लाइव न्यूज़ :

विदेशी मीडिया दुनिया में झूठा नैरेटिव गढ़ रहा है कि हम सरकार के विचारों का पालन-पोषण कर रहे हैंः ANI संपादक स्मिता प्रकाश

By अनिल शर्मा | Updated: April 2, 2023 17:51 IST

Lokmat Media Conclave: स्मित प्रकाश ने कहा कि मुझे नहीं पता कि कौन यह फैसला करेगा कि आपकी लक्ष्मण रेखा ये है। हम मानते हैं कि जो सच है वही लक्ष्मण रेखा है। लेकिन ये कहें कि इस नियम और इस तरीके से काम करें, तो लोकतंत्र ऐसे काम नहीं करता है। स्मिता प्रकाश ने कहा कि हमारे पास विचारों और दृष्टिकोणों की बहुलता है। और मेरे ख्याल से यह लोकतंत्र की सबसे अच्छी बात है।

Open in App
ठळक मुद्देसमाचार एजेंसी एएनआई की संपादक स्मिता प्रकाश ने कहा कि मीडिया पर आरोप लगाना बहुत आसान है।स्मिता प्रकाश ने कहा, सच्ची खबरों का बहुतायत दर्शकों तक पहुंचाना ही हमारे लिए पुरस्कार है।

नागपुरः 'क्या भारतीय मीडिया का पूरी तरह धुव्रीकरण हो चुका है?' विषय पर अपनी राय रखते हुए लोकमत मीडिया कॉन्क्लेव में एएनआई यानी एशियन न्यूज इंटरनेशनल की संपादक (समाचार) स्मिता प्रकाश ने कहा कि ध्रुवीकरण अच्छी बात हैं। क्योंकि आज सबके पास मोबाईल है, सोशल मीडिया है, किसी को किसी के बारे में कहने के लिए हमारी जरूरत नहीं या किसी चैनल की जरूरत नहीं। आज प्रधानमंत्री ने क्या कहा, वह ये बता सकते हैं। 

स्मिता ने कहा कि आज राहुल गांधी आरोप लगाते हैं कि मीडिया मुझे कवर नहीं कर रहा, मीडिया पक्षपाती हो गया है। लेकिन भारत जोड़ो यात्रा के एक-एक दिन को भारतीय मीडिया ने कवर किया। राहुल गांधी जब प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं, सारे मीडिया चैनल कवर करते हैं। मीडिया पर यह आरोप लगाना बहुत आसान है कि ये मोदी समर्थक हैं, राहुल समर्थक हैं, पवार समर्थक हैं या फिर ममता समर्थक हैं। गालियां खा खाकर हमारी चमड़ी मोटी हो चुकी है। 

विदेशी मीडिया का जिक्र करते हुए स्मिता ने कहा कि विदेशी मीडिया दुनिया में ये नैरेटिव गढ़ रहा है कि भारतीय मीडिया अपना काम नहीं कर रही है। हम खबरों को कवर नहीं कर रहे हैं बल्कि हम सरकार के विचारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। तीन दिन पहले टाइम मैगजीन ने एक स्टोरी लिखी थी जिसमें कहा गया था- 'इंडियन टर्नड ए मैनहंट इनटू मास रिप्रेशन. द मीडिया इस फेलिंग टू टेल द राइट स्टोरी।' स्टोरी का मुख्य हिस्सा यह था कि अमृतपाल की गिरफ्तारी के दौरान मानवाधिकार का उल्लंघन किया गया, क्योंकि वहां इंटरनेट और मैसेजेज पर रोक लगा दी गई। लेकिन इनको पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन में इसकी चिंता नहीं होती। 

 स्मिता प्रकाश ने कहा कि यह कौन तय करेगा कि मीडिया की लक्ष्मण रेखा ये होनी चाहिए। उन्होंने कहा, अलग-अलग पत्रकारों के लिए अलग-अलग लक्ष्मण रेखा हो सकती है। मुझे नहीं पता कि कौन यह फैसला करेगा कि आपकी लक्ष्मण रेखा ये है। हम मानते हैं कि जो सच है वही लक्ष्मण रेखा है। लेकिन ये कहें कि इस नियम और इस तरीके से काम करें, तो लोकतंत्र ऐसे काम नहीं करता है। स्मिता प्रकाश ने कहा कि हमारे पास विचारों और दृष्टिकोणों की बहुलता है। और मेरे ख्याल से यह लोकतंत्र की सबसे अच्छी बात है। 

गौरतलब है कि वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी एवं लोकमत के संस्थापक संपादक जवाहरलाल दर्डा की जन्मशताब्दी एवं लोकमत नागपुर संस्करण के स्वर्ण महोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार, 2 अप्रैल को 'क्या भारतीय मीडिया का पूरी तरह धुव्रीकरण हो गया है?" विषय पर रामदासपेठ स्थित होटल सेंटर प्वाइंट में  'लोकमत नेशनल मीडिया कॉन्क्लेव' का आयोजन किया गया है। 

टॅग्स :लोकमत नेशनल कॉन्क्लेवलोकमत नागपुर
Open in App

संबंधित खबरें

भारतLokmat Parliamentary Awards 2025: डॉ. विजय दर्डा ने कहा- लोकमत लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है

भारतLokmat Parliamentary Awards 2025 : आरपीआई प्रमुख रामदास आठवले ने कहा- मैं जिनके साथ रहता हूं उन्हें सत्ता मिलती है

भारतLokmat National Conclave 2025: 'विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका का अस्तित्व देश के आम नागरिकों के अधिकार, न्याय को सुनिश्चित करना है', पूर्व सीजेआई बीआर गवई बोले

भारतLokmat National Conclave 2025: चुनावों के दौरान मुफ्त की स्कीम देने पर मनोज झा ने दी प्रतिक्रिया, बोले- "चुनाव अब निष्पक्ष चुनाव जैसा नहीं रहा"

भारतLokmat National Conclave 2025: वर्तमान में भारतीय लोकतंत्र के स्तंभ और ताकत पर बोले कांग्रेस नेता सिंघवी, कही ये बात

भारत अधिक खबरें

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम