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कोरोना संक्रमण की वजह से इस साल अमरनाथ यात्रा रद्द, सुबह व शाम में आरती का होगा सीधा प्रसारण

By भाषा | Updated: July 22, 2020 05:11 IST

मंगलवार को आए फैसले के बाद इस वार्षिक यात्रा को लेकर लगायी जा रही अटकलों पर विराम लग गया है।

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ठळक मुद्देदेश में जुलाई में खासतौर पर कोविड-19 के मामलों में वृद्धि देखी गई है और ऐसे में स्वास्थ्यकर्मी एवं सुरक्षा बलों के जवान भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में यात्रियों के लिए भी जोखिम बढ़ जाएगा इसलिए यात्रा रद्द करने का फैसला लिया गया। 

श्रीनगर: श्री अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) ने कोविड-19 महामारी के चलते जम्मू-कश्मीर के धार्मिक स्थलों को बंद रखे जाने के मद्देनजर मंगलवार को इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा रद्द करने का फैसला किया है। बोर्ड के अध्यक्ष उप राज्यपाल जीसी मुर्मू की अध्यक्षता में हुई मंदिर बोर्ड की एक बैठक में वार्षिक अमरनाथ यात्रा को रद्द करने का निर्णय लिया गया।

बोर्ड ने एक बयान में कहा, '' परिस्थितियों के आधार पर, बोर्ड ने भारी मन से फैसला किया कि इस वर्ष की श्री अमरनाथजी यात्रा का आयोजन और संचालन करना उचित नहीं है और 2020 की यात्रा रद्द करने की घोषणा करने का हमें खेद है।''

इसके मुताबिक, बोर्ड दिन में दो बार प्रार्थना का सीधा प्रसारण करेगा। बोर्ड ने कहा कि वह जागरूक है और लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करता है। ऐसे में धार्मिक भावनाओं को जीवित रखने के लिए बोर्ड सुबह एवं शाम की आरती का सीधा प्रसारण अथवा डिजिटल दर्शन जारी रखेगा।

पारंपरिक अनुष्ठान पूर्व की तरह ही आयोजित होंगे। साथ ही छड़ी मुबारक के लिए सरकार सुविधा प्रदान करेगी। शुरुआत में प्रस्तावित 42 दिवसीय यात्रा 23 जून को कश्मीर के पहलगाम और गांदरबल के दो ट्रैक से शुरू होनी तय थी, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण इसे टाल दिया गया।

इस महीने की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस वर्ष ''सीमित तौर पर'' यात्रा संचालन के संबंध में अपनी योजना की घोषणा की थी, जिसके तहत जम्मू से प्रतिदिन केवल 500 श्रद्धालुओं को सड़क के रास्ते पवित्र गुफा जाने की अनुमति प्रदान की जानी थी।

मंगलवार को आए फैसले के बाद इस वार्षिक यात्रा को लेकर लगायी जा रही अटकलों पर विराम लग गया। एक प्रवक्ता ने कहा, '' बोर्ड ने उच्चतम न्यायालय के 13 जुलाई 2020 के फैसले पर चर्चा की, जिसमें जम्मू-कश्मीर के जमीनी हालात का जायजा लेने के बाद यात्रा के संबंध में निर्णय लेने की जिम्मेदारी प्रशासन/सरकार पर छोड़ी गई थी।''

उन्होंने कहा कि जुलाई में खासतौर पर कोविड-19 के मामलों में वृद्धि देखी गई है और ऐसे में स्वास्थ्यकर्मी एवं सुरक्षा बलों के जवान भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। साथ ही प्रशासन समेत अन्य संस्थाएं भी महामारी से निपटने में लगी हुई हैं। ऐसे में यात्रियों के लिए भी जोखिम बढ़ जाएगा इसलिए यात्रा रद्द करने का फैसला लिया गया। 

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