लाइव न्यूज़ :

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा-CJI के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए सुझाया था तीन पूर्व जजों का नाम

By स्वाति सिंह | Updated: May 11, 2019 12:54 IST

सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने अपने आरोपों में कहा था कि सीजेआई ने उनका उत्पीड़न किया था। इन आरोपों की जांच के लिए जस्टिस एसए बोबडे की अगुवाई में आतंरिक जांच कमेटी का गठन किया गया था। इस समिति में जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी भी शामिल थीं।

Open in App
ठळक मुद्देमहिला ने चीफ जस्टिस गोगोई पर आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के 22 जजों को हलफनामा भेजा था।शीर्ष कोर्ट में तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने इस मामले की सुनवाई की थी। चीफ जस्टिस ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ साजिश बताया था।

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को बचाव किया था। लेकिन, इसके दो दिन बाद 22 अप्रैल को उन्होंने सुझाव दिया था कि उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के तीन पूर्व जजों को जांच करनी चाहिए। सुझाव देते हुए उन्होंने कहा था कि तीन पूर्व जस्टिस की कमिटी को सुप्रीम कोर्ट में नौकरी से हटाई गई महिला के आरोपों की जांच करनी चाहिए। 

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एस ए बोबडे ने तीन जजों की इन-हाउस कमिटी शिकायत की जांच करने के लिए गठित की थी। इसके साथ ही केके वेणुगोपाल ने चिठ्ठी लिखकर बताया कि उन्होंने यह सुझाव एक वकील की हैसियत दिया था। उनकी यह राय सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर नहीं थी। 

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा 'मैंने सीजेआई को अटॉर्नी जनरल के तौर पर चिठ्ठी लिखी थी, लेकिन मैं यह स्पष्ट करना जरूरी समझता हूं कि मैंने वह पत्र किसी से भी सलाह लिए बिना निजी हैसियत से लिखा था। मैं यह बिलकुल नहीं चाहता हूं कि इसे सरकार की राय के तौर पर देखा जाए।' 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने अपने आरोपों में कहा था कि सीजेआई ने उनका उत्पीड़न किया था। इन आरोपों की जांच के लिए जस्टिस एसए बोबडे की अगुवाई में आतंरिक जांच कमेटी का गठन किया गया था। इस समिति में जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी भी शामिल थीं।

तीन सदस्यी आंतरिक जांच समिति ने कहा कि उसे महिला की ओर से चीफ जस्टिस के खिलाफ लगाए गए आरोपों में कुछ दम नहीं नजर आया। समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल के कार्यालय ने कहा है कि जस्टिस एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाएगी।  

क्या है मामला

महिला ने चीफ जस्टिस गोगोई पर आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के 22 जजों को हलफनामा भेजा था। बाद में शीर्ष कोर्ट में तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने इस मामले की सुनवाई की थी। चीफ जस्टिस ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ साजिश बताया था। उन्होंने कहा था कि शिकायत करने वाली महिला के पीछे कुछ बड़ी ताकतें खड़ी हैं जो शीर्ष कोर्ट को अस्थिर करना चाहती हैं।

 

टॅग्स :सुप्रीम कोर्टजस्टिस रंजन गोगोई
Open in App

संबंधित खबरें

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

भारतहिम्मत कैसे हुई ऐसा करने की?, वादी के पिता ने सीजेआई के भाई को फोन किया, नाराज न्यायाधीश ने कहा- क्या वह मुझे आदेश देंगे?

क्राइम अलर्टगुरुग्राम में 3 साल की बच्ची से बलात्कार?, उच्चतम न्यायालय ने कहा- आयुक्त से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक नाकाम?, कानून का जरा भी सम्मान तो तबादला करो

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील