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जम्मू कश्मीर में इंटरनेशनल बार्डर पर 10 दिनों के बाद मिली एक और सुरंग, अब तक मिल चुकी है 12 सुरंगें

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: January 23, 2021 14:56 IST

इंटरनेशनल बॉर्डर पर 2012 से अब तक 12 सुरंगों का पता लगाया जा चुका है। वर्ष 2012 और 2014 में अखनूर सेक्टर में दो सुरंगों का पता लगाया गया था।

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ठळक मुद्देइसके अलावा, 2013 में सांबा सेक्टर में एक सुरंग मिली थी।वर्ष 2016 में दो और 2017 में भी दो सुरंगें मिली थीं।

जम्मू, 23 जनवरी। मात्र दस दिनों के अंतराल के बाद इंटरनेशनल बार्डर पर पाकिस्तान द्वारा खोदी गई सबसे लंबी और गहरी एक और सुरंग मिली है। इससे पहले 13 जनवरी को भी एक सुरंग मिली थी।

दो माह में तीन सुरंगें मिल चुकी हैं जबकि वर्ष 2012 के बाद इंटरनेशनल बार्डर पर मिलने वाली सुरंगों में इसका क्रम 12वां है।

सीमा सुरक्षा बल ने शनिवार को जम्मू कश्मीर में हीरानगर के पनसर में एक सुरंग का पता लगाया है। इसकी लंबाई 150 मीटर और गहराई 30 फीट बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि इसका निर्माण पाकिस्तानी खुफिया विभाग ने आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराने के लिए किया था।  

जानकारी के अनुसार, हीरानगर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अब पंजाब से सटे पानसर और पहाड़पुर के बीच जीरो लाइन और तारबंदी के बीच टनल मिली है। हीरानगर में 10 दिन के बीच में पाकिस्तान से की ओर से खोदी गई की दूसरी टनल मिलने का मामला है।

4 दिन पहले इसी स्थान पर मिला था एक बड़ा गड्ढा, जांच के लिए मौके पर अधिकारी पहुंच गए हैं। इससे पहले बोबिया क्षेत्र में 13 जनवरी को डेढ़ सौ मीटर लंबी टनल मिली थी ।

अधिकारी कहते हैं कि सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सुरंगें खोदने के लिए पाकिस्तान पेशेवर इंजीनियरों की मदद ले रहा है। इसी वजह से सैकड़ों मीटर लंबी सुरंगों को खोदने पर भी इसकी भनक नहीं लग रही।

हालांकि, बीएसएफ के एंटी टनल अभियान ने आरएस पुरा, सांबा से लेकर हीरानगर सेक्टर तक सुरंगों को खोजने में सफलता हासिल की है।

इंटरनेशनल बार्डर पर 2012 से अब तक 12 सुरंगों का पता लगाया जा चुका है। वर्ष 2012 और 2014 में अखनूर सेक्टर में दो सुरंगों का पता लगाया गया था। इसके अलावा, 2013 में सांबा सेक्टर में एक सुरंग मिली थी। वर्ष 2016 में दो और 2017 में भी दो सुरंगें मिली थीं।

जानकारी के लिए वर्ष 2016 में ही मार्च में भी बीएसएफ ने आरएसपुरा सेक्टर में एक सुरंग का पता लगाकर पाकिस्तान की साजिश को नाकाम कर दिया था। अखनूर सेक्टर में भी यही हुआ था।

आरएस पुरा सेक्टर में मिली सुरंग 22 फीट लंबी थी। इसे बनाने के लिए लेेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया था।

वर्ष 2016 के दिसंबर महीने में भी बीएसएफ को जम्मू के चमलियाल में 80 मीटर लंबी और 2 गुणा 2 फीट की एक सुरंग मिली थी। तब बीएसएफ ने कहा था कि सांबा सेक्टर में मारे गए तीन आतंकियों ने इसी का इस्तेमाल किया था। फरवरी 2017 में भी रामगढ़ सेक्टर में एक सुरंग का पता लगाया गया था।

उसका एक सिरा भारत और दूसरा पाकिस्तान में था। अक्टूबर 2017 में अरनिया सेक्टर में भी एक सुरंग मिली थी। सुरंगें मिलने वाले स्थान से जम्मू-पठानकोट राजमार्ग करीब 10 किमी की दूरी पर है और रेल लाइन 3 से 4 किमी की दूरी पर है।

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