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भंडारा अस्पताल अग्निकांड: 40 दिन बाद दो नर्सों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज, जानें क्या है मामला

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 19, 2021 21:06 IST

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि विदर्भ के भंडारा जिला अस्पताल की नवजात देखभाल इकाई में आग की घटना के सिलसिले में दो नर्सों की कथित लापरवाही के मामले में उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया.

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ठळक मुद्देदेशमुख ने कहा कि डीएसपी स्तर के अधिकारियों द्वारा मामले की गहराई से जांच की जा रही है.पिछले महीने आग लगने से दस नवजातों की मौत हो गई थी.भंडारा अस्पताल में आग की घटना की फोरेंसिक लेबरेटरी की रिपोर्ट आ गई.

भंडाराः भंडारा जिला सामान्य अस्पताल में विगत 9 जनवरी को तड़के हुए भीषण अग्निकांड में 10 नवजात शिशुओं की मौत के मामले में 2 अधिपरिचारिकाओं के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है.

इस मामले में पूरे 40 दिन बाद गुरुवार को देर रात भंडारा थाने में एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस ने आज बताया कि दोनों अधिपरिचारिकाओं के खिलाफ भादंवि की धारा 304 (पार्ट 2) और 34 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. इनमें स्मिता आंबिलढुके (34) निवासी ग्रामसेवक कॉलोनी, खात रोड भंडारा और शुभांगी साठवणे (32) निवासी सिविल लाइन, राजगोपालाचारी वार्ड, भंडारा का समावेश है. इस बीच, बताया गया कि जिन दोनों परिचारिकाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए भंडारा जिला न्यायालय में अर्जी लगाई है.

सूत्रों की मानें तो उनकी अर्जी पर सुनवाई 22 फरवरी को होगी. जानकारी के अनुसार अग्निकांड मामले की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट जिला पुलिस को प्राप्त होने के बाद साकोली के उपविभागीय पुलिस अधिकारी अरुण वायकर ने भंडारा थाने में शिकायत दर्ज कराई. इस मामले की जांच की जिम्मेदारी भंडारा के उपविभागीय पुलिस अधिकारी संजय पाटिल को सौंपी गई थी. भंडारा जिला सामान्य अस्पताल में हुए अग्निकांड के बाद भंडारा थाने में आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया था तथा मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई थी.

स्मरणीय है कि इस मामले में इससे पूर्व 21 जनवरी को अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद खंडाते समेत 7 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. इसके तहत सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद खंडाते, चिकित्सा अधिकारी डॉ. अर्चना मेश्राम और अधिपरिचारिका ज्योति भारस्कर को निलंबित कर दिया गया था, जबकि शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील अंबादे, अधिपरिचारिका स्मिता आंबिलढुके और शुभांगी साठवणे की सेवा समाप्त कर दी गई थी, वहीं निवासी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनीता बढ़े का तबादला कर दिया गया था.

फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आई: पुलिस भंडारा के जिला सामान्य अस्पताल में हुए अग्निकांड मामले में फोरेंसिक जांच रिपोर्ट भंडारा जिला पुलिस को प्राप्त हो गई है. इस संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक वसंत जाधव ने बताया कि मामले की जांच जारी रहने से रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है.

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