लाइव न्यूज़ :

Assembly Election 2023: कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह पर लगाया भड़काऊ बयान देने का आरोप, निर्वाचन आयोग से की कार्रवाई की मांग

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: October 16, 2023 19:55 IST

जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "देश के गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में अत्यंत भड़काऊ बयान दिया है। उन्होंने हत्या के एक मामले को लेकर अपनी चुनाव सभा में सीधे कहा कि भूपेश बघेल सरकार ने तुष्टिकरण के लिए, वोट बैंक की राजनीति के लिए छत्तीसगढ़ के बेटे भुवनेश्वर साहू को लिंचिंग करवाकर मार दिया।"

Open in App
ठळक मुद्देकांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह पर लगाया भड़काऊ बयान देने का आरोपनिर्वाचन आयोग से की कार्रवाई की मांगकहा- अमित शाह सांप्रदायिकता का सहारा लेना चाहते हैं

नई दिल्ली: कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह पर छत्तीसगढ़ की एक चुनावी सभा में भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया और कहा कि निर्वाचन आयोग को शाह के खिलाफ मामला दर्ज उचित कार्रवाई करनी चाहिए। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह आरोप भी लगाया कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की हार तय नजर आने के बाद अब अमित शाह सांप्रदायिकता का सहारा लेना चाहते हैं।

जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "देश के गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में अत्यंत भड़काऊ बयान दिया है। उन्होंने हत्या के एक मामले को लेकर अपनी चुनाव सभा में सीधे कहा कि भूपेश बघेल सरकार ने तुष्टिकरण के लिए, वोट बैंक की राजनीति के लिए छत्तीसगढ़ के बेटे भुवनेश्वर साहू को लिंचिंग करवाकर मार दिया। भारतीय जनता पार्टी ने तय किया है कि हम भुवनेश्वर साहू के हत्यारों को उनके अंजाम तक पहुंचाएंगे और इसके प्रतीक के रूप में उनके पिता ईश्वर साहू को चुनाव मैदान में उतारा है।"

कांग्रेस महासचिव ने आगे कहा, "अमित शाह का यह बयान ना केवल आपत्तिजनक है बल्कि इसका एकमात्र उद्देश्य शांत प्रदेश छत्तीसगढ़ में सांप्रदायिक हिंसा भड़काना है। गृह मंत्री ने चुनावी फ़ायदे की नीयत से उन्माद भड़काने के लिए यह बयान दिया है। उन्होंने जो कहा है वह बिल्कुल झूठ है। हक़ीक़त यह है कि हिंसा और प्रति हिंसा के इस मामले में सरकार ने त्वरित कार्रवाई की थी और आरोपियों को गिरफ़्तार करके जेल भेजा था।"

जयराम रमेश ने कहा कि छत्तीसगढ़ में साफ़ दिख रही अपनी हार से बौखलाए अमित शाह अब सांप्रदायिकता का सहारा लेना चाहते हैं। इस मामले में अब आचार संहिता के बीच पहली ज़िम्मेदारी सीधे चुनाव आयोग की है। वह इस भड़काऊ बयान का संज्ञान ले और अमित शाह के विरुद्ध मामला दर्ज़ कर उचित कार्रवाई करे। ऐसा न हुआ तो आशंका है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा आगे भी अपने चुनाव अभियान में सांप्रदायिकता फ़ैलाने से बाज नहीं आयेगी।

टॅग्स :अमित शाहविधानसभा चुनाव 2023छत्तीसगढ़कांग्रेसचुनाव आयोग
Open in App

संबंधित खबरें

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतपश्चिम बंगाल चुनावः 4660 अतिरिक्त मतदान केंद्र?, कुल संख्या 85379 और 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में पड़ेंगे वोट

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो