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अरुण जेटली को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया, कई शीर्ष नेताओं ने एम्स पहुंचकर जाना हाल

By भाषा | Updated: August 18, 2019 02:08 IST

जेटली के स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल समेत कई नेता अस्पताल पहुंचे।

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ठळक मुद्देजेटली को नौ अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विभिन्न विभागों के डॉक्टरों की एक टीम उनकी स्थिति की निगरानी कर रही है।

नयी दिल्ली, 17 अगस्त: पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को यहां एम्स में जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है। सूत्रों ने इस बारे में जानकारी दी है। जेटली के स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल समेत कई नेता अस्पताल पहुंचे। सूत्रों ने बताया कि जेटली (66) को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है और विभिन्न विभागों के डॉक्टरों की एक टीम उनकी स्थिति की निगरानी कर रही है। जेटली को नौ अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एम्स ने जेटली की स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में 10 अगस्त से कोई बुलेटिन नहीं जारी किया है।

सूत्रों ने बताया कि जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन, भाजपा के सतीश उपाध्याय और कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी और ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ भी जेटली का हाल जानने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पहुंचे। बसपा प्रमुख और उत्तरप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती भी उनके स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए अस्पताल पहुंचीं। मायावती ने ट्वीट किया, ‘‘पूर्व केन्द्रीय वित्त एवं रक्षा मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली के स्वास्थ्य का हालचाल लेने आज नयी दिल्ली के एम्स अस्पताल गई। उनके परिवार के लोगों से मिलकर उन्हें दिलासा दिलाने के साथ-साथ कुदरत से प्रार्थना भी है कि वह श्री जेटली को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दे।’’

सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी की समस्या के बाद जेटली को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस साल मई में उपचार के लिए वह एम्स में भर्ती हुए थे। पेशे से वकील जेटली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में उनकी कैबिनेट का महत्वपूर्ण हिस्सा थे। उनके पास वित्त और रक्षा का प्रभार था और सरकार के लिए वह संकटमोचक की भूमिका में रहे। खराब स्वास्थ्य के कारण जेटली ने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा।

पिछले साल 14 मई को एम्स में उनके गुर्दे का प्रतिरोपण हुआ था। उस समय रेल मंत्री पीयूष गोयल को उनके वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गयी थी। पिछले साल अप्रैल की शुरुआत से ही वह कार्यालय नहीं आ रहे थे और वापस 23 अगस्त 2018 को वित्त मंत्रालय आए। लंबे समय तक मधुमेह रहने से वजन बढ़ने के कारण सितंबर 2014 में उन्होंने बैरिएट्रिक सर्जरी करायी थी। हर्षवर्द्धन ने शुक्रवार को कहा था, ‘‘एम्स में डॉक्टर अपना हर मुमकिन प्रयास कर रहे हैं।’’ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जेटली के स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए शुक्रवार को एम्स पहुंचे थे।

टॅग्स :अरुण जेटलीएम्स
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