रधान महासचिव आलोक कुमार मेहता उजियारपुर से राजद प्रत्याशी हैं. जबकि पूर्व सांसद सह युवा राजद के अध्यक्ष शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल बिहपुर सीट से मैदान में हैं.

राजद ने जिन बाहुबलियों या उनके परिवारीजनों को चुनाव मैदान में उतारा है, उनमें से अधिकांश के भाग्य का फैसला भी इसी चरण में होना है. इनमें पहला नाम रीतलाल यादव का है जो पटना की दानापुर सीट से राजद प्रत्याशी हैं. पूर्व सांसद आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद शिवहर सीट से चुनाव मैदान में हैं. पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के बेटे और भाई की सीटें भी दूसरे चरण में शामिल हैं. उनके बेटे रंधीर कुमार सिंह छपरा से और भाई केदारनाथ सिंह बनियापुर से लड रहे हैं. जबकि पूर्व सांसद रामा सिंह की पत्नी बीना सिंह वैशाली की महनार सीट से चुनावी भाग्य आजमा रही हैं.

वर्ष 2015 में राजद ने दूसरे चरण की 94 में से 31 सीटें जीती थीं. मगर इस बार परिस्थितियां बदली हुई हैं. गठबंधन के सहयोगी बदल चुके हैं. जदयू अब महागठबंधन नहीं एनडीए का हिस्सा है. वहीं वाम दल अब महागठबंधन के हमसफर हैं. वहीं, दूसरे चरण में राज्य के 13 सुरक्षित विधानसभा क्षेत्रों पर चुनाव होना है. इस बार इन सीटों में राजद ने पांच और कांग्रेस तथा वाम दलों ने चार-सीटें ली हैं.

आपसी सहयोग से कितनी सीटें जीत पाएंगे यह तो समय बताएगा

अब इस बार चुनाव में ये तीनों दल आपसी सहयोग से कितनी सीटें जीत पाएंगे यह तो समय बताएगा, लेकिन पिछली बार राजद ने छह सीटें जीती थीं. अलौली, बखरी, पीरपैंती, हरसिद्धी, राजापाकड और गरखा सुरक्षित सीटों पर राजद के उम्मीदवार जीते थे. इस बार इन सीटों में राजापाकड कांग्रेस के खाते में चला गया और हरिसिद्धी से राजद ने आपना उम्मीदवार बदल दिया है. 

इसी तरह महागठबंधन के उस समय के दूसरे घटक जदयू ने राजगीर, फुलवारीशरीफ और कुशेश्वरस्थान तीन सुरक्षित सीटों पर कब्जा जमाया था. इस बार इनमें राजगीर और कुशेश्वरस्थान से कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव लड रहे हैं, तो फुलवारीशरीफ पर भाकपा-माले ने अपना उम्मीदवार दिया है.

इसके अलावा भोरे सीट भी भाकपा-माले के खाते में है. दरौली पर तो भाकपा-माले के सिटिंग उम्मीदवार सत्यदेव राम हैं ही. बखरी सीट भाकपा के खाते में है. कांग्रेस भी कुशेश्वरस्था के अलावा रोडा से भी उम्मीदवार दी है. खास बात यह है कि इन सीटों में महागठबंधन के उम्मीदवरों की भाजपा से छह सीट पर है तो सात पर जदयू के उम्मीदवार सामने हैं. जिन सीटों पर जदयू से महागठबंधन के उम्मीदवारों की टक्कर है, वहां लोजपा ने भी अपना उम्मीदवार दिया है.

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