लाइव न्यूज़ :

Bhima Koregaon case: एनआईए ने की कार्रवाई, 82 वर्षीय मानवाधिकार कार्यकर्ता फादर स्टैन स्वामी अरेस्ट, जानिए पूरा मामला

By भाषा | Updated: October 9, 2020 14:48 IST

एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) से संपर्कों के चलते उन्हें बृहस्पतिवार शाम उनके घर से पूछताछ के लिए लाया गया और फिर गिरफ्तार कर लिया गया।

Open in App
ठळक मुद्देपुणे पुलिस और एनआईए के अधिकारी इस मामले में फादर स्वामी सेपहले दो बार पूछताछ कर चुके हैं। एजेंसी ने आरोप लगाया कि एजेंडा को विस्तार देने के लिए स्वामी को एक सहयोगी के माध्यम से वित्तीय मदद भी मिली।अधिकारियों के मुताबिक वह भाकपा (माओवादी) के संगठन परसिक्युटेड प्रिजनर्स सॉलिडेरिटी कमेटी (पीपीएससी) के समन्वयक भी थे।

नई दिल्लीः राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिसंबर 2017 में पुणे के नजदीक हुई भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में 82 वर्षीय मानवाधिकार कार्यकर्ता फादर स्टैन स्वामी को उनके रांची स्थित घर से गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि स्वामी को मुंबई ले जाया जाएगा।

पुणे पुलिस और एनआईए के अधिकारी इस मामले में फादर स्वामी सेपहले दो बार पूछताछ कर चुके हैं। एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) से संपर्कों के चलते उन्हें बृहस्पतिवार शाम उनके घर से पूछताछ के लिए लाया गया और फिर गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि फादर स्वामी को मुंबई ले जाया जाएगा जहां एजेंसी निर्दिष्ट अदालत से उनकी रिमांड मांगेगी। इस मामले में गिरफ्तार होने वाले वह 16वें व्यक्ति हैं।

एनआईए के अधिकारियों ने कहा कि जांच में यह साबित हो चुका है कि वह भाकपा (माओवादी) की गतिविधियों में सक्रिय रूप से लिप्त थे। एनआईए का आरोप है कि वह अन्य साजिशकर्ताओं- सुधीर धवले, रोना विल्सन, सुरेंद्र गैडलिंग, अरूण फरेरा, वर्नन गोंजाल्विस, हेनी बाबू, शोमा सेन, महेश राउत, वरवर राव, सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबड़े के साथ समूह की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की खातिर संपर्क में थे। एजेंसी ने आरोप लगाया कि एजेंडा को विस्तार देने के लिए स्वामी को एक सहयोगी के माध्यम से वित्तीय मदद भी मिली।

अधिकारियों के मुताबिक वह भाकपा (माओवादी) के संगठन परसिक्युटेड प्रिजनर्स सॉलिडेरिटी कमेटी (पीपीएससी) के समन्वयक भी थे। एनआईए अधिकारियों ने कहा कि फादर स्वामी के पास से समूह के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने से संबंधित साहित्य, प्रचार सामग्री तथा अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले स्वामी ने एक वीडियो पोस्ट करके कहा कि एनआईए उनसे पूछताछ कर रही है और बीते पांच दिन में उनसे 15 घंटे की पूछताछ की जा चुकी है। स्वामी ने वीडियो में कहा कि वह कभी भीमा कोरेगांव नहीं गए। एनआईए को भीमा कोरेगांव मामले की जांच की जिम्मेदारी इस साल 24 जनवरी को मिली थी।

टॅग्स :झारखंडभीमा कोरेगांवमुंबईएनआईए
Open in App

संबंधित खबरें

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

क्राइम अलर्टबेटे को ठीक करना है तो कुंवारी बेटी को बलि दो?, मां रेशमी देवी, तांत्रिक शांति देवी और भीम राम ने गला घोंटकर मार डाला

क्रिकेटकौन थे अनिल गुरव?, दोस्तों के बीच ‘मुंबई के विवियन रिचर्ड्स’ के नाम से थे मशहूर

क्राइम अलर्टबेकार तार को लेकर झगड़ा, हथौड़े से हमला कर प्रभु राउत ने पहाड़ी कुमार यादव को मार डाला, रोहित कुमार ने दी गवाही?, बिहार से मुंबई आए थे नौकरी करने?

क्राइम अलर्टप्यार के खिलाफ परिवार, प्रेमिका के परिवार ने बुलाया, पेड़ से बांधकर जमकर कूटा, मोबाइल-दोपहिया छीना, प्रेमी ज्ञानेश्वर कोकाटे ने फांसी लगाकर दी जान, पढ़िए सुसाइड नोट?

भारत अधिक खबरें

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'